Monday, June 1, 2026
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एंट्री टैक्स मामला : सुखविंदर सिंह सुक्खू और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बिच हुई बातचीत में मुद्दे को सुलझाने की हुई पहल

शिमला (न्यूज़डे नेटवर्क): प्रदेश और पंजाब के बीच एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल सुझझने की दिशा में जाता हुआ नजर आ रहा है. पंजाब सरकार के कड़े एतराज और सीमावर्ती इलाकों में विरोध प्रदर्शनों के बाद हिमाचल सरकार सोमवार को बैकफुट पर नजर आई. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के आदेशों पर आबकारी एवं कराधान विभाग नई दरों में कटौती के कार्य में जुट गया है.सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बातचीत कर इस मुद्दे को सुलझाने की पहल की है. कैबिनेट बैठक में भी इस पूरे मसले पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद सरकार ने एंट्री टैक्स के फैसले पर पुनर्विचार की बात में कही है. मुख्यमंत्री ने ही आबकारी और कराधान विभाग को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की दोबारा समीक्षा कर रिपोर्ट पेश की जाए. ऐसे में अब पंजाब से हिमाचल में एंट्री टैक्स की दरें कम की जाएंगी.

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू कह चुके हैं कि पंजाब के साथ लगते क्षेत्रों और वहां के लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार समाधान निकाल रही है, कुछ वाहनों की दरों पर भी पुनर्विचार होगा. नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा है.दरअसल, सबसे ज्यादा विरोध छोटे वाहनों का टैक्स 70 रुपये से बढ़ाकर 170 किए जाने का विरोध है. व्यावसायिक वाहनों पर भी भारी भरकम बढ़ोतरी की गई है, नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होनी हैं. सुक्खू सरकार प्रवेश द्वारों पर वाहनों की एंट्री के लिए अब फास्टैग से वसूली का निर्णय लिया है, इसके लिए एनएचएआई के नियमों की पालना की जाएगी.

सरकार ने व्यावसायिक वाहनों की बात करें तो अब 6 से 12 सीट वाले यात्री वाहनों को 130 रुपये और 12 से अधिक वाले वाहनों को 200 रुपये देने होंगे. बड़े मालवाहक वाहनों का 720 की जगह 900 रुपये, निर्माण कार्य की मशीनरी ले जाने वाले वाहनों का 570 की जगह 800 रुपये शुल्क देना पड़ेगा. दूसरे राज्यों के नंबर वाले भारी मालवाहक गाड़ियों के साथ हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत इन वाहनों से भी यह शुल्क वसूला जाएगा. प्रदेश के मालवाहक वाहनों को प्रवेश शुल्क में छूट नहीं दी गई है. व्यावसायिक वाहनों से 320 की जगह 600 रुपये, 32 सीटर मिनी बस के 180 की जगह 320, डबल एक्सेल बस और ट्रक के 570 रुपये, ट्रैक्टर के 100 रुपये और रिक्शा के प्रवेश के 30 रुपये लगेंगे. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय किए प्रवेश शुल्क के आधार पर ही त्रैमासिक और सालाना पास बनाए जाएंगे.

दो दिन में तैयार होगा पंचायतों का आरक्षण रोस्टर, विभाग ने जारी किए निर्देश

शिमला (न्यूज़डे नेटवर्क): राज विभाग ने प्रदेशभर की पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के सदस्यों, प्रधानों व अध्यक्षों के पदों के लिए आरक्षण रोस्टर 31 मार्च 2026 तक अधिसूचित किया जाए। विभाग द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पंचायत प्रतिनिधियों के आरक्षण से संबंधित पूरा डेटा, गणना पत्र (कैलकुलेशन शीट) और ड्राफ्ट रोस्टर की हार्ड कॉपी के साथ एक्सेल शीट 26 मार्च 2026 तक विभाग को उपलब्ध करवाई जाए।

यह जानकारी रैंडम जांच के उद्देश्य से मांगी गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आरक्षण प्रक्रिया में नियमों का पूरी तरह पालन हो रहा है। विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि भेजे जाने वाले सभी दस्तावेजों पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर प्रत्येक पेज पर अनिवार्य रूप से होने चाहिए। पंचायती राज विभाग ने इस प्रक्रिया को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए सभी जिलों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

पांवटा साहिब में कार शोरूम में चोरी, लाखों की नकदी पर हाथ साफ

पांवटा साहिब 24 मार्च (कपिल शर्मा): उपमंडल पांवटा साहिब के भूपपुर क्षेत्र में चोरों ने एक कार शोरूम को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की नकदी चोरी कर ली। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पांवटा साहिब स्थित एरना व नेक्सा कार शोरूम में देर रात अज्ञात चोर शटर के ताले तोड़कर अंदर घुस गए। चोरों ने कैश काउंटर का लॉक भी तोड़ दिया और वहां रखी करीब 3 लाख 98 हजार 420 रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए। शोरूम के कैशियर कुलदीप दत्त ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रात को कर्मचारी रोजाना की तरह शोरूम बंद कर घर चले गए थे। सुबह जब कर्मचारी पहुंचे तो शटर के ताले टूटे हुए मिले। अंदर जाकर देखा तो कैश काउंटर का लॉक भी टूटा था और नकदी गायब थी। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई! सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने एक नाबालिग को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिया गया नाबालिग पहले भी चोरी के मामलों में शामिल रह चुका है और बाल सुधार गृह में रहकर आ चुका है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और चोरी गई नकदी की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश में जुटी हुई है।

पुरूवाला में वन विभाग की जमीन पर खेल मैदान बनाने के आरोप, स्थानीय युवाओं को नहीं दी जाती खेलने की अनुमति

पांवटा साहिब, 24 मार्च (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब के पुरुवाला क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर खेल मैदान बनाने के आरोप लग रहे हैं । श्री पांवटा साहिब विकास मंच ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप और जांच की मांग उठाई है। पांवटा साहिब विकास मंच द्वारा वन मंडलाधिकारी को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि तिब्बती सोसाइटी द्वारा करीब 15 बीघा वन भूमि पर बिना किसी अनुमति के खेल मैदान तैयार किया गया है, पत्र में आरोप लगाया गया है की तिब्बती समुदाय के लोगों द्वारा स्थानीय युवाओं को बाहरी बता कर उन्हें खेलने की इजाज़त नहीं दी जाती है जिससे विवाद हो गया है और पूरे मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है।

मंच का कहना है कि यह खेल मैदान क्षेत्र की लगभग 15 से 18 पंचायतों के युवाओं, विशेषकर क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। लेकिन तिब्बती सोसाइटी द्वारा स्थानीय युवाओं को “बाहरी” बताकर मैदान में खेलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे युवाओं में भारी रोष व्याप्त है।

विकास मंच ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका तिब्बती समुदाय से किसी प्रकार का कोई विरोध या मतभेद नहीं है और वे उनके शांतिप्रिय एवं अनुशासित जीवन का सम्मान करते हैं। लेकिन सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर स्थानीय युवाओं को ही उससे वंचित रखना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
विकास मंच के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने वन विभाग से मांग की है कि जमीन की डिमार्केशन करवाई जाए और यह मैदान स्थानीय लोगों के लिए खोला जाए ताकि इस मैदान में स्थानीय युवा भी खेल सकें उन्होंने आगे कहा की इस मैदान का हक लेने के लिए यदि आंदोलन का रास्ता भी अपनाना पड़े तो हम वो भी करेंगे! वही इस मामले पर जब डीएफओ पांवटा साहिब वेद प्रकाश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास शिकायत आई है और आरओ को बोल कर जांच करवाई जाएगी कि मैदान किसकी जमीन पर बना है जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी!

पांवटा साहिब में SIT की बड़ी कार्रवाई, 6.66 ग्राम चिट्टा के साथ युवक गिरफ्तार

पांवटा साहिब, 19 मार्च (कपिल शर्मा): जिला सिरमौर पुलिस की विशेष अन्वेषण टीम (SIT) ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने केदारपुर क्षेत्र में नाकेबंदी के दौरान एक युवक को 6.66 ग्राम चिट्टा/स्मैक सहित रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि शाहरुख पुत्र गुलजार अली, निवासी भगवानपुर (पुरूवाला), लंबे समय से पांवटा साहिब और आसपास के क्षेत्रों में चिट्टा तस्करी में संलिप्त है। सूचना में यह भी बताया गया था कि आरोपी केदारपुर स्थित विद्या पीठ सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पीछे एक निर्माणाधीन मकान के पास ग्राहक की तलाश में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कैरी बैग से 6.66 ग्राम चिट्टा/स्मैक बरामद हुआ।

जिला पुलिस अधीक्षक सिरमौर, निश्चित सिंह नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना पांवटा साहिब में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी नशा कहां से लाता था और किन-किन लोगों तक इसकी सप्लाई करता था।

जल शक्ति विभाग पांवटा में स्टाफ का भारी टोटा: 772 में से 475 पद खाली, जनता प्यासी

पांवटा साहिब (कपिल शर्मा): उपमंडल पांवटा साहिब के तहत आने वाले जल शक्ति विभाग के डिवीजन में कर्मचारियों और अधिकारियों की भारी कमी के कारण विभागीय ढांचा चरमरा गया है। आलम यह है कि स्वीकृत पदों की तुलना में वर्तमान में आधे से भी कम कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिसका सीधा असर क्षेत्र की 50 पंचायतों और 117 गांवों की पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा है।

आंकड़ों में समझें विभाग की बेबसी

विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जल शक्ति डिवीजन पांवटा में कुल 772 पद स्वीकृत हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से केवल 297 पदों पर ही कर्मचारी तैनात हैं, जबकि 475 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां होने के कारण विभाग अपने दैनिक कार्यों और विकास योजनाओं को गति देने में पूरी तरह असमर्थ दिखाई दे रहा है जिससे नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि विकास योजनाओं की रफ्तार भी थम सी गई है।

जेई और एई के पद खाली, तकनीकी काम प्रभावित

फील्ड स्टाफ के साथ-साथ विभाग में तकनीकी अधिकारियों का भी भारी अभाव है जूनियर इंजीनियर (JE) के 8 पद रिक्त है जबकि असिस्टेंट इंजीनियर (AE) के 2 पद रिक्त चल रहे हैं इन तकनीकी विशेषज्ञों की कमी के कारण नई योजनाओं की ड्राइंग, डिजाइनिंग और चल रही योजनाओं की समयबद्ध मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। कनिष्ठ अभियंताओं पर काम का बोझ इतना अधिक है कि वे शिकायतों का निपटारा समय पर नहीं कर पा रहे हैं नतीजतन, छोटे-छोटे कार्य लंबित पड़े हैं और समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।

50 पंचायतों की प्यास बुझाना बनी चुनौती

50 पंचायतों और 117 गांवों के विशाल भौगोलिक क्षेत्र जिसमे 1 लाख 54 हज़ार लोगो में पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता सुनिश्चित करना वर्तमान स्टाफ के लिए “टेढ़ी खीर” साबित हो रहा है। पाइप लाइनों में लीकेज कई दिनों तक ठीक नहीं हो पाते, जबकि मोटर खराब होने पर पानी की सप्लाई ठप हो जाती है। शिकायतों के समाधान में लगातार देरी हो रही है। इन हालातों के चलते ग्रामीणों को कई बार दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है और विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है।

मौजूदा स्टाफ पर बढ़ा काम का बोझ

जल शक्ति विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण मौजूदा स्टाफ पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि एक-एक कर्मचारी को कई जिम्मेदारियां एक साथ निभानी पड़ रही हैं। फील्ड कार्यों के साथ-साथ दफ्तर का काम भी संभालना पड़ रहा है, जिससे शिकायतों के निपटारे में देरी हो रही है। मरम्मत कार्यों और नई योजनाओं के क्रियान्वयन दोनों पर इसका असर साफ नजर आ रहा है।

गर्मी से पहले ही हाल बेहाल, आगे और बढ़ेगी मुश्किल

पांवटा साहिब क्षेत्र में जल शक्ति विभाग पहले से ही स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। ऐसे में आने वाला गर्मी का मौसम चिंता और बढ़ा सकता है। हर साल गर्मियों में जल स्रोतों का स्तर गिरने और खपत बढ़ने से पानी की मांग कई गुना बढ़ जाती है। मौजूदा हालात को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यदि समय रहते स्टाफ की कमी पूरी नहीं की गई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया, तो इस बार पेयजल संकट और गहरा सकता है। ऐसे में विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती कम संसाधनों के बीच बढ़ती मांग को संतुलित करते हुए नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना होगी।

पेयजल व्यवस्था पर मंडराया खतरा

जल शक्ति विभाग का स्टाफ संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। यदि जल्द ही खाली पदों को नहीं भरा गया, तो आने वाले समय में पेयजल संकट और गहरा सकता है। फिलहाल, कम कर्मचारियों के सहारे चल रहा यह विभाग लोगों की बुनियादी जरूरत ‘पानी’ को पूरा करने के लिए संघर्ष करता नजर आ रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी

अधिशाषी अभियंता जितेन्द्र ठाकुर ने बताया कि विभाग में स्टाफ की कमी के बारे में उच्च अधिकारियों को समय-समय पर अवगत कराया जाता रहा है। सीमित संसाधनों और कम कार्यबल के बावजूद विभाग जनता को बेहतर सेवाएं देने का प्रयास कर रहा है।

पांवटा साहिब में दर्दनाक हादसा: ड्यूटी से लौट रहे पटवारी की ट्रक की टक्कर से मौत

पांवटा साहिब, 18 मार्च (कपिल शर्मा): नेशनल हाईवे पर लापरवाही ने एक परिवार का सहारा छीन लिया। ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे एक पटवारी की तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार वीरेंद्र सिंह (40), निवासी कोडगा चांदनी, अपने पटवारखाना से कार्य समाप्त कर धौलाकुआं में अपनी कार के पास में खड़े थे। वह अपनी कार (HP 17J 4466) की डिग्गी से कुछ सामान निकाल रहे थे, तभी पीछे से तेज गति से आए एक ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गंभीर रूप से घायल वीरेंद्र सिंह को तुरंत सिविल अस्पताल पांवटा साहिब ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना से सिरमौर पटवारी संघ में भी शोक की लहर दौड़ गई है। संघ के पदाधिकारियों ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरनाक परिणामों की चेतावनी देता है।

एसपी सिरमौर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

डांडा व कालाअम्ब में गहराया पेयजल संकट, महिलाओं का जल शक्ति विभाग को अल्टीमेटम

पांवटा साहिब, 17 मार्च (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के आंज-भोज इलाके के गांव डांडा व कालाअम्ब में पेयजल संकट ने एक बार फिर गंभीर रूप धारण कर लिया है। समस्या से परेशान ग्रामीण महिलाओं ने आज जल शक्ति विभाग के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए विभाग को एक महीने का अल्टीमेटम दिया और विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं कविता, मित्रा, सीता, कांता, सुमन, अनीता, पूनम, ममता और गुलाबी देवी ने बताया कि अभी गर्मियों का मौसम पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन गांव में पेयजल की किल्लत ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। महिलाओं ने कहा कि हर वर्ष गर्मियों के आते ही यही समस्या विकराल रूप ले लेती है, जिससे घर-गृहस्थी का कामकाज बुरी तरह प्रभावित होता है और उन्हें दूर-दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ता है। महिलाओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जलापूर्ति के लिए लगाए गए पंप की मोटर बार-बार खराब हो जाती है, लेकिन विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय हर बार पुरानी मोटर को ही अस्थायी रूप से ठीक कर देता है। इससे समस्या का जड़ से समाधान नहीं हो पा रहा और ग्रामीणों को बार-बार उसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगी। उन्होंने विभाग से मांग की कि नई और बेहतर क्षमता वाली मोटर जल्द से जल्द लगाई जाए तथा जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

इस संबंध में जल शक्ति विभाग के एसडीओ परविंदर सिंह ने बताया कि रविवार को पंप खराब होने के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है। उन्होंने कहा कि खराब पंप को मरम्मत के लिए भेज दिया गया है और जल्द ही पानी की सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए नए पंप का एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है, जिसे स्वीकृति मिलते ही स्थापित किया जाएगा, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

माजरा में शरारती तत्वों का कहर, बिजली बोर्ड के एसडीओ से मारपीट

पांवटा साहिब, (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब उपमंडल के अंतर्गत पुलिस थाना माजरा क्षेत्र में कुछ युवकों द्वारा बिजली बोर्ड के एक सहायक अभियंता के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार रणजीत सिंह पुत्र दया राम, निवासी गांव हीरापुर, तहसील झंडूता, जिला बिलासपुर, जो कि गिरीनगर पावर हाउस में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि वह अपनी रात्रि ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें सड़क किनारे तीन व्यक्ति शराब पीते हुए दिखाई दिए। रणजीत सिंह के अनुसार जैसे ही वह उनके पास से गुजरे, आरोपियों ने उनके चेहरे पर टॉर्च की रोशनी डाली। जब उन्होंने इसका विरोध किया और कारण पूछा, तो आरोपियों ने उनके साथ बहस शुरू कर दी, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। आरोप है कि तीनों ने मिलकर उन्हें बुरी तरह पीटा, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एस॰पी॰ सिरमौर एन॰एस॰ नेगी ने पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पांवटा साहिब के वार्ड नंबर-6 शुभखेड़ा में टूटा सीवरेज ढक्कन बना मुसीबत, सड़क पर बह रहा गंदा पानी, लोगों में बीमारी का डर

पांवटा साहिब, (कपिल शर्मा) : पांवटा साहिब के वार्ड नंबर-6 शुभखेड़ा में बांगरन–पांवटा साहिब रोड पर टूटा सीवरेज ढक्कन लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। सीवरेज लाइन का ढक्कन टूटने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में बदबू फैल रही है और राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासी नवीन अग्रवाल, राकेश कुमार, अजीत सिंह और विशाल चौहान ने बताया कि सीवरेज का गंदा पानी सड़क पर बहने से आसपास के घरों और दुकानों तक बदबू फैल रही है। उन्होंने कहा कि अब गर्मियों का मौसम शुरू होने के कारण गंदे पानी में मच्छर भी पनपने लगे हैं, जिससे क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या पिछले कुछ समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया।लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को बदबू और संभावित बीमारियों के खतरे से राहत मिल सके। इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि भारी ट्रालों के आवागमन के कारण सीवरेज लाइन का ढक्कन टूट गया है, जिसके चलते गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जल्द ही ढक्कन को ठीक करवा कर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

कुंडियों गांव में बधाई लेने को लेकर किन्नरों के दो गुटों में मारपीट, क्रॉस केस दर्ज

पांवटा साहिब, 14 मार्च (कपिल शर्मा) : पांवटा साहिब उपमंडल के तहत पुलिस थाना माजरा क्षेत्र के गांव कुंडियों में बधाई लेने को लेकर किन्नरों के दो गुटों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर दोनों पक्षों ने पुलिस में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है ! पुलिस में दर्ज शिकायत में जोया महंत निवासी गुज्जर कॉलोनी बद्रीपुर ने बताया कि वह अपनी साथियों आशा, नैना और शिवानी के साथ गांव कुंडियों में बधाई लेने गई थी। इसी दौरान राजकुमारी उर्फ नर्गिस अपने साथियों समीर खान और खुशी उर्फ जानी के साथ वहां पहुंची और कथित तौर पर गाली-गलौच करते हुए डंडों से हमला कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार इस मारपीट में उसके बाजू, टांग और कमर में चोटें आई हैं।

वहीं दूसरी ओर राजकुमारी निवासी वार्ड नंबर 09 देवीनगर ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उसने बताया कि वह अपने साथी खुशी और चालक समीर के साथ गांव कुंडियों में बधाई लेने गई थी, जहां पहले से जोया, नैना, आशा और शिवानी मौजूद थे। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। राजकुमारी का आरोप है कि जोया ने उसे धक्का देकर गिरा दिया और लात-घूंसों से मारपीट की, जिससे उसे पेट, छाती और टांगों में चोटें आई हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

शिलाई बाजार में अवैध पार्किंग से जाम की समस्या, नागरिक सभा ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

शिलाई, 12 मार्च (न्यूज़डे नेटवर्क): शिलाई बाजार में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-707 पर अवैध पार्किंग के कारण लगने वाले जाम से परेशान स्थानीय लोगों ने प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की है। इस संबंध में शिलाई नागरिक सभा ने उपमंडलाधिकारी (SDM) शिलाई को एक लिखित शिकायत सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की अपील की है। शिकायत में कहा गया है कि शिलाई बाजार से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन निजी वाहन दुकानों के सामने तथा सड़क के बीचों-बीच खड़े कर दिए जाते हैं। इसके कारण बाजार में लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे न केवल स्थानीय व्यापारियों बल्कि आम जनता और राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नागरिक सभा के अनुसार कई बार वाहन मालिक दुकानों के सामने इस तरह वाहन खड़े कर देते हैं कि दुकानों तक आने-जाने के लिए पर्याप्त रास्ता भी नहीं बचता। जब दुकानदार या स्थानीय लोग उनसे वाहन हटाने का अनुरोध करते हैं तो कई बार विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है, जिससे बाजार का माहौल तनावपूर्ण हो जाता है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाजार में तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिसके चलते अवैध पार्किंग की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और लोगों के बीच बहस व विवाद की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। शिलाई नागरिक सभा ने प्रशासन से मांग की है कि NH-707 के किनारे अवैध पार्किंग पर तुरंत रोक लगाई जाए, बाजार क्षेत्र को नो-पार्किंग जोन घोषित कर स्पष्ट संकेतक (साइन बोर्ड) लगाए जाएं, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए नियमित ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान या कानूनी कार्रवाई की जाए तथा बाजार के लिए वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाए।

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