Sunday, April 5, 2026
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हिमाचल में नगर निकायों में आरक्षण की अधिसूचना जारी, पांवटा साहिब सीट महिलाओं के लिए आरक्षित

पांवटा साहिब, 4 अप्रैल (कपिल शर्मा):  हिमाचल प्रदेश सरकार के शहरी विकास विभाग ने प्रदेश के नगर निकायों में अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण को लेकर नई अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिसूचना हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1994 तथा हिमाचल प्रदेश नगर पालिका चुनाव नियम 2015 के तहत जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पदों को अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।

 

 

 

जारी सूची में कई प्रमुख नगर निकाय शामिल हैं। महिला (सामान्य) श्रेणी में पांवटा साहिब नगर परिषद अध्यक्ष पद को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है, जिससे क्षेत्र की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग में दौलतपुर, चंबा, बंजार, बिलासपुर, सुंदरनगर सहित कई नगर निकायों को आरक्षित किया गया है, जिनमें कुछ सीटें एससी महिला के लिए भी निर्धारित की गई हैं। वहीं अनुसूचित जनजाति वर्ग में कांगड़ा जिले की शाहपुर नगर पंचायत को आरक्षित किया गया है।महिला (सामान्य) श्रेणी में अर्की, ज्वालामुखी, कंडाघाट, संतोकगढ़, अंब, गगरेट, कुल्लू, नूरपुर, ठियोग सहित कई अन्य नगर निकायों को भी शामिल किया गया है। सरकार के इस फैसले को स्थानीय निकाय चुनावों की दिशा तय करने वाला अहम कदम माना जा रहा है। राजनीतिक दल अब इन आरक्षित सीटों के अनुसार अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। अधिसूचना पर शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं और इसे संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।

भूपपुर-कुल्हाल पुल से हो रही खुली आवाजाही, बिना चेकिंग से बढ़ रहा चोरी और नशा तस्करी का ख़तरा

पांवटा साहिब, 4 अप्रैल (कपिल शर्मा ) : पांवटा साहिब-देहरादून फोरलेन परियोजना जहां क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने जा रही है, वहीं पांवटा साहिब बाईपास (भूपपुर) से उत्तराखंड के कुल्हाल को जोड़ने वाला 1150 मीटर व लगभग 390 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया पुल उद्घाटन से पहले ही सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चिंता बनता जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह पुल औपचारिक शुरूआत की प्रतीक्षा में है, लेकिन इस बीच बिना किसी निगरानी के यह मार्ग अवैध गतिविधियों का नया रास्ता बन गया है।
दरअसल, इस पुल के चालू होने से देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों को पांवटा साहिब शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। मगर फिलहाल स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है। पुल पर न तो पुलिस की तैनाती है और न ही कोई बेरियल लगाया गया है, जिसके चलते हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बिना किसी जांच के आवाजाही हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस खुले रास्ते का फायदा उठाकर नशा तस्कर और चोर सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में भूपपुर स्थित एक मारुति सुजुकी शोरूम में हुई चोरी की घटना को भी इसी पुल से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी पुल के जरिए पैदल पांवटा साहिब पहुंचा, वारदात को अंजाम दिया और फिर उसी रास्ते से फरार हो गया। इसके अलावा बरेली, सहारनपुर, देहरादून और विकासनगर की ओर से आने वाले तस्कर इस मार्ग का इस्तेमाल कर स्मैक और नशीले कैप्सूल जैसी वस्तुएं क्षेत्र में पहुंचा रहे हैं, जिससे हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह पुल सुविधा के बजाय अपराध का केंद्र बन सकता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल के औपचारिक उद्घाटन से पहले ही यहां पुलिस नाका स्थापित किया जाए, दोनों ओर बेरियल लगाए जाएं, सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाए जाएं और नियमित गश्त बढ़ाई जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल से इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया की सुरक्षा से जुड़ा यह एक गंभीर मुद्दा है मैं पुलिस व संबंधित विभाग के अधिकारियों से इस मामले पर चर्चा करूँगा और यहा से होने वाली अवैध गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखने की दिशा में काम किया जाएगा ताकि सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी प्रकार की कोई चूक ना हो !

एचआरटीसी बसों में महिलाओं को अब बिना कार्ड नहीं मिलेगी किराया छूट

हिमाचल प्रदेश में 1 अप्रैल से बस यात्रा को लेकर बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचआरटीसी) की बसों में महिलाओं को बिना हिम बस कार्ड के यात्रा करने पर पूरा किराया देना होगा। पहले महिलाओं को बिना किसी कार्ड के भी बस किराये में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलती थी, लेकिन नए नियमों के तहत अब यह सुविधा केवल मान्य कार्ड धारकों को ही मिलेगी। यानी अब किराया रियायत पाने के लिए महिलाओं को अनिवार्य रूप से हिम बस कार्ड बनवाना होगा। एचआरटीसी ने यात्रियों की सुविधा के लिए ग्रीन कार्ड, स्मार्ट कार्ड, सम्मान कार्ड और हिम बस कार्ड (महिलाओं, दिव्यांगों तथा विद्यार्थियों के लिए) जैसी विभिन्न पास योजनाएं उपलब्ध करवाई हैं।ये सभी कार्ड ऑनलाइन माध्यम से या फिर राज्य के विभिन्न बस स्टैंडों पर आसानी से बनवाए जा सकते हैं। निगम ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय रहते अपने कार्ड बनवाकर ही रियायती यात्रा का लाभ उठाएं।

पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में हुआ भंडारे का आयोजन

पांवटा साहिब, 27 मार्च (कपिल शर्मा): चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर नवमी के दिन पांवटा अस्पताल में भंडारे का आयोजन किया गया। इस आयोजन को अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ द्वारा मिलकर संपन्न किया गया, जिसमें श्रद्धा और सेवा भाव का सुंदर संगम देखने को मिला।

भंडारे में खीर, पूड़ी, हलवा सहित विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजन प्रसाद के रूप में वितरित किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अस्पताल परिसर में पहुंचे और प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान पूरे दिन भक्तों की भीड़ लगी रही।

इस अवसर पर अस्पताल के एसएमओ डॉ. सुधि और डॉ. एवी राघव ने बताया कि नवमी के दिन मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया। यह भंडारा दोपहर 12 बजे शुरू हुआ और देर शाम तक चलता रहा। भक्तों ने मां दुर्गा के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने भी श्रद्धापूर्वक भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। इसके अलावा पांवटा साहिब के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी इस आयोजन में शामिल हुए।

डॉ. सुधि और डॉ. राघव ने बताया कि नवमी के इस पावन दिन पर देश-प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए मां दुर्गा से प्रार्थना की गई। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने में अस्पताल के सभी डॉक्टरों और स्टाफ का पूर्ण सहयोग रहा।

एक पिता कि बेटे की सांसों के लिए जंग और एक बेटी की जिंदगी से चल रही है लड़ाई दो परिवारों को है मदद की दरकार

पांवटा साहिब, 25 मार्च (कपिल शर्मा): उपमंडल पांवटा साहिब में इन दिनों दो परिवार ऐसे सामने आए हैं, जो अपनों की जिंदगी बचाने के लिए हर दिन संघर्ष कर रहे हैं। एक ओर 42 वर्षीय जितेंद्र कुमार कैंसर से जूझ रहे हैं, तो दूसरी ओर घोरखुवाला की 21 वर्षीय पायल गंभीर बीमारी से जिंदगी की जंग लड़ रही है। दोनों ही मामलों में आर्थिक तंगी सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। बातामंडी निवासी जितेंद्र कुमार, जो कभी एक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में अपने परिवार का सहारा थे, आज मुँह के कैंसर से जूझ रहे हैं। उनके परिवार में बूढ़े माता-पिता और 15 महीने का एक मासूम बच्चा है। घर की पूरी जिम्मेदारी जितेंद्र पर ही थी, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि पूरा परिवार अनिश्चितता और डर के साये में जी रहा है।

इस कठिन समय में पांवटा साहिब की सामाजिक संस्था जिंदगी रिटर्न्स जितेंद्र के साथ मजबूती से खड़ी है। संस्था के अध्यक्ष संजीव ने प्रेस वार्ता में बताया कि स्थानीय लोगों के सहयोग से अब तक करीब 1.5 लाख रुपये की सहायता जुटाई जा चुकी है और इलाज के बाद जितेंद्र की हालत में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन अंतिम कीमोथेरेपी और संभावित सर्जरी अभी बाकी है। डॉक्टरों के अनुसार कुल इलाज में 4 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है। वहीं, घोरखुवाला की रहने वाली 21 वर्षीय पायल भी जिंदगी की कठिन परीक्षा से गुजर रही है। पायल फेफड़ों और किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित है और उसे प्रतिदिन 6 ऑक्सीजन सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ रही है। अब तक परिवार लगभग 10 लाख रुपये इलाज पर खर्च कर चुका है। पायल के पिता गोपाल सिंह, जो पेशे से ट्रैक्टर चालक हैं, पिछले दो महीनों से काम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। घर में दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी भी है, जिससे हालात और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। इस मामले में समाजसेवी और मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने भी आगे आकर सभी सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता से आर्थिक सहायता की अपील की है।

एंट्री टैक्स मामला : सुखविंदर सिंह सुक्खू और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बिच हुई बातचीत में मुद्दे को सुलझाने की हुई पहल

शिमला (न्यूज़डे नेटवर्क): प्रदेश और पंजाब के बीच एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल सुझझने की दिशा में जाता हुआ नजर आ रहा है. पंजाब सरकार के कड़े एतराज और सीमावर्ती इलाकों में विरोध प्रदर्शनों के बाद हिमाचल सरकार सोमवार को बैकफुट पर नजर आई. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के आदेशों पर आबकारी एवं कराधान विभाग नई दरों में कटौती के कार्य में जुट गया है.सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बातचीत कर इस मुद्दे को सुलझाने की पहल की है. कैबिनेट बैठक में भी इस पूरे मसले पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद सरकार ने एंट्री टैक्स के फैसले पर पुनर्विचार की बात में कही है. मुख्यमंत्री ने ही आबकारी और कराधान विभाग को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की दोबारा समीक्षा कर रिपोर्ट पेश की जाए. ऐसे में अब पंजाब से हिमाचल में एंट्री टैक्स की दरें कम की जाएंगी.

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू कह चुके हैं कि पंजाब के साथ लगते क्षेत्रों और वहां के लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार समाधान निकाल रही है, कुछ वाहनों की दरों पर भी पुनर्विचार होगा. नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा है.दरअसल, सबसे ज्यादा विरोध छोटे वाहनों का टैक्स 70 रुपये से बढ़ाकर 170 किए जाने का विरोध है. व्यावसायिक वाहनों पर भी भारी भरकम बढ़ोतरी की गई है, नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होनी हैं. सुक्खू सरकार प्रवेश द्वारों पर वाहनों की एंट्री के लिए अब फास्टैग से वसूली का निर्णय लिया है, इसके लिए एनएचएआई के नियमों की पालना की जाएगी.

सरकार ने व्यावसायिक वाहनों की बात करें तो अब 6 से 12 सीट वाले यात्री वाहनों को 130 रुपये और 12 से अधिक वाले वाहनों को 200 रुपये देने होंगे. बड़े मालवाहक वाहनों का 720 की जगह 900 रुपये, निर्माण कार्य की मशीनरी ले जाने वाले वाहनों का 570 की जगह 800 रुपये शुल्क देना पड़ेगा. दूसरे राज्यों के नंबर वाले भारी मालवाहक गाड़ियों के साथ हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत इन वाहनों से भी यह शुल्क वसूला जाएगा. प्रदेश के मालवाहक वाहनों को प्रवेश शुल्क में छूट नहीं दी गई है. व्यावसायिक वाहनों से 320 की जगह 600 रुपये, 32 सीटर मिनी बस के 180 की जगह 320, डबल एक्सेल बस और ट्रक के 570 रुपये, ट्रैक्टर के 100 रुपये और रिक्शा के प्रवेश के 30 रुपये लगेंगे. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय किए प्रवेश शुल्क के आधार पर ही त्रैमासिक और सालाना पास बनाए जाएंगे.

दो दिन में तैयार होगा पंचायतों का आरक्षण रोस्टर, विभाग ने जारी किए निर्देश

शिमला (न्यूज़डे नेटवर्क): राज विभाग ने प्रदेशभर की पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के सदस्यों, प्रधानों व अध्यक्षों के पदों के लिए आरक्षण रोस्टर 31 मार्च 2026 तक अधिसूचित किया जाए। विभाग द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पंचायत प्रतिनिधियों के आरक्षण से संबंधित पूरा डेटा, गणना पत्र (कैलकुलेशन शीट) और ड्राफ्ट रोस्टर की हार्ड कॉपी के साथ एक्सेल शीट 26 मार्च 2026 तक विभाग को उपलब्ध करवाई जाए।

यह जानकारी रैंडम जांच के उद्देश्य से मांगी गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आरक्षण प्रक्रिया में नियमों का पूरी तरह पालन हो रहा है। विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि भेजे जाने वाले सभी दस्तावेजों पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर प्रत्येक पेज पर अनिवार्य रूप से होने चाहिए। पंचायती राज विभाग ने इस प्रक्रिया को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए सभी जिलों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

पांवटा साहिब में कार शोरूम में चोरी, लाखों की नकदी पर हाथ साफ

पांवटा साहिब 24 मार्च (कपिल शर्मा): उपमंडल पांवटा साहिब के भूपपुर क्षेत्र में चोरों ने एक कार शोरूम को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की नकदी चोरी कर ली। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पांवटा साहिब स्थित एरना व नेक्सा कार शोरूम में देर रात अज्ञात चोर शटर के ताले तोड़कर अंदर घुस गए। चोरों ने कैश काउंटर का लॉक भी तोड़ दिया और वहां रखी करीब 3 लाख 98 हजार 420 रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए। शोरूम के कैशियर कुलदीप दत्त ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रात को कर्मचारी रोजाना की तरह शोरूम बंद कर घर चले गए थे। सुबह जब कर्मचारी पहुंचे तो शटर के ताले टूटे हुए मिले। अंदर जाकर देखा तो कैश काउंटर का लॉक भी टूटा था और नकदी गायब थी। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई! सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने एक नाबालिग को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिया गया नाबालिग पहले भी चोरी के मामलों में शामिल रह चुका है और बाल सुधार गृह में रहकर आ चुका है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और चोरी गई नकदी की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश में जुटी हुई है।

पुरूवाला में वन विभाग की जमीन पर खेल मैदान बनाने के आरोप, स्थानीय युवाओं को नहीं दी जाती खेलने की अनुमति

पांवटा साहिब, 24 मार्च (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब के पुरुवाला क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर खेल मैदान बनाने के आरोप लग रहे हैं । श्री पांवटा साहिब विकास मंच ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप और जांच की मांग उठाई है। पांवटा साहिब विकास मंच द्वारा वन मंडलाधिकारी को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि तिब्बती सोसाइटी द्वारा करीब 15 बीघा वन भूमि पर बिना किसी अनुमति के खेल मैदान तैयार किया गया है, पत्र में आरोप लगाया गया है की तिब्बती समुदाय के लोगों द्वारा स्थानीय युवाओं को बाहरी बता कर उन्हें खेलने की इजाज़त नहीं दी जाती है जिससे विवाद हो गया है और पूरे मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है।

मंच का कहना है कि यह खेल मैदान क्षेत्र की लगभग 15 से 18 पंचायतों के युवाओं, विशेषकर क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। लेकिन तिब्बती सोसाइटी द्वारा स्थानीय युवाओं को “बाहरी” बताकर मैदान में खेलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे युवाओं में भारी रोष व्याप्त है।

विकास मंच ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका तिब्बती समुदाय से किसी प्रकार का कोई विरोध या मतभेद नहीं है और वे उनके शांतिप्रिय एवं अनुशासित जीवन का सम्मान करते हैं। लेकिन सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर स्थानीय युवाओं को ही उससे वंचित रखना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
विकास मंच के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने वन विभाग से मांग की है कि जमीन की डिमार्केशन करवाई जाए और यह मैदान स्थानीय लोगों के लिए खोला जाए ताकि इस मैदान में स्थानीय युवा भी खेल सकें उन्होंने आगे कहा की इस मैदान का हक लेने के लिए यदि आंदोलन का रास्ता भी अपनाना पड़े तो हम वो भी करेंगे! वही इस मामले पर जब डीएफओ पांवटा साहिब वेद प्रकाश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास शिकायत आई है और आरओ को बोल कर जांच करवाई जाएगी कि मैदान किसकी जमीन पर बना है जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी!

पांवटा साहिब में SIT की बड़ी कार्रवाई, 6.66 ग्राम चिट्टा के साथ युवक गिरफ्तार

पांवटा साहिब, 19 मार्च (कपिल शर्मा): जिला सिरमौर पुलिस की विशेष अन्वेषण टीम (SIT) ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने केदारपुर क्षेत्र में नाकेबंदी के दौरान एक युवक को 6.66 ग्राम चिट्टा/स्मैक सहित रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि शाहरुख पुत्र गुलजार अली, निवासी भगवानपुर (पुरूवाला), लंबे समय से पांवटा साहिब और आसपास के क्षेत्रों में चिट्टा तस्करी में संलिप्त है। सूचना में यह भी बताया गया था कि आरोपी केदारपुर स्थित विद्या पीठ सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पीछे एक निर्माणाधीन मकान के पास ग्राहक की तलाश में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कैरी बैग से 6.66 ग्राम चिट्टा/स्मैक बरामद हुआ।

जिला पुलिस अधीक्षक सिरमौर, निश्चित सिंह नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना पांवटा साहिब में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी नशा कहां से लाता था और किन-किन लोगों तक इसकी सप्लाई करता था।

जल शक्ति विभाग पांवटा में स्टाफ का भारी टोटा: 772 में से 475 पद खाली, जनता प्यासी

पांवटा साहिब (कपिल शर्मा): उपमंडल पांवटा साहिब के तहत आने वाले जल शक्ति विभाग के डिवीजन में कर्मचारियों और अधिकारियों की भारी कमी के कारण विभागीय ढांचा चरमरा गया है। आलम यह है कि स्वीकृत पदों की तुलना में वर्तमान में आधे से भी कम कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिसका सीधा असर क्षेत्र की 50 पंचायतों और 117 गांवों की पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा है।

आंकड़ों में समझें विभाग की बेबसी

विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जल शक्ति डिवीजन पांवटा में कुल 772 पद स्वीकृत हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से केवल 297 पदों पर ही कर्मचारी तैनात हैं, जबकि 475 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां होने के कारण विभाग अपने दैनिक कार्यों और विकास योजनाओं को गति देने में पूरी तरह असमर्थ दिखाई दे रहा है जिससे नियमित कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि विकास योजनाओं की रफ्तार भी थम सी गई है।

जेई और एई के पद खाली, तकनीकी काम प्रभावित

फील्ड स्टाफ के साथ-साथ विभाग में तकनीकी अधिकारियों का भी भारी अभाव है जूनियर इंजीनियर (JE) के 8 पद रिक्त है जबकि असिस्टेंट इंजीनियर (AE) के 2 पद रिक्त चल रहे हैं इन तकनीकी विशेषज्ञों की कमी के कारण नई योजनाओं की ड्राइंग, डिजाइनिंग और चल रही योजनाओं की समयबद्ध मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। कनिष्ठ अभियंताओं पर काम का बोझ इतना अधिक है कि वे शिकायतों का निपटारा समय पर नहीं कर पा रहे हैं नतीजतन, छोटे-छोटे कार्य लंबित पड़े हैं और समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।

50 पंचायतों की प्यास बुझाना बनी चुनौती

50 पंचायतों और 117 गांवों के विशाल भौगोलिक क्षेत्र जिसमे 1 लाख 54 हज़ार लोगो में पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता सुनिश्चित करना वर्तमान स्टाफ के लिए “टेढ़ी खीर” साबित हो रहा है। पाइप लाइनों में लीकेज कई दिनों तक ठीक नहीं हो पाते, जबकि मोटर खराब होने पर पानी की सप्लाई ठप हो जाती है। शिकायतों के समाधान में लगातार देरी हो रही है। इन हालातों के चलते ग्रामीणों को कई बार दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है और विभाग के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है।

मौजूदा स्टाफ पर बढ़ा काम का बोझ

जल शक्ति विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण मौजूदा स्टाफ पर काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि एक-एक कर्मचारी को कई जिम्मेदारियां एक साथ निभानी पड़ रही हैं। फील्ड कार्यों के साथ-साथ दफ्तर का काम भी संभालना पड़ रहा है, जिससे शिकायतों के निपटारे में देरी हो रही है। मरम्मत कार्यों और नई योजनाओं के क्रियान्वयन दोनों पर इसका असर साफ नजर आ रहा है।

गर्मी से पहले ही हाल बेहाल, आगे और बढ़ेगी मुश्किल

पांवटा साहिब क्षेत्र में जल शक्ति विभाग पहले से ही स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। ऐसे में आने वाला गर्मी का मौसम चिंता और बढ़ा सकता है। हर साल गर्मियों में जल स्रोतों का स्तर गिरने और खपत बढ़ने से पानी की मांग कई गुना बढ़ जाती है। मौजूदा हालात को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि यदि समय रहते स्टाफ की कमी पूरी नहीं की गई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया, तो इस बार पेयजल संकट और गहरा सकता है। ऐसे में विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती कम संसाधनों के बीच बढ़ती मांग को संतुलित करते हुए नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना होगी।

पेयजल व्यवस्था पर मंडराया खतरा

जल शक्ति विभाग का स्टाफ संकट अब गंभीर रूप ले चुका है। यदि जल्द ही खाली पदों को नहीं भरा गया, तो आने वाले समय में पेयजल संकट और गहरा सकता है। फिलहाल, कम कर्मचारियों के सहारे चल रहा यह विभाग लोगों की बुनियादी जरूरत ‘पानी’ को पूरा करने के लिए संघर्ष करता नजर आ रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी

अधिशाषी अभियंता जितेन्द्र ठाकुर ने बताया कि विभाग में स्टाफ की कमी के बारे में उच्च अधिकारियों को समय-समय पर अवगत कराया जाता रहा है। सीमित संसाधनों और कम कार्यबल के बावजूद विभाग जनता को बेहतर सेवाएं देने का प्रयास कर रहा है।

पांवटा साहिब में दर्दनाक हादसा: ड्यूटी से लौट रहे पटवारी की ट्रक की टक्कर से मौत

पांवटा साहिब, 18 मार्च (कपिल शर्मा): नेशनल हाईवे पर लापरवाही ने एक परिवार का सहारा छीन लिया। ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे एक पटवारी की तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार वीरेंद्र सिंह (40), निवासी कोडगा चांदनी, अपने पटवारखाना से कार्य समाप्त कर धौलाकुआं में अपनी कार के पास में खड़े थे। वह अपनी कार (HP 17J 4466) की डिग्गी से कुछ सामान निकाल रहे थे, तभी पीछे से तेज गति से आए एक ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गंभीर रूप से घायल वीरेंद्र सिंह को तुरंत सिविल अस्पताल पांवटा साहिब ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना से सिरमौर पटवारी संघ में भी शोक की लहर दौड़ गई है। संघ के पदाधिकारियों ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरनाक परिणामों की चेतावनी देता है।

एसपी सिरमौर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

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