पांवटा साहिब, 14 अप्रैल (कपिल शर्मा): शिलाई क्षेत्र में इन दिनों खेल और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां पंचायत मेदान में फ्रैंड्स क्लब शिलाई द्वारा आयोजित की जा रही विशेष क्रिकेट प्रतियोगिता ‘लीजेंड प्रीमियम लीग’ पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह है कि इसमें 40 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं और अपने खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह इस प्रतियोगिता का दूसरा संस्करण है और यह प्रतियोगिता अपने दूसरे संस्करण के साथ और भी बड़े स्तर पर आयोजित की जा रही है। पिछले वर्ष आयोजित पहले संस्करण में जहां 14 टीमों ने भाग लिया था, वहीं इस बार खिलाड़ियों के बढ़ते उत्साह को देखते हुए कुल 24 टीमों ने हिस्सा लिया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में इस प्रतियोगिता के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। प्रतियोगिता के प्रारूप की बात करें तो सभी टीमों को प्रारंभिक चरण में दो-दो लीग मैच खेलने होंगे। इन मुकाबलों में प्राप्त अंकों के आधार पर टीमों का चयन अगले दौर के लिए किया जाएगा। इसके बाद नॉकआउट चरण में मुकाबले और भी रोमांचक हो जाएंगे, जहां सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीमें फाइनल तक पहुंचेंगी। अंत में विजेता टीम को सम्मान राशि और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा। मैदान में उतर रहे खिलाड़ी भले ही उम्र के चौथे दशक को पार कर चुके हों, लेकिन उनके खेल के प्रति जुनून और ऊर्जा किसी युवा खिलाड़ी से कम नहीं दिख रही। लंबे समय बाद मैदान में लौटे ये खिलाड़ी न केवल अपनी पुरानी यादों को ताजा कर रहे हैं, बल्कि दर्शकों को भी रोमांचक मुकाबलों का आनंद दे रहे हैं।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ऐसे खिलाड़ियों को एक मंच प्रदान करना है, जो पारिवारिक और पेशेवर जिम्मेदारियों के चलते खेल से दूर हो चुके हैं। ‘ लीजेंड प्रीमियम लीग’ के माध्यम से उन्हें फिर से मैदान में आने का अवसर मिला है, जिससे उनमें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हो रहा है। इसके साथ ही यह प्रतियोगिता सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। खेल के बहाने विभिन्न गांवों और क्षेत्रों के लोग एक मंच पर एकत्रित हो रहे हैं, जिससे आपसी मेल-मिलाप, भाईचारा और सामंजस्य को बढ़ावा मिल रहा है। दर्शकों की भारी उपस्थिति भी इस आयोजन की लोकप्रियता को दर्शा रही है।
इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे खिलाड़ियों दया राम, माया राम, दलीप शर्मा, काका राम, सतीश शर्मा, सुनील शर्मा आदि का कहना है कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि समाज को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी हैं। भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे क्षेत्र में खेल संस्कृति को और मजबूती मिल सके।


