Friday, October 23, 2026
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23 से 25 अक्टूबर तक पांवटा साहिब में होगा यमुना शरद महोत्सव, खेलों से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सजेगा उत्सव

पांवटा साहिब, 22 अक्टूबर (कपिल): पांवटा साहिब में 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक यमुना शरद महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस महोत्सव में खेलकूद प्रतियोगिताओं, नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान, धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। महोत्सव के दौरान युवाओं, महिलाओं और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर भी मिलेंगे। महोत्सव के पहले दिन 23 अक्टूबर को सुबह 9 बजे नशे के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली जाएगी। इसके बाद सुबह 11 बजे विशेषज्ञों की वार्ता और 11:30 बजे ‘तस्वीर’ नामक नाटक का मंचन होगा। शाम 6 बजे यमुना घाट पर भजन संध्या और रात 8 बजे कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

24 अक्टूबर को सुबह 6:30 बजे मैराथन का आयोजन होगा। इसके बाद प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताओं का फाइनल आयोजित किया जाएगा। शाम 6 बजे यमुना घाट पर भजन संध्या तथा इसके बाद संवाद थिएटर ग्रुप की ओर से कृष्ण लीला प्रस्तुत की जाएगी।

महोत्सव के अंतिम दिन 25 अक्टूबर को सुबह 6:30 बजे योग कार्यक्रम होगा। सुबह 11 बजे महिला नेतृत्व सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें महिलाओं की भागीदारी, सशक्तीकरण और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। शाम को यमुना घाट पर भजन संध्या, महाआरती और हिमाचली लोकगीतों के साथ पंजाबी संगीत का कार्यक्रम होगा। इस दौरान गायक निंजा की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रहेगी। इसके अतिरिक्त महोत्सव में यज्ञ, दीपोत्सव, यमुना आरती, पशु जन्म नियंत्रण और दीवार चित्रकला जैसी गतिविधियां भी शामिल रहेंगी।

महोत्सव समिति की अध्यक्ष एवं सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा तथा समिति के सचिव एवं पांवटा साहिब के एसडीएम द्विज गोयल के नाम से जारी कार्यक्रम के अनुसार, आयोजन का उद्देश्य धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ युवाओं में खेल भावना, नशामुक्ति, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता को प्रोत्साहित करना है।

शिलाई खत के 52 गांवों में शादी में फ़िज़ूलख़र्ची पर अंकुश लगाने के 17 नियम तय, शराब पर निर्णय को लेकर हो रही है चर्चा

पांवटा साहिब, (कपिल शर्मा ): जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के शिलाई में शादी-विवाह में बढ़ती फिजूलखर्ची पर रोक लगाने और पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण के लिए शिलाई खत के 52 गांवों ने सामूहिक रूप से 17 महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। शिलाई गांव में माता ठारी के सांझा प्रांगण में जेलदार दिनेश तोमर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में फ़िज़ूलख़र्ची पर अंकुश लगाने के 17 नियमों पर सर्वसम्मति से सहमति बनी।

शराब के समय को लेकर सबसे अधिक चर्चा

लेकिन जिस नियम पर क्षेत्र में विवाद उत्पन्न हो गया है उस निर्णय में शराब परोसने के समय को लेकर खास चर्चा हो रही है। तय किया गया कि बारात के दौरान शराब नहीं परोसी जाएगी। बीयर और अन्य नशीले पदार्थों पर भी प्रतिबंध रहेगा। इच्छुक लोगों के लिए बारात की वापसी के बाद शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक टेंट में शराब परोसने की व्यवस्था होगी। इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं लोगो का कहना है कि शराब के अलावा सभी पर सख़्त नियम लागू किए गए जबकि शराब पर ढिलाई बरती गई है!

बारातियों की संख्या 100 तक सीमित

नियमों के अनुसार बारात में 100 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। लकड़ी कटाई की रस्म में केवल 20 से 25 बुआरे शामिल होंगे। माश खाने की प्रथा बंद करने का निर्णय लिया गया है। मामा स्वागत की रस्म में भी बदलाव करते हुए बरतवारे यानी सगे मामा-मामी को ही उस दिन शामिल करने का फैसला लिया गया है। नेवदे के लिए 10 रुपये और मामा के ढंग के लिए 501 रुपये निर्धारित किए गए हैं भांजे-भांजी की शादी में कपड़े और जूते देने की परंपरा सीमित करते हुए इसे दूल्हा-दुल्हन और उनकी माता तक रखा गया है। दशूठन और दशराता में गांव से केवल एक-एक सदस्य को बुलाया जाएगा।

दहेज पर रोक, गहनों की संख्या भी तय

दुल्हन के लिए कानों के गहने, नाक का गहना, मंगलसूत्र, पायल और चुटकी सहित पांच प्रकार के गहने निर्धारित किए गए हैं। नाचने पर पैसे देने की प्रथा बंद होगी तथा टेंट और डीजे की व्यवस्था सीमित रहेगी। दहेज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए केवल पारंपरिक रीति के अनुसार सोबो-पाईतो देने का निर्णय लिया गया। ये नियम क्षेत्र से बाहर होने वाली शादियों पर भी लागू होंगे। उल्लंघन करने पर 52 हजार रुपये दंड और पूरे खत के सामूहिक भोज का प्रावधान रखा गया है। साथ ही त्योहारों की तिथियां भी पूरे शिलाई खत में एक समान निर्धारित करने का फैसला लिया गया।

Shillai: दशहरे पर चम्बियारा में दिखेगा कबड्डी का दम, सांस्कृतिक संध्या और देव पालकी दर्शन भी होंगे,22 अक्टूबर तक चलेंगे कार्यक्रम…

न्यूज़डे नेटवर्क/ शिलाई (कपिल शर्मा)

शिलाई विधानसभा क्षेत्र की बाली कोटी पंचायत के चम्बियारा गांव में दशहरा पर्व के अवसर पर 20 से 22 अक्टूबर 2026 तक छठी कबड्डी प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिरगुल सेवा समिति चम्बियारा की ओर से आयोजित इस तीन दिवसीय समारोह में क्षेत्र के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजन के माध्यम से युवाओं में खेल भावना, आपसी भाईचारे और ग्रामीण संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।प्रतियोगिता का आयोजन ग्रामीण स्तर पर कबड्डी मैट पर किया जाएगा।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 31 हजार रुपये नकद, बकरा और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा, जबकि द्वितीय स्थान हासिल करने वाली टीम को 15 हजार रुपये और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सर्वश्रेष्ठ रेडर और सर्वश्रेष्ठ रक्षक को भी विशेष ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा। आयोजन के पहले दिन 20 अक्टूबर को रात्रि सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। इस दौरान देव पालकी दर्शन का कार्यक्रम भी रखा गया है, जो समारोह का विशेष आकर्षण रहेगा। खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की परंपराओं को सहेजने के साथ युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

समिति के अध्यक्ष विक्रम ठाकुर, उपाध्यक्ष बलदेव ठाकुर, महासचिव संदीप ठाकुर, सचिव वीर सिंह, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, सचिव अनुज भंडारी और मितलेश ठाकुर आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। वहीं, मुख्य सलाहकार रमेश ठाकुर, नरेश ठाकुर और प्रदीप ठाकुर सहित गांव के युवा भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं। समिति ने खेल प्रेमियों, युवाओं और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हिस्सा बनने की अपील की है। साथ ही कबड्डी प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों से 20 अक्टूबर से पहले पंजीकरण करवाने का आग्रह किया गया है। आयोजकों के अनुसार निर्धारित तिथि के बाद किसी भी टीम की एंट्री स्वीकार नहीं की जाएगी।

पांवटा साहिब में दून पहाड़ी संगठन के दो गुटों की अलग-अलग बैठकें, पदाधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी.

न्यूज़डे नेटवर्क/पांवटा साहिब (कपिल शर्मा )

ज्ञान चंद गोयल धर्मशाला, तारुवाला में दून पहाड़ी संगठन से जुड़े दो अलग-अलग संगठनों की बैठकें आयोजित की गईं। एक ओर देवभूमि दून पहाड़ी संगठन का पद ग्रहण समारोह उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ, वहीं दूसरी ओर दून पहाड़ी संगठन पांवटा साहिब की आम बैठक में संगठन की गतिविधियों, आय-व्यय के विवरण और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। दोनों कार्यक्रमों में पहाड़ी समाज की एकता, आपसी सहयोग तथा संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। देवभूमि दून पहाड़ी संगठन का पद ग्रहण समारोह संगठन के संरक्षक जेलदार दिनेश तोमर की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। नवरात्र के पावन अवसर पर दीप प्रज्वलित कर आदिशक्ति मां दुर्गा एवं मां सरस्वती का आह्वान किया गया। इसके बाद नवनियुक्त पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई और उन्हें सम्मानित किया गया। समारोह में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। समारोह में जगदीश तोमर को अध्यक्ष, मामराज ठाकुर को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मस्त राम शर्मा को महासचिव तथा लाल सिंह चौहान को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष और सचिव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए आगामी तीन वर्षों की योजनाओं और लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने, पहाड़ी समाज के लोगों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने तथा सामाजिक हितों के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

दूसरी ओर, दून पहाड़ी संगठन पांवटा साहिब की आम बैठक में भविष्य की कार्ययोजना पर मंथन

इसी धर्मशाला में दून पहाड़ी संगठन पांवटा साहिब की आम बैठक सेवानिवृत्त कैप्टन नारायण सिंह बिरसांटा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मार्केटिंग कमेटी सिरमौर के पूर्व अध्यक्ष मदन सिंह नेगी विशेष रूप से उपस्थित रहे। महासचिव राजेंद्र चौहान ने स्वागत भाषण के साथ संगठन के उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके बाद कुन्दन शर्मा ने पिछले तीन वर्षों में संगठन की ओर से किए गए कार्यों, उपलब्धियों और आय-व्यय का विवरण सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। बैठक में कमलदीप शर्मा, भीम सिंह चौहान, दिनेश शास्त्री, सेवानिवृत्त कैप्टन मामराज चौहान, प्रताप शर्मा, रामलाल हांडा, वीरेंद्र चौहान, रविंद्र ठाकुर एडवोकेट और अनिल तोमर सहित अन्य सदस्यों ने अपने सुझाव रखे। वक्ताओं ने संगठन की एकता, मजबूती और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उपस्थित सदस्यों ने पांवटा साहिब में रहने वाले पहाड़ी समाज के लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहने तथा पहाड़ी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। रामलाल शर्मा और मदन सिंह नेगी ने संगठन की ओर से किए गए कार्यों की सराहना की। आम बैठक में सर्वसम्मति से सलाहकार परिषद एवं अनुशासन समिति का गठन किया गया। इसमें मदन नेगी, देवेंद्र वर्मा, अतर सिंह नेगी, मनीष राणा, राजेंद्र नेगी, चंदन शर्मा, दीपचंद शर्मा, जगमोहन सूर्या, सहीराम ठाकुर, रमेश चौहान, जगदीश शर्मा, रामलाल शर्मा, आचार्य रामदत्त शर्मा, जीत सिंह बिरसांटा और मोहिराम शर्मा को शामिल किया गया। इसके अतिरिक्त 25 सदस्यों को कार्यकारिणी में शामिल किया गया है, जिनके पदों का आवंटन बाद में किया जाएगा। बैठक के समापन पर अध्यक्ष नारायण सिंह बिरसांटा ने पांवटा साहिब में रहने वाले पहाड़ी समाज के सभी लोगों के सहयोग से संगठन को मजबूत बनाने तथा जरूरत के समय हर संभव मदद के लिए साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। दोनों आयोजनों में पहाड़ी समाज के हितों, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता प्रमुखता से सामने आई।

नशे से दूर रहने और हॉकी को बढ़ावा देने का संदेश, जीएनएमपीएस ने नेपाल की टीम को हराया…

न्यूज़डे नेटवर्क/पांवटा साहिब, (कपिल शर्मा)

पांवटा साहिब स्थित जीएनएमपीएस मुख्य शाखा में अंडर-14 बालिका हॉकी मैच का आयोजन किया गया। इसमें जीएनएमपीएस की टीम ने नेपाल की टीम को हराकर जीत हासिल की। इस मुकाबले का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और जमीनी स्तर पर हॉकी को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल (आईएएस) उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि गुरदीप सिंह गैरी और इंद्रजीत सिंह मिक्का भी मौजूद रहे। इसके अलावा जीएनएमपीएस के निदेशक गुरजीत सिंह सैनी, प्रिंसिपल गुरविंदर चावला, बलजीत सिंह नागरा, मास्टर गेम्स जिला सिरमौर के अध्यक्ष नीरज माहेश्वरी, मां यमुना हॉकी क्लब के अध्यक्ष गुरनाम सिंह, सचिव जाफर अली और कार्यकारी सदस्य सुरजीत कश्यप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

कार्यक्रम में नेपाल से आए सामाजिक अतिथियों और हॉकी टीम का भी स्वागत किया गया। आयोजकों ने कहा कि खेल युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम हैं। हॉकी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और बच्चों में इस खेल के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से इस तरह के मुकाबले आयोजित करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि नेपाल में हॉकी के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता है। ऐसे में नेपाली टीम का भारत आकर यहां हॉकी के स्तर, प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों को करीब से देखना एक अच्छा अनुभव रहा। इस मैत्रीपूर्ण मुकाबले से दोनों टीमों के खिलाड़ियों को एक-दूसरे से सीखने और अपने खेल कौशल को बेहतर बनाने का अवसर मिला। आयोजकों ने इस सफल आयोजन के लिए मां यमुना हॉकी क्लब को बधाई दी और कार्यक्रम को सफल बनाने में तन, मन और धन से सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की खेल गतिविधियों से बच्चों में हॉकी के प्रति रुझान बढ़ेगा और भविष्य में यही खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।

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