Thursday, July 23, 2026
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पशुरोग नियंत्रण को मिलेगा बल, पांवटा में पशु चिकित्सकों को दिया वैज्ञानिक प्रशिक्षण

पांवटा साहिब, 21 जुलाई (न्यूज़डे नेटवर्क): पशुधन में संक्रामक रोगों की समय रहते पहचान और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पांवटा साहिब उपमंडल में पशु चिकित्सकों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों के लिए सीरोसर्विलांस, सीरोमॉनिटरिंग और वैज्ञानिक नमूना संग्रहण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का आयोजन लाइवस्टॉक हेल्थ एंड डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एलएचडीसीपी) के तहत किया गया। प्रशिक्षण के दौरान खुरपका एवं मुंहपका (एफएमडी), पीपीआर, एवियन इन्फ्लुएंजा तथा अफ्रीकी स्वाइन फीवर जैसे संक्रामक रोगों की निगरानी, सीरोमॉनिटरिंग और प्रयोगशाला जांच के लिए वैज्ञानिक तरीके से नमूने एकत्र करने, उनका संरक्षण, पैकेजिंग और सुरक्षित परिवहन की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की सफलता के लिए मानकीकृत सैंपलिंग और नियमित निगरानी अत्यंत आवश्यक है। वेटरनरी पॉलीक्लिनिक नाहन की पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरुषि कंवर ने प्रतिभागियों को रक्त, सीरम और अन्य जैविक नमूनों के सही संग्रहण, बायो-सिक्योरिटी, व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों तथा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार प्रयोगशाला तक नमूने भेजने की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने रोगों की शीघ्र पहचान और समय पर सूचना प्रेषण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित महाजन ने कहा कि पशुधन में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए नियमित टीकाकरण, प्रभावी रोग निगरानी, सीरोमॉनिटरिंग और वैज्ञानिक नमूना संग्रहण बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पशु चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर संचालित पशुरोग नियंत्रण अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में संक्रामक रोगों की समय पर पहचान, वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया और प्रभावी नियंत्रण गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। प्रशिक्षकों ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कर पशुपालकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया!

हिमाचल में औषधीय और औद्योगिक उपयोग के लिए भांग की खेती को मिली मंजूरी, सरकार ने जारी किए नए नियम

शिमला (न्यूज़डे नेटवर्क): हिमाचल प्रदेश सरकार ने भांग की खेती को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने अधिसूचना जारी कर औषधीय, वैज्ञानिक और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए भांग की नियंत्रित खेती, प्रसंस्करण और विनिर्माण की अनुमति दे दी है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए गए हैं।

नई नियमावली के अनुसार भांग की खेती केवल औषधीय, वैज्ञानिक अनुसंधान और औद्योगिक उपयोग के लिए ही की जा सकेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि चरस और गांजा इन नियमों के दायरे से बाहर रहेंगे और इनका उत्पादन या उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के तहत खुले में भांग की खेती की अनुमति नहीं होगी। खेती केवल पूरी तरह सुरक्षित, बाड़बंद और नियंत्रित वातावरण वाले ग्रीनहाउस या पॉलीहाउस में ही की जा सकेगी, ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके। भांग आधारित उत्पादों के निर्माण के लिए राज्य में उद्योग स्थापित करने वाली कंपनियों को कम से कम 100 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश करना होगा। साथ ही लाइसेंस प्राप्त करने के लिए 5 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कराना अनिवार्य होगा। सरकार ने विनिर्माण इकाइयों के वार्षिक कारोबार पर 3 प्रतिशत राज्य उपकर भी निर्धारित किया है। इसमें 2 प्रतिशत दुग्ध उपकर पशुपालन विभाग को तथा 1 प्रतिशत पर्यावरण उपकर पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को मिलेगा। सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य भांग के औषधीय और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना तथा नियंत्रित व्यवस्था के माध्यम से इसके दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाना है।

पूर्व विधायक होशियार सिंह पर विधायक निधि के दुरुपयोग का केस, विजिलेंस ने 8 लाख रुपये के कथित गबन मामले में दर्ज की एफआईआर

शिमला (न्यूज़डे नेटवर्क): हिमाचल प्रदेश के देहरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्राथमिक जांच में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के पर्याप्त आधार मिलने के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (आपराधिक न्यासभंग) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत 16 जुलाई को धर्मशाला थाने में मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि वर्ष 2023 और 2024 के दौरान विधायक ऐच्छिक निधि से 16 लाभार्थियों के नाम पर 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत कर उनके बैंक खातों में भेजी गई। शिकायत के अनुसार, इनमें से अधिकांश लाभार्थी पूर्व विधायक की निजी फैक्ट्री के कर्मचारी थे। आरोप है कि राशि खाते में आने के बाद कर्मचारियों से नकद निकलवाकर वापस ले ली गई। कुल कथित राशि लगभग 8 लाख रुपये बताई गई है। विजिलेंस की जांच में बैंक अभिलेखों, सरकारी दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों का परीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई लाभार्थियों ने कथित रूप से बताया कि उन्होंने सहायता के लिए आवेदन नहीं किया था और खाते में आई राशि पूर्व विधायक के निर्देश पर नकद निकालकर उन्हें सौंप दी थी। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत किया गया तथा वास्तविक लाभ लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा। गौरतलब है कि होशियार सिंह देहरा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने दोनों बार निर्दलीय चुनाव जीता था। वर्ष 2024 में राज्यसभा चुनाव के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था, लेकिन बाद में हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर से पराजित हो गए थे। फिलहाल विजिलेंस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

बछड़ी को बचाने की कोशिश बनी काल: जहरीली गैस से चार युवकों की मौत, एक की हालत गंभीर”

झज्जर (हरियाणा) (न्यूज़डे नेटवर्क): झज्जर जिले के मुनीमपुर गांव में रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। हादसा उस समय हुआ जब एक बछड़ी करीब 100 साल पुराने और लगभग 50 वर्षों से बंद पड़े कुएं में गिर गई। उसे बचाने के लिए एक युवक कुएं में उतरा, लेकिन अंदर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले युवक को बचाने के प्रयास में अन्य युवक भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के एक-एक कर कुएं में उतरते गए। जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी की चपेट में आने से सभी बेहोश हो गए। इस दर्दनाक हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि नरेंद्र पुत्र सत्यवान गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। मृतकों की पहचान मुनीमपुर निवासी दलबीर पुत्र फूल सिंह, मोनू पुत्र राजबीर तथा बिहार निवासी श्रमिक रामू पुत्र रामदुलारे के रूप में हुई है। चौथे मृतक की पहचान की पुष्टि प्रशासन द्वारा की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद सभी को कुएं से बाहर निकाला गया और सिविल अस्पताल झज्जर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल झज्जर के डॉक्टर मोहित ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण कुएं में ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस का प्रभाव प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे मुनीमपुर गांव में शोक की लहर है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से हादसे की निष्पक्ष जांच कराने तथा भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुराने बंद कुओं की सुरक्षा और आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है।

शिलाई की सखोली पंचायत का बड़ा फैसला शादी में फिजूलखर्ची पर रोक, नियम तोड़ने पर ₹51 हजार जुर्माना

19 जुलाई (न्यूज़डे नेटवर्क): शिलाई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सखोली में पंचायत प्रधान कमलेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सामाजिक समानता और विवाह समारोहों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के उद्देश्य से कई अहम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। बैठक में पंचायत के उपप्रधान सुरेन्द्र शर्मा, पंच, बुद्धिजीवी, महिला एवं पुरुष प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार अब पंचायत क्षेत्र में होने वाले विवाह समारोह सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किए जाएंगे। निर्णय लिया गया कि दुल्हन केवल मंगलसूत्र, नाक की तीली, कानों के झुमके और पायल ही धारण करेगी। अन्य भारी-भरकम आभूषण पहनने की परंपरा समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा विवाह में ‘मामा खर्च’ की प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। केवल वास्तविक (सगे) मामा ही इस रस्म में शामिल होंगे तथा मामा द्वारा बकरा या अन्य उपहार देने-लेने की परंपरा पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पंचायत ने बारात में अधिकतम 10 वाहनों की अनुमति देने का निर्णय लिया है। वहीं रिश्ता तय करते समय होने वाली ‘माशा खान’ की परंपरा भी समाप्त कर दी गई है। बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति पंचायत के इन सामाजिक नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर ₹51,000 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। साथ ही उसे पूरी पंचायत के लोगों को सामूहिक भोज भी करवाना होगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि इन निर्णयों का उद्देश्य समाज में समानता, सादगी और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना तथा विवाह समारोहों में अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करना है। पंचायत ने सभी ग्रामीणों से इन नियमों का पालन करने की अपील की।

शिलाई में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में पांच युवक गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

शिलाई (सिरमौर): हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक लाइव वीडियो के अनुसार, स्थानीय लोगों ने एक विशेष समुदाय से संबंध रखने वाले पांच युवकों को एक लड़की को बहला-फुसलाकर उत्तराखंड के हरबर्टपुर ले जाते हुए पकड़ा है। पकड़े गए सभी आरोपियों को स्थानीय जनता द्वारा पुलिस के हवाले कर दिया गया है। वायरल वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, ये पांचों युवक (जो कि अन्य राज्य और विशेष समुदाय से बताए जा रहे हैं) शिलाई के ही एक घर में मिस्त्री का काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि जिस घर में यह कार्य चल रहा था, वहां केवल एक बुजुर्ग महिला (दादी) और उनकी 17 वर्षीय पोती रहती थी। आरोप है कि काम करने के दौरान इन युवकों ने नाबालिग को अपने झांसे में लिया और उसे अपने साथ शिलाई से हरबर्टपुर (उत्तराखंड) की तरफ ले जाने लगे।युवकों की संदिग्ध गतिविधियों की भनक जैसे ही स्थानीय लोगों और ग्रामीणों को लगी, उन्होंने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी युवकों को बीच रास्ते में ही धर दबोचा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मुताबिक, गुस्साए लोगों ने इन पांचों युवकों को बाजार में पैदल घुमाया और बाद में तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी।सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निशित सिंह नेगी ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और सभी को हिरासत में ले लिया है। एसपी ने बताया कि पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि ये पांचों युवक काफी समय से लगातार उसका पीछा कर रहे थे और उसे परेशान कर रहे थे। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू पर गहनता से आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पांवटा साहिब के आईएएस निपुण जिंदल केंद्र सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त

पांवटा साहिब: सिरमौर जिले के पांवटा साहिब से ताल्लुक रखने वाले हिमाचल प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी निपुण जिंदल को केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी मिली है। केंद्र सरकार ने 2014 बैच के इस अधिकारी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली स्थित आर्थिक मामलों के विभाग (Department of Economic Affairs) में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने उनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। उनका कार्यकाल चार वर्ष या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, रहेगा। डीओपीटी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को निपुण जिंदल को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार उन्हें नियुक्ति पत्र जारी होने के तीन सप्ताह के भीतर नई दिल्ली में अपना कार्यभार संभालना होगा! आर्थिक मामलों का विभाग केंद्र सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल है, जहां देश की आर्थिक नीतियों, निवेश, वित्तीय मामलों और विकास परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित विभाग में हिमाचल कैडर के अधिकारी की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है ! निपुण जिंदल वर्तमान में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के प्रबंध निदेशक और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं और तीन दिन पहले ही उन्होंने पांवटा साहिब बस स्टैंड का निरीक्षण किया था और न्यूज़डे नेटवर्क के साथ विशेष बातचीत की थी उनके कार्यकाल में एचआरटीसी में हिम बस कार्ड जैसी महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई सुधार लागू किए गए। वह कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पांवटा साहिब के निवासी निपुण जिंदल ने अपनी बारहवीं तक की शिक्षा भी यहीं से प्राप्त की है। उनकी इस नियुक्ति से पांवटा साहिब और पूरे सिरमौर में खुशी का माहौल है।

जगन्नाथ रथ यात्रा में चार संदिग्ध महिलाएं हिरासत में, गहने काटकर चोरी की आशंका; पुलिस पूछताछ जारी

पांवटा साहिब। जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए चार संदिग्ध महिलाओं को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इन महिलाओं पर भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालु महिलाओं के सोने-चांदी के गहने चोरी करने या काटकर निकालने का प्रयास करने का संदेह है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।जानकारी के मुताबिक, यात्रा के दौरान एक महिला के हाथ में पहने सोने के कड़े को कटर से काटकर निकालने का प्रयास किए जाने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही थाना पांवटा साहिब की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चारों संदिग्ध महिलाओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस उनके कब्जे से मिले सामान की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस लगातार महिलाओं की पहचान और उनके निवास स्थान की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक वे स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इनका संबंध किसी संगठित गिरोह से है। बताया जा रहा है कि जगन्नाथ यात्रा के दौरान स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम पहले से ही जेबकतरों और चोरी की घटनाओं पर नजर बनाए हुए थी। इसी सतर्कता के चलते संभावित बड़ी वारदात को समय रहते टाल दिया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की यात्रा आयोजकों और श्रद्धालुओं ने भी सराहना की है। एसपी सिरमौर निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि थाना प्रभारी पांवटा साहिब कुलवंत सिंह के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने संदिग्ध महिलाओं को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भीड़भाड़ वाले आयोजनों में अपने कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील भी की है।

9 घंटे के शटडाउन के बाद भी नहीं सुधरे हालात अगले ही दिन कई इलाकों में बिजली संकट, बार-बार कटौती से लोग परेशान

पांवटा साहिब: पांवटा साहिब में बुधवार को बिजली विभाग द्वारा करीब 9 घंटे का शटडाउन लेकर रखरखाव कार्य किए जाने के बावजूद बिजली व्यवस्था में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला। वीरवार को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में दिनभर कई बार बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा जानकारी के अनुसार देवीनगर, विश्वकर्मा चौक, बस स्टैंड, कृपाल शिल्ला और बाजार के कुछ हिस्सों में लोड शेडिंग के कारण लगभग 30 मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा बद्रीपुर , हीरपुर, शर्मा ट्रांसपोर्ट, जगदीश आइस फैक्ट्री और शांति कुंज क्षेत्र में भी लोड शेडिंग के चलते करीब 40 मिनट तक बिजली गुल रही! वहीं मुख्य बाजार, सिविल अस्पताल, वाई प्वाइंट, अनाज मंडी, मस्जिद क्षेत्र, बांगरान चौक, एकता कॉलोनी और भाटिया पैलेस के आसपास के इलाकों में केबल बदलने (केबल रिप्लेसमेंट ) के कार्य के चलते करीब एक घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। लगातार बिजली कटौती से लोगों के घरेलू कार्यों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली गुल होने से लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब विभाग ने बुधवार को पूरे दिन का शटडाउन लेकर रखरखाव कार्य किया था, तो उसके बाद बिजली व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद थी। लेकिन अगले ही दिन अलग-अलग कारणों से लगातार बिजली बाधित रहने से विभाग के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि बार-बार होने वाली कटौती पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए और शहरवासियों को निर्बाध एवं भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। हालाकि बिजली विभाग के अधिकारी कम स्टाफ़ का हवाला दे रहे हैं जिससे बिजली आपूर्ति को सुचारू रूप से चलाने में परेशानी हो रही है!

बद्दी में बड़ी कार्रवाई: रिहायशी मकान से 29,990 नशीली गोलियां और 206 दवा की शीशियां बरामद

सोलन: बद्दी पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम गुरुमाजरा (बोरीवाला), तहसील बद्दी स्थित एक रिहायशी मकान में छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की हैं।संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मकान से 29,990 गोलियां और 206 दवा की शीशियां बरामद कीं। मौके पर मौजूद संजय खान, निवासी गांव एवं डाकघर गुरुमाजरा, तहसील बद्दी, जिला सोलन, बरामद दवाइयों के संबंध में कोई वैध लाइसेंस, खरीद बिल या अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।इसके बाद ड्रग विभाग ने नियमानुसार सभी बरामद दवाइयों को अपने कब्जे में लेकर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है! बद्दी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध नशा कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नशा तस्करी या अवैध दवाइयों के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला पुलिस बद्दी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि नशे के खिलाफ पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

15 जुलाई को पांवटा साहिब व शिलाई में 9 घंटे का बिजली संकट, 132 केवी लाइन शटडाउन से ठप रहेगी आपूर्ति

पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र के लोगों को 15 जुलाई (बुधवार) को लंबे बिजली कट का सामना करना पड़ेगा। गिरि नगर से आने वाली 132 केवी विद्युत लाइन पर आवश्यक रखरखाव और मरम्मत कार्य के चलते विभाग ने सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक शटडाउन घोषित किया है। इस दौरान पूरे पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। करीब नौ घंटे तक बिजली गुल रहने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों, छोटे उद्योगों और अन्य दैनिक कार्यों पर भी असर पड़ सकता है। भीषण गर्मी के बीच लंबे बिजली कट से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही विद्युत आपूर्ति बहाल की जाएगी। हालांकि, लोगों का कहना है कि लंबे शटडाउन से पहले से प्रभावित दिनचर्या पर और अधिक असर पड़ेगा।

स्मार्ट मीटर में बिल फुल, बिजली गुल! पांवटा से शिलाई तक बिजली की आंख-मिचौली, गर्मी से लोग बेहाल

पांवटा साहिब, 14 जुलाई। पांवटा साहिब से लेकर शिलाई क्षेत्र तक बीते 24 घंटों के दौरान बार-बार बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रातभर बिजली की आंख-मिचौली के चलते लोगों की नींद हराम रही, जबकि उमस भरी गर्मी ने हालात और अधिक मुश्किल बना दिए। पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद रहने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ी। क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके अनुरूप बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही। लोगों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के बार-बार बिजली कटने से आमजन का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। सोमवार रात बिजली के आने-जाने का सिलसिला पूरी रात जारी रहा, जिससे उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात और गर्मी के इस मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। बार-बार बिजली कटने से घरेलू कार्यों के साथ-साथ छोटे कारोबार और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। लोगों ने बिजली बोर्ड से मांग की है कि तकनीकी खामियों को जल्द दूर कर व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बार-बार की परेशानी से राहत मिल सके ! क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब उपभोक्ताओं से समय पर और बढ़े हुए बिजली बिल वसूले जा रहे हैं, तो उन्हें गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलना भी उनका अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे बिजली बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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