Tuesday, October 27, 2026
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नाहन में चार दिन तक निषेधाज्ञा लागू, 27 अक्टूबर को बाहरी राज्यों से दोनों समुदाय के लोगों का वाल्मीकि चौक पर प्रदर्शन करने की आशंका के चलते लिया गया निर्णय

नाहन, 26 अक्टूबर (कपिल): नाहन में वाल्मीकि चौक पर दो समुदायों के बीच हुए हिंसक विवाद के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में 29 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। 27 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस अलर्ट पर हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी आदेश 26 से 29 अक्टूबर तक प्रभावी रहेंगे।

डीसी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने पुलिस से मिली ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर यह आदेश जारी किया है। प्रशासन के मुताबिक, 23 अक्टूबर को वाल्मीकि चौक पर दो समुदायों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ, जिसमें पुलिस कर्मियों सहित कई लोग घायल हुए और सार्वजनिक व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया था, लेकिन क्षेत्र में तनाव की आशंका बनी हुई है।

चार राज्यों से लोगों के जुटने की आशंका

खुफिया सूचनाओं के अनुसार, 27 अक्टूबर को सुबह 10 बजे हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से दोनों समुदायों के बड़ी संख्या में लोगों के वाल्मीकि चौक पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करने की आशंका है। प्रशासन को अंदेशा है कि भीड़ जुटने से दोबारा टकराव हो सकता है और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी आशंका के मद्देनजर एहतियातन निषेधाज्ञा लागू की गई है।

रैली जुलूस और हथियार लेकर चलने पर रोक

आदेश के तहत बिना अनुमति पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी और सड़क जाम करने पर प्रतिबंध रहेगा। लाठी-डंडे, तलवार, भाला और अन्य घातक हथियार लेकर चलने, पथराव, आगजनी तथा भड़काऊ भाषण, सांप्रदायिक नारे और आपत्तिजनक पोस्टर लगाने जैसी गतिविधियां भी प्रतिबंधित रहेंगी।

यह आदेश दो सड़का से वाल्मीकि चौक होते हुए दिल्ली गेट तक और वाल्मीकि चौक से बस स्टैंड के एंट्री गेट तक, साथ ही संबंधित सड़कों के दोनों ओर के क्षेत्रों में लागू रहेगा। सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, पुलिस, सुरक्षा बलों, आवश्यक सेवाओं, चिकित्सा आपातकालीन वाहनों तथा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को निर्धारित छूट दी गई है।

प्रशासन की लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

प्रशासन ने लोगों से शांति, आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। लोगों को अफवाहों से दूर रहने तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा नहीं करने की सलाह दी गई है। निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना निकटतम पुलिस थाने या आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर देने को कहा गया है। संवेदनशील क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली पोस्ट के खिलाफ मुस्लिम संगठन ने पुलिस को सौंपी शिकायत…

न्यूज़डे नेटवर्क/ पांवटा साहिब (कपिल शर्मा)

सिरमौर मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन ने सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कथित कमेंट्स को लेकर आज एक पत्रकार वार्ता की सिरमौर मुस्लिम ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष वसीम मलिक ने बताया कि बंटी किशोर और अंकित शर्मा के नाम से बने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट पर फेसबुक के माध्यम से अल्लाह के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले कॉमेंट्स किए गए हैं उन्होंने आरोप लगाया गया है कि कॉमेंट्स में इस्तेमाल की गई भाषा से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

उन्होंने आगे बताया कि पांवटा साहिब क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द के साथ रहते हैं। ऐसे में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन ने पांवटा पुलिस प्रशासन से इसकी शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच करने व आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने क्षेत्र में आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील भी की है और पांवटा साहिब में शांति व्यवस्था पर बनी समिति की निरंतर बैठक आयोजित करने की भी मांग उठाई है ताकि सभी धर्मो के बीच आपसी भाईचारे व सौहार्द को बढ़ावा दिया जा सके! इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष लियाकत अली, इर्शाद मलिक, ताहिर अली, नसीम आदि मौजूद रहे।

23 से 25 अक्टूबर तक पांवटा साहिब में होगा यमुना शरद महोत्सव, खेलों से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सजेगा उत्सव

पांवटा साहिब, 22 अक्टूबर (कपिल): पांवटा साहिब में 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक यमुना शरद महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस महोत्सव में खेलकूद प्रतियोगिताओं, नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान, धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। महोत्सव के दौरान युवाओं, महिलाओं और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर भी मिलेंगे। महोत्सव के पहले दिन 23 अक्टूबर को सुबह 9 बजे नशे के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली जाएगी। इसके बाद सुबह 11 बजे विशेषज्ञों की वार्ता और 11:30 बजे ‘तस्वीर’ नामक नाटक का मंचन होगा। शाम 6 बजे यमुना घाट पर भजन संध्या और रात 8 बजे कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

24 अक्टूबर को सुबह 6:30 बजे मैराथन का आयोजन होगा। इसके बाद प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताओं का फाइनल आयोजित किया जाएगा। शाम 6 बजे यमुना घाट पर भजन संध्या तथा इसके बाद संवाद थिएटर ग्रुप की ओर से कृष्ण लीला प्रस्तुत की जाएगी।

महोत्सव के अंतिम दिन 25 अक्टूबर को सुबह 6:30 बजे योग कार्यक्रम होगा। सुबह 11 बजे महिला नेतृत्व सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें महिलाओं की भागीदारी, सशक्तीकरण और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। शाम को यमुना घाट पर भजन संध्या, महाआरती और हिमाचली लोकगीतों के साथ पंजाबी संगीत का कार्यक्रम होगा। इस दौरान गायक निंजा की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रहेगी। इसके अतिरिक्त महोत्सव में यज्ञ, दीपोत्सव, यमुना आरती, पशु जन्म नियंत्रण और दीवार चित्रकला जैसी गतिविधियां भी शामिल रहेंगी।

महोत्सव समिति की अध्यक्ष एवं सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा तथा समिति के सचिव एवं पांवटा साहिब के एसडीएम द्विज गोयल के नाम से जारी कार्यक्रम के अनुसार, आयोजन का उद्देश्य धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ युवाओं में खेल भावना, नशामुक्ति, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता को प्रोत्साहित करना है।

शिलाई खत के 52 गांवों में शादी में फ़िज़ूलख़र्ची पर अंकुश लगाने के 17 नियम तय, शराब पर निर्णय को लेकर हो रही है चर्चा

पांवटा साहिब, (कपिल शर्मा ): जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के शिलाई में शादी-विवाह में बढ़ती फिजूलखर्ची पर रोक लगाने और पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण के लिए शिलाई खत के 52 गांवों ने सामूहिक रूप से 17 महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। शिलाई गांव में माता ठारी के सांझा प्रांगण में जेलदार दिनेश तोमर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में फ़िज़ूलख़र्ची पर अंकुश लगाने के 17 नियमों पर सर्वसम्मति से सहमति बनी।

शराब के समय को लेकर सबसे अधिक चर्चा

लेकिन जिस नियम पर क्षेत्र में विवाद उत्पन्न हो गया है उस निर्णय में शराब परोसने के समय को लेकर खास चर्चा हो रही है। तय किया गया कि बारात के दौरान शराब नहीं परोसी जाएगी। बीयर और अन्य नशीले पदार्थों पर भी प्रतिबंध रहेगा। इच्छुक लोगों के लिए बारात की वापसी के बाद शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक टेंट में शराब परोसने की व्यवस्था होगी। इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं लोगो का कहना है कि शराब के अलावा सभी पर सख़्त नियम लागू किए गए जबकि शराब पर ढिलाई बरती गई है!

बारातियों की संख्या 100 तक सीमित

नियमों के अनुसार बारात में 100 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। लकड़ी कटाई की रस्म में केवल 20 से 25 बुआरे शामिल होंगे। माश खाने की प्रथा बंद करने का निर्णय लिया गया है। मामा स्वागत की रस्म में भी बदलाव करते हुए बरतवारे यानी सगे मामा-मामी को ही उस दिन शामिल करने का फैसला लिया गया है। नेवदे के लिए 10 रुपये और मामा के ढंग के लिए 501 रुपये निर्धारित किए गए हैं भांजे-भांजी की शादी में कपड़े और जूते देने की परंपरा सीमित करते हुए इसे दूल्हा-दुल्हन और उनकी माता तक रखा गया है। दशूठन और दशराता में गांव से केवल एक-एक सदस्य को बुलाया जाएगा।

दहेज पर रोक, गहनों की संख्या भी तय

दुल्हन के लिए कानों के गहने, नाक का गहना, मंगलसूत्र, पायल और चुटकी सहित पांच प्रकार के गहने निर्धारित किए गए हैं। नाचने पर पैसे देने की प्रथा बंद होगी तथा टेंट और डीजे की व्यवस्था सीमित रहेगी। दहेज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए केवल पारंपरिक रीति के अनुसार सोबो-पाईतो देने का निर्णय लिया गया। ये नियम क्षेत्र से बाहर होने वाली शादियों पर भी लागू होंगे। उल्लंघन करने पर 52 हजार रुपये दंड और पूरे खत के सामूहिक भोज का प्रावधान रखा गया है। साथ ही त्योहारों की तिथियां भी पूरे शिलाई खत में एक समान निर्धारित करने का फैसला लिया गया।

Shillai: दशहरे पर चम्बियारा में दिखेगा कबड्डी का दम, सांस्कृतिक संध्या और देव पालकी दर्शन भी होंगे,22 अक्टूबर तक चलेंगे कार्यक्रम…

न्यूज़डे नेटवर्क/ शिलाई (कपिल शर्मा)

शिलाई विधानसभा क्षेत्र की बाली कोटी पंचायत के चम्बियारा गांव में दशहरा पर्व के अवसर पर 20 से 22 अक्टूबर 2026 तक छठी कबड्डी प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिरगुल सेवा समिति चम्बियारा की ओर से आयोजित इस तीन दिवसीय समारोह में क्षेत्र के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। आयोजन के माध्यम से युवाओं में खेल भावना, आपसी भाईचारे और ग्रामीण संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।प्रतियोगिता का आयोजन ग्रामीण स्तर पर कबड्डी मैट पर किया जाएगा।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 31 हजार रुपये नकद, बकरा और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा, जबकि द्वितीय स्थान हासिल करने वाली टीम को 15 हजार रुपये और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सर्वश्रेष्ठ रेडर और सर्वश्रेष्ठ रक्षक को भी विशेष ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा। आयोजन के पहले दिन 20 अक्टूबर को रात्रि सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। इस दौरान देव पालकी दर्शन का कार्यक्रम भी रखा गया है, जो समारोह का विशेष आकर्षण रहेगा। खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की परंपराओं को सहेजने के साथ युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

समिति के अध्यक्ष विक्रम ठाकुर, उपाध्यक्ष बलदेव ठाकुर, महासचिव संदीप ठाकुर, सचिव वीर सिंह, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, सचिव अनुज भंडारी और मितलेश ठाकुर आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं। वहीं, मुख्य सलाहकार रमेश ठाकुर, नरेश ठाकुर और प्रदीप ठाकुर सहित गांव के युवा भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं। समिति ने खेल प्रेमियों, युवाओं और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हिस्सा बनने की अपील की है। साथ ही कबड्डी प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों से 20 अक्टूबर से पहले पंजीकरण करवाने का आग्रह किया गया है। आयोजकों के अनुसार निर्धारित तिथि के बाद किसी भी टीम की एंट्री स्वीकार नहीं की जाएगी।

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