Thursday, August 20, 2026
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युवक-युवती को 4 दिन का पुलिस रिमांड, हत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस

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पांवटा साहिब, 20 अगस्त (कपिल शर्मा): विश्वकर्मा चौक के पास बीते दिन हुई व्यक्ति की हत्या के मामले में पुलिस ने हिरासत में लिए गए एक युवक और युवती को आज मेडिकल करवाने के बाद न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान हत्या के कारणों और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाने का प्रयास करेगी। बता दें कि तड़के करीब दो बजे विश्वकर्मा चौक पर एक व्यक्ति खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला था। उसकी गर्दन से तेज रक्तस्राव हो रहा था। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी और दिनभर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस ने शाम के समय मुहम्मद आमिर और रेखा नामक युवक-युवती को हिरासत में लिया था। आज दोनों का मेडिकल करवाने के बाद पुलिस ने उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से चार दिन का पुलिस रिमांड मिला। अब पुलिस पूछताछ के माध्यम से हत्या के पीछे के कारण, वारदात में उनकी कथित भूमिका और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को सामने लाने में जुटी है।

बागनधार माइन हादसा, मलबे में दबे तीनों लोगों के शव बरामद, अनिल के बाद धन सिंह और गजेंद्र सिंह के शव भी निकाले

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पांवटा साहिब, 19 अगस्त (कपिल शर्मा) : कमरऊ तहसील के बागनधार स्थित माइन में हुए भारी भूस्खलन के बाद कई घंटों तक चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार देर शाम तीनों शवों की बरामदगी के साथ पूरा हुआ। हादसे में मलबे की चपेट में आए ट्रक चालक समेत तीनों लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इनमें बड़वास निवासी अनिल कुमार, नेपाली मजदूर धन सिंह और नेपाली मूल के गजेंद्र सिंह शामिल हैं।
हादसे के बाद से एन.डी.आर.एफ., पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोग लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हुए थे। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच बचाव दलों ने दिनभर मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश जारी रखी।

पहले मिला अनिल कुमार का शव

रेस्क्यू अभियान के दौरान सबसे पहले ट्रक चालक अनिल कुमार (26) निवासी बड़वास, तहसील कमरऊ, जिला सिरमौर का शव मलबे से बरामद किया गया। इसके बाद बचाव दलों ने मलबे में फंसे अन्य दो लोगों की तलाश जारी रखी। शाम करीब 5 बजकर 48 मिनट पर नेपाली मजदूर धन सिंह (55), निवासी नगरपालिका बेदकोट, जिला कंचनपुर, नेपाल का शव भी मलबे से बरामद कर लिया गया।

अंधेरा होने से पहले तीसरा शव भी निकाला

रेस्क्यू अभियान के दौरान क्षेत्र में घनी बरसाती धुंध के कारण कुछ समय के लिए बचाव कार्य प्रभावित हुआ। इसके बावजूद टीमों ने अभियान जारी रखा। अंधेरा होने और रेस्क्यू रोकने से ठीक पहले तीसरे व्यक्ति का शव भी मलबे से निकाल लिया गया। मृतक की पहचान नेपाली मूल के गजेंद्र सिंह, उम्र करीब 50 से 55 वर्ष के रूप में हुई है। उनका शव करीब साढ़े 6 बजे बरामद किया गया। इस तरह बुधवार को दिनभर चले रेस्क्यू अभियान में मलबे में दबे तीनों लोगों के शव बरामद कर लिए गए।

एक शव परिजनों को सौंपा, दो पोस्टमार्टम के लिए भेजे
एस.डी.एम. शिलाई जसपाल सिंह ने तीनों शवों के बरामद होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अनिल कुमार के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, शाम के समय बरामद धन सिंह और गजेंद्र सिंह के शवों को पोस्टमार्टम के लिए पांवटा साहिब भेजा गया है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम गुरुवार को किया जाएगा।

दो डंपर और एल.एन.टी. मशीन मलबे की चपेट में आई थी
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम को बागनधार स्थित माइन में अचानक पहाड़ से भारी चट्टानें और मलबा नीचे आ गया था। इसकी चपेट में दो वाहन और एक एलएनटी मशीन आ गई थी। हादसे के बाद तीन लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। एन.डी.आर.एफ. की टीम ने स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाया। लगातार मलबा हटाकर तीनों लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया गया। कई घंटे की कड़ी मशक्कत और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच आखिरकार तीनों शवों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद अब प्रशासन का फोकस पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी करने पर है। घटना के कारणों की जांच भी की जाएगी।

डी.सी. प्रियंका ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
डी.सी. सिरमौर प्रियंका वर्मा भी रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बचाव कार्य में जुटी टीमों से स्थिति की जानकारी ली और मलबे में दबे लोगों की तलाश को लेकर अधिकारियों से लगातार समन्वय बनाए रखा। उन्होंने रेस्क्यू अभियान को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बड़सर में सीएम सुक्खू ने फहराया तिरंगा, कर्मचारियों, पेंशनरों और युवाओं के लिए की कई बड़ी घोषणाएं

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शिमला, न्यूज़डे नेटवर्क 15 अगस्त: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह शनिवार को हमीरपुर जिले के बड़सर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड का निरीक्षण किया और भव्य मार्चपास्ट की सलामी ली। समारोह में राज्य पुलिस, आईआरबी, जिला पुलिस, महिला पुलिस, होमगार्ड, यातायात पुलिस तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इसी माह बकाया वेतन के रूप में अतिरिक्त 20 हजार रुपये देने की घोषणा की। वर्ष 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए तृतीय श्रेणी के पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को इसी माह पेंशन बकाया का 35 प्रतिशत तथा प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को 15 प्रतिशत बकाया भुगतान किया जाएगा। इन भुगतानों पर सरकार करीब 281 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

मुख्यमंत्री ने अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में 100 नए सीबीएसई स्कूल खोलने की घोषणा की। इसके अलावा जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4 हजार पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस माह से 31 मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले चिकित्सकों की सेवाएं जारी रहेंगी और वे 31 मार्च 2027 को ही सेवानिवृत्त होंगे।

एनएचएम कर्मचारियों के लिए भी मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं कीं। प्रदेश में कार्यरत करीब 9 हजार आशा कार्यकर्ताओं का मासिक प्रोत्साहन 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये किया जाएगा। एनएचएम के तहत सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से संशोधित वेतन मिलेगा। आउटसोर्स स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्टों, ऑपरेशन थिएटर सहायकों और प्रयोगशाला तकनीशियनों का संशोधित पारिश्रमिक 25 हजार रुपये तथा डेटा एंट्री ऑपरेटरों का 18 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। यह व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से लागू होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मल्टी टास्क वर्कर्स और आउटसोर्स कर्मचारियों की चिंताओं के प्रति सरकार संवेदनशील है। इनसे जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और उचित लाभ देने के लिए नीति लाने पर विचार किया जा रहा है।महिलाओं और बच्चों के पोषण को मजबूत करने के लिए ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ 2 अक्तूबर से शुरू की जाएगी। इसका पायलट चरण प्रदेश के विभिन्न जिलों के 21 आईसीडीएस ब्लॉकों में शुरू होगा। योजना के तहत माताओं, महिलाओं और 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले पोषण सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। चावल, दाल, तेल, बिस्किट, पंजीरी और मिल्क पाउडर के स्थान पर अधिक पौष्टिक एवं स्वच्छ तरीके से पैक किए गए प्रीमिक्स खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाए जाएंगे। लाभार्थियों की पसंद के अनुसार सप्ताह में तीन बार दूध या अंडे भी दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना शुरू करने की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के करीब 19 लाख परिवारों में सर्वेक्षण के बाद 1.80 लाख ऐसे परिवार चिन्हित किए गए हैं जिन्हें अधिक सरकारी सहायता की आवश्यकता है। इन परिवारों के लिए योजना 2 अक्तूबर से शुरू होगी और अगले दो वर्षों में उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विशेष तंत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीपीएल परिवारों को मिल रहे मौजूदा लाभों में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

किसानों और पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा के ढगवार में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का पहला अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इसकी क्षमता प्रतिदिन 1.5 लाख लीटर होगी। इसके अलावा अगले दो वर्षों में सोलन, ऊना, सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू और हमीरपुर जिलों में दुग्ध प्रसंस्करण अधोसंरचना पर 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ के दूसरे चरण की शुरुआत 7 सितंबर 2026 से ऊना में करने की घोषणा की। जल्द ही ‘खेलो हिमाचल, चिट्टा-मुक्त अभियान’ भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश में 2 हजार करोड़ रुपये की व्यापक योजना, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रोपवे परियोजनाओं तथा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को विदेश भेजकर वैश्विक स्तर की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का अध्ययन करवाया जा रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी को बड़ी उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और चमियाणा अस्पताल में यह सुविधा शुरू की गई है। सरकारी संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी 30 हजार से 80 हजार रुपये की लागत में उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे आम लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदेश में ही मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की रक्षा करने तथा किसानों, बागवानों, महिलाओं, बच्चों और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

NH पर ट्राला तिरछा खड़ा कर लगाया जाम, चालक पर केस, 22 हजार का चालान

नाहन (न्यूज़डे नेटवर्क): नाहन-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर खजुरना के समीप शनिवार सुबह ट्राला खराब होने के बाद सड़क के बीचों-बीच तिरछा खड़ा रहने से करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से ट्राला हटाकर यातायात बहाल करवाया! पुलिस के अनुसार कंट्रोल रूम नाहन से सूचना मिली थी कि नवोदय विद्यालय के पास ट्रक खराब होने के कारण जाम लगा हुआ है। मौके पर पहुंचने पर ट्राला नंबर HR45E-3236 सड़क के बीचों-बीच तिरछा खड़ा मिला, जिससे नाहन से पांवटा साहिब की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह बंद था। मौके पर चालक समीर खान निवासी मंडोपुर, तहसील रामपुर, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) मौजूद था! पुलिस का कहना है कि सड़क बंद होने के बावजूद चालक ने यातायात बहाल करवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने जेसीबी की सहायता से ट्राले में लदी रेत को बाहर निकलवाकर वाहन को खाली करवाया और उसे सड़क से हटाकर किनारे खड़ा किया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद यातायात सुचारू हो सका।पुलिस के अनुसार सड़क के बीच ट्राला तिरछा खड़ा कर आम आवाजाही में बाधा डालने पर चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 285 के तहत थाना सदर नाहन में मामला दर्ज किया गया है। वहीं ट्राला संचालक का 22 हजार रुपये का चालान किया गया है। पुलिस ने ट्राला और रेत को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में शिलाई के 21 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर दी जान, झाकंडो गांव में पसरा मातम

पांवटा साहिब 24 जुलाई (कपिल) : सिरमौर जिले के शिलाई उपमंडल की ग्राम पंचायत झाकंडो के 21 वर्षीय युवक ने राजस्थान के श्रीगंगानगर में कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद मृतक के पैतृक गांव झाकंडो में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक की पहचान सचिन ठाकुर (21) पुत्र कंवर ठाकुर निवासी ग्राम पंचायत झाकंडो, जिला सिरमौर के रूप में हुई है। वह पिछले करीब एक वर्ष से श्रीगंगानगर स्थित एमबीएच होटल में कार्यरत था। जानकारी के अनुसार गुरुवार देर रात सचिन अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। होटल कर्मियों ने उसे कई बार फोन किया, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं की। संदेह होने पर कर्मचारियों ने होटल परिसर में उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 11 बजे होटल के पिछले हिस्से में सचिन का शव फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही गंगानगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। पुलिस ने बताया कि परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंपा जाएगा। मामले में जांच जारी है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। घटना की खबर मिलते ही झाकंडो गांव में मातम छा गया। मृतक के पिता कंवर ठाकुर और गांव के कुछ लोग श्रीगंगानगर के लिए रवाना हो गए हैं। गांव के लोगों और परिचितों के अनुसार सचिन बेहद हंसमुख, मिलनसार और शांत स्वभाव का युवक था। रोज़गार की तलाश में घर से बाहर गया यह युवा इस तरह असमय दुनिया छोड़ जाएगा, इस पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा। उसके निधन से पूरे झाकंडो और शिलाई क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।

पशुरोग नियंत्रण को मिलेगा बल, पांवटा में पशु चिकित्सकों को दिया वैज्ञानिक प्रशिक्षण

पांवटा साहिब, 21 जुलाई (न्यूज़डे नेटवर्क): पशुधन में संक्रामक रोगों की समय रहते पहचान और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पांवटा साहिब उपमंडल में पशु चिकित्सकों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों के लिए सीरोसर्विलांस, सीरोमॉनिटरिंग और वैज्ञानिक नमूना संग्रहण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन लाइवस्टॉक हेल्थ एंड डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एलएचडीसीपी) के तहत किया गया। प्रशिक्षण के दौरान खुरपका एवं मुंहपका (एफएमडी), पीपीआर, एवियन इन्फ्लुएंजा तथा अफ्रीकी स्वाइन फीवर जैसे संक्रामक रोगों की निगरानी, सीरोमॉनिटरिंग और प्रयोगशाला जांच के लिए वैज्ञानिक तरीके से नमूने एकत्र करने, उनका संरक्षण, पैकेजिंग और सुरक्षित परिवहन की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की सफलता के लिए मानकीकृत सैंपलिंग और नियमित निगरानी अत्यंत आवश्यक है। वेटरनरी पॉलीक्लिनिक नाहन की पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरुषि कंवर ने प्रतिभागियों को रक्त, सीरम और अन्य जैविक नमूनों के सही संग्रहण, बायो-सिक्योरिटी, व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों तथा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार प्रयोगशाला तक नमूने भेजने की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने रोगों की शीघ्र पहचान और समय पर सूचना प्रेषण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित महाजन ने कहा कि पशुधन में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए नियमित टीकाकरण, प्रभावी रोग निगरानी, सीरोमॉनिटरिंग और वैज्ञानिक नमूना संग्रहण बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पशु चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर संचालित पशुरोग नियंत्रण अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में संक्रामक रोगों की समय पर पहचान, वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया और प्रभावी नियंत्रण गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। प्रशिक्षकों ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कर पशुपालकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया!

हिमाचल में औषधीय और औद्योगिक उपयोग के लिए भांग की खेती को मिली मंजूरी, सरकार ने जारी किए नए नियम

शिमला (न्यूज़डे नेटवर्क): हिमाचल प्रदेश सरकार ने भांग की खेती को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने अधिसूचना जारी कर औषधीय, वैज्ञानिक और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग की नियंत्रित खेती, प्रसंस्करण और विनिर्माण की अनुमति दे दी है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए गए हैं।

नई नियमावली के अनुसार भांग की खेती केवल औषधीय, वैज्ञानिक अनुसंधान और औद्योगिक उपयोग के लिए ही की जा सकेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि चरस और गांजा इन नियमों के दायरे से बाहर रहेंगे और इनका उत्पादन या उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के तहत खुले में भांग की खेती की अनुमति नहीं होगी। खेती केवल पूरी तरह सुरक्षित, बाड़बंद और नियंत्रित वातावरण वाले ग्रीनहाउस या पॉलीहाउस में ही की जा सकेगी, ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके। भांग आधारित उत्पादों के निर्माण के लिए राज्य में उद्योग स्थापित करने वाली कंपनियों को कम से कम 100 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश करना होगा। साथ ही लाइसेंस प्राप्त करने के लिए 5 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कराना अनिवार्य होगा। सरकार ने विनिर्माण इकाइयों के वार्षिक कारोबार पर 3 प्रतिशत राज्य उपकर भी निर्धारित किया है। इसमें 2 प्रतिशत दुग्ध उपकर पशुपालन विभाग को तथा 1 प्रतिशत पर्यावरण उपकर पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को मिलेगा। सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य भांग के औषधीय और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना तथा नियंत्रित व्यवस्था के माध्यम से इसके दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाना है।

पूर्व विधायक होशियार सिंह पर विधायक निधि के दुरुपयोग का केस, विजिलेंस ने 8 लाख रुपये के कथित गबन मामले में दर्ज की एफआईआर

शिमला (न्यूज़डे नेटवर्क): हिमाचल प्रदेश के देहरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्राथमिक जांच में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के पर्याप्त आधार मिलने के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (आपराधिक न्यासभंग) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत 16 जुलाई को धर्मशाला थाने में मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि वर्ष 2023 और 2024 के दौरान विधायक ऐच्छिक निधि से 16 लाभार्थियों के नाम पर 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत कर उनके बैंक खातों में भेजी गई। शिकायत के अनुसार, इनमें से अधिकांश लाभार्थी पूर्व विधायक की निजी फैक्ट्री के कर्मचारी थे। आरोप है कि राशि खाते में आने के बाद कर्मचारियों से नकद निकलवाकर वापस ले ली गई। कुल कथित राशि लगभग 8 लाख रुपये बताई गई है। विजिलेंस की जांच में बैंक अभिलेखों, सरकारी दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों का परीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई लाभार्थियों ने कथित रूप से बताया कि उन्होंने सहायता के लिए आवेदन नहीं किया था और खाते में आई राशि पूर्व विधायक के निर्देश पर नकद निकालकर उन्हें सौंप दी थी। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत किया गया तथा वास्तविक लाभ लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा। गौरतलब है कि होशियार सिंह देहरा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने दोनों बार निर्दलीय चुनाव जीता था। वर्ष 2024 में राज्यसभा चुनाव के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था, लेकिन बाद में हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर से पराजित हो गए थे। फिलहाल विजिलेंस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

बछड़ी को बचाने की कोशिश बनी काल: जहरीली गैस से चार युवकों की मौत, एक की हालत गंभीर”

झज्जर (हरियाणा) (न्यूज़डे नेटवर्क): झज्जर जिले के मुनीमपुर गांव में रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। हादसा उस समय हुआ जब एक बछड़ी करीब 100 साल पुराने और लगभग 50 वर्षों से बंद पड़े कुएं में गिर गई। उसे बचाने के लिए एक युवक कुएं में उतरा, लेकिन अंदर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले युवक को बचाने के प्रयास में अन्य युवक भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के एक-एक कर कुएं में उतरते गए। जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी की चपेट में आने से सभी बेहोश हो गए। इस दर्दनाक हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि नरेंद्र पुत्र सत्यवान गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। मृतकों की पहचान मुनीमपुर निवासी दलबीर पुत्र फूल सिंह, मोनू पुत्र राजबीर तथा बिहार निवासी श्रमिक रामू पुत्र रामदुलारे के रूप में हुई है। चौथे मृतक की पहचान की पुष्टि प्रशासन द्वारा की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद सभी को कुएं से बाहर निकाला गया और सिविल अस्पताल झज्जर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल झज्जर के डॉक्टर मोहित ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण कुएं में ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस का प्रभाव प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे मुनीमपुर गांव में शोक की लहर है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से हादसे की निष्पक्ष जांच कराने तथा भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुराने बंद कुओं की सुरक्षा और आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है।

शिलाई की सखोली पंचायत का बड़ा फैसला शादी में फिजूलखर्ची पर रोक, नियम तोड़ने पर ₹51 हजार जुर्माना

19 जुलाई (न्यूज़डे नेटवर्क): शिलाई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सखोली में पंचायत प्रधान कमलेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सामाजिक समानता और विवाह समारोहों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के उद्देश्य से कई अहम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। बैठक में पंचायत के उपप्रधान सुरेन्द्र शर्मा, पंच, बुद्धिजीवी, महिला एवं पुरुष प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार अब पंचायत क्षेत्र में होने वाले विवाह समारोह सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किए जाएंगे। निर्णय लिया गया कि दुल्हन केवल मंगलसूत्र, नाक की तीली, कानों के झुमके और पायल ही धारण करेगी। अन्य भारी-भरकम आभूषण पहनने की परंपरा समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा विवाह में ‘मामा खर्च’ की प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। केवल वास्तविक (सगे) मामा ही इस रस्म में शामिल होंगे तथा मामा द्वारा बकरा या अन्य उपहार देने-लेने की परंपरा पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पंचायत ने बारात में अधिकतम 10 वाहनों की अनुमति देने का निर्णय लिया है। वहीं रिश्ता तय करते समय होने वाली ‘माशा खान’ की परंपरा भी समाप्त कर दी गई है। बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति पंचायत के इन सामाजिक नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर ₹51,000 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। साथ ही उसे पूरी पंचायत के लोगों को सामूहिक भोज भी करवाना होगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि इन निर्णयों का उद्देश्य समाज में समानता, सादगी और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना तथा विवाह समारोहों में अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करना है। पंचायत ने सभी ग्रामीणों से इन नियमों का पालन करने की अपील की।

शिलाई में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में पांच युवक गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

शिलाई (सिरमौर): हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक लाइव वीडियो के अनुसार, स्थानीय लोगों ने एक विशेष समुदाय से संबंध रखने वाले पांच युवकों को एक लड़की को बहला-फुसलाकर उत्तराखंड के हरबर्टपुर ले जाते हुए पकड़ा है। पकड़े गए सभी आरोपियों को स्थानीय जनता द्वारा पुलिस के हवाले कर दिया गया है। वायरल वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, ये पांचों युवक (जो कि अन्य राज्य और विशेष समुदाय से बताए जा रहे हैं) शिलाई के ही एक घर में मिस्त्री का काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि जिस घर में यह कार्य चल रहा था, वहां केवल एक बुजुर्ग महिला (दादी) और उनकी 17 वर्षीय पोती रहती थी। आरोप है कि काम करने के दौरान इन युवकों ने नाबालिग को अपने झांसे में लिया और उसे अपने साथ शिलाई से हरबर्टपुर (उत्तराखंड) की तरफ ले जाने लगे।युवकों की संदिग्ध गतिविधियों की भनक जैसे ही स्थानीय लोगों और ग्रामीणों को लगी, उन्होंने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी युवकों को बीच रास्ते में ही धर दबोचा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मुताबिक, गुस्साए लोगों ने इन पांचों युवकों को बाजार में पैदल घुमाया और बाद में तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी।सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निशित सिंह नेगी ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और सभी को हिरासत में ले लिया है। एसपी ने बताया कि पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि ये पांचों युवक काफी समय से लगातार उसका पीछा कर रहे थे और उसे परेशान कर रहे थे। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू पर गहनता से आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पांवटा साहिब के आईएएस निपुण जिंदल केंद्र सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त

पांवटा साहिब: सिरमौर जिले के पांवटा साहिब से ताल्लुक रखने वाले हिमाचल प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी निपुण जिंदल को केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी मिली है। केंद्र सरकार ने 2014 बैच के इस अधिकारी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली स्थित आर्थिक मामलों के विभाग (Department of Economic Affairs) में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने उनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। उनका कार्यकाल चार वर्ष या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, रहेगा। डीओपीटी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को निपुण जिंदल को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार उन्हें नियुक्ति पत्र जारी होने के तीन सप्ताह के भीतर नई दिल्ली में अपना कार्यभार संभालना होगा! आर्थिक मामलों का विभाग केंद्र सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल है, जहां देश की आर्थिक नीतियों, निवेश, वित्तीय मामलों और विकास परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित विभाग में हिमाचल कैडर के अधिकारी की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है ! निपुण जिंदल वर्तमान में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के प्रबंध निदेशक और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं और तीन दिन पहले ही उन्होंने पांवटा साहिब बस स्टैंड का निरीक्षण किया था और न्यूज़डे नेटवर्क के साथ विशेष बातचीत की थी उनके कार्यकाल में एचआरटीसी में हिम बस कार्ड जैसी महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई सुधार लागू किए गए। वह कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पांवटा साहिब के निवासी निपुण जिंदल ने अपनी बारहवीं तक की शिक्षा भी यहीं से प्राप्त की है। उनकी इस नियुक्ति से पांवटा साहिब और पूरे सिरमौर में खुशी का माहौल है।

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