न्यूज़डे नेटवर्क : जापान के एची-नगोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में हिमाचल के लाल सावन बरवाल ने अपनी रफ्तार का लोहा मनवाते हुए इतिहास रच दिया। मंडी जिला के जोगिंद्रनगर के इस प्रतिभाशाली धावक ने पुरुष मैराथन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। सावन ने 42.195 किलोमीटर की मैराथन दौड़ को 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकेंड में पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। सावन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल हिमाचल, बल्कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी इस शानदार दौड़ के साथ ही एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में भारत का 44 वर्षों का लंबा पदक इंतजार भी समाप्त हो गया। इससे पहले भारत ने वर्ष 1982 में दिल्ली में आयोजित एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में पदक हासिल किया था। सावन की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता की खबर मिलते ही उनके गृह क्षेत्र जोगिंद्रनगर में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इसे हिमाचल के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण बताया। जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा, पूर्व मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र पाल ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जीवन ठाकुर, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पंकज जम्वाल और सावन के एथलेटिक्स कोच गोपाल ठाकुर ने उन्हें इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी। जोगिंद्रनगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष भास्कर गुप्ता ने भी सावन बरवाल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर हासिल की गई यह सफलता क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद और प्रेरणा लेकर आई है। सावन ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगातार संघर्ष के दम पर यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों और पहाड़ी क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी विश्वस्तरीय मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
कबड्डी के अखाड़े में फिर गूंजा भारत का जयघोष, शिलाई की बेटी पुष्पा राणा की कप्तानी में ईरान को हराकर लगातार दूसरी बार जीता सोना
न्यूज़डे नेटवर्क। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। रोमांच से भरपूर खिताबी मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने ईरान की मजबूत टीम को 37-34 से शिकस्त देकर सोने पर कब्जा जमाया। पूरे मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला, लेकिन निर्णायक क्षणों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम और रणनीति का परिचय देते हुए बाजी अपने नाम कर ली। इस ऐतिहासिक जीत की अगुवाई हिमाचल प्रदेश की बेटी पुष्पा राणा ने की। कप्तान के तौर पर पुष्पा ने टीम का शानदार नेतृत्व करते हुए खिलाड़ियों का मनोबल बनाए रखा। जीत के बाद उन्होंने कहा कि पिछली बार भी भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया था और इस बार मैदान में उतरने से पहले ही टीम ने तय कर लिया था कि लक्ष्य केवल सोना होगा। खिलाड़ियों ने इसी संकल्प के साथ मुकाबला खेला और उसे हासिल करने में कामयाब रहीं।
हिमाचल की चार बेटियों का शानदार योगदान
भारतीय महिला कबड्डी टीम की इस उपलब्धि में हिमाचल प्रदेश की भूमिका भी खास रही। टीम की कप्तान पुष्पा राणा के अलावा प्रदेश की तीन अन्य खिलाड़ियों ने भी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। इनमें सिरमौर की रितु नेगी, मंडी की भावना देवी ठाकुर और सोलन की ज्योति ठाकुर शामिल हैं चारों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने खेल का दम दिखाते हुए हिमाचल के साथ-साथ पूरे देश का गौरव बढ़ाया। भारतीय टीम के लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में चैंपियन बनने से प्रदेश के खेल जगत में भी खुशी की लहर है। हिमाचल की बेटियों ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा, मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम लहरा सकती हैं।
एक रंग की पारंपरिक वेशभूषा में पशमी की 500 भांजियां पहुंचीं चालदा महासू के दरबार
न्यूज़डे नेटवर्क, 25 सितंबर (कपिल शर्मा ): सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र शिलाई में धार्मिक आस्था के साथ समृद्ध लोक परंपराओं का अद्भुत नजारा उस समय देखने को मिला, जब पशमी गांव की करीब 500 भांजियां एक जैसी पारंपरिक वेशभूषा में सजकर चालदा महासू महाराज के दरबार में पहुंचीं। विवाहित और अविवाहित महिलाओं (भांजियों) की इस सामूहिक धार्मिक यात्रा ने शिलाई से लेकर पशमी तक माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। सुबह शिलाई बाजार में बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं। इसके बाद पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं की शोभायात्रा पशमी के लिए रवाना हुई। हाथों में पूजा सामग्री और जुबां पर महासू महाराज के जयकारों के बीच महिलाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा पूरी की। एक जैसी वेशभूषा में सैकड़ों महिलाओं की कतार राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। पशमी स्थित चालदा महासू महाराज मंदिर पहुंचने के बाद महिलाओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान पशमी गांव की भांजियों की ओर से महाराज को चांदी के दो डोरिया और बकरा भेंट किया गया। महिलाओं ने परिवारों की खुशहाली, क्षेत्र की सुख-समृद्धि और समाज में आपसी भाईचारे एवं दाईचारे की भावना मजबूत बनाए रखने की कामना की।
धार्मिक कार्यक्रम के बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं देर रात तक चले जागरण में महासू महाराज का गुणगान किया गया। लोकगीतों और पारंपरिक धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गिरिपार की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।
यहां आयोजन में शामिल महिलाओं ने कहा कि इस तरह के सामूहिक धार्मिक आयोजन केवल आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से क्षेत्र की परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक एकता को भी मजबूती मिलती है। सैकड़ों महिलाओं की एक साथ भागीदारी ने नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश दिया। देर रात तक मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से गुलजार रहा और पूरा गांव महासू महाराज के जयकारों से गूंजता रहा।
पाकिस्तान से जुड़ा चिट्टा तस्करी का कनेक्शन! ड्रोन के जरिए पहुंची थी खेप, हिमाचल पुलिस की जांच में हुआ बड़ा खुलासा
नाहन, 25 सितंबर (न्यूज़डे नेटवर्क): सिरमौर पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चिट्टा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की जांच को आगे बढ़ाते हुए पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र तरनतारन से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में इस नेटवर्क की कड़ियां पाकिस्तान सीमा तक जुड़ती सामने आई हैं। पूछताछ में सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से नशे की खेप भारत पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार 11 अप्रैल 2026 को कालाअम्ब पुलिस ने 294 ग्राम चिट्टा बरामद कर आकाशदीप और रणजीत को गिरफ्तार किया था। इस दौरान वाहन चालक मौके से फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने वाहन मालिक गंधर्व थापर को पंचकूला से हिरासत में लिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई तो चिट्टे की सप्लाई की कड़ी पंजाब के तरनतारन क्षेत्र से जुड़ती चली गई।जांच के आधार पर पुलिस टीम ने 17 मई 2026 को वीरेंद्र पाल को तरनतारन से गिरफ्तार किया। पूछताछ में नशे की खेप पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच शुरू की। जांच के दौरान उमर बीर सिंह का नाम सामने आने पर थाना कालाअम्ब के एसएचओ कुलवंत सिंह कंवर की अगुवाई में पुलिस टीम गठित की गई। जांच में साइबर सैल सिरमौर को भी शामिल किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय इनपुट के आधार पर लगातार तलाश के बाद पुलिस ने उमर बीर सिंह को पाकिस्तान सीमा के समीप तरनतारन क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा नशे की सप्लाई की पूरी कड़ी का पता लगाने में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि सीमा पार से पहुंचने वाली नशे की खेप को आगे किन माध्यमों से सप्लाई किया जाता था और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। एएसपी सिरमौर नरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
सरकारी अस्पताल के सामने अवैध अतिक्रमण पर चला नगर परिषद का पीला पंजा
पांवटा साहिब, 25 सितंबर (कपिल शर्मा ): पांवटा साहिब के सिविल अस्पताल के सामने लंबे समय से किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर परिषद ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। नगर परिषद की टीम ने जेई मुकेश की अगुवाई में मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जे को जेसीबी की मदद से हटाया और अतिक्रमण को पूरी तरह जमींदोज कर दिया। जानकारी के अनुसार अस्पताल के सामने कुछ लोगों द्वारा काफी समय से अस्थायी तौर पर दुकान लगाकर जगह का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके बाद धीरे-धीरे वहां शेड का निर्माण कर उसे पक्का रूप दिया गया। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। नगर परिषद की कार्रवाई के दौरान अवैध निर्माण को जेसीबी से हटाया गया। नगर परिषद के जेई मुकेश ने बताया कि संबंधित स्थान पर कई वर्षों से अतिक्रमण किया जा रहा था। शुरुआत में यहां अस्थायी दुकान बनाई गई थी, जिसे बाद में शेड लगाकर धीरे-धीरे पक्का कर दिया गया।उन्होंने कहा कि शहर में सरकारी भूमि और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों की सुविधा, यातायात व्यवस्था और शहर को व्यवस्थित एवं अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए नगर परिषद की ओर से आगे भी आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।


