सोलन: बद्दी पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम गुरुमाजरा (बोरीवाला), तहसील बद्दी स्थित एक रिहायशी मकान में छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की हैं।संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मकान से 29,990 गोलियां और 206 दवा की शीशियां बरामद कीं। मौके पर मौजूद संजय खान, निवासी गांव एवं डाकघर गुरुमाजरा, तहसील बद्दी, जिला सोलन, बरामद दवाइयों के संबंध में कोई वैध लाइसेंस, खरीद बिल या अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।इसके बाद ड्रग विभाग ने नियमानुसार सभी बरामद दवाइयों को अपने कब्जे में लेकर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है! बद्दी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध नशा कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नशा तस्करी या अवैध दवाइयों के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला पुलिस बद्दी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि नशे के खिलाफ पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।
15 जुलाई को पांवटा साहिब व शिलाई में 9 घंटे का बिजली संकट, 132 केवी लाइन शटडाउन से ठप रहेगी आपूर्ति
पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र के लोगों को 15 जुलाई (बुधवार) को लंबे बिजली कट का सामना करना पड़ेगा। गिरि नगर से आने वाली 132 केवी विद्युत लाइन पर आवश्यक रखरखाव और मरम्मत कार्य के चलते विभाग ने सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक शटडाउन घोषित किया है। इस दौरान पूरे पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। करीब नौ घंटे तक बिजली गुल रहने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों, छोटे उद्योगों और अन्य दैनिक कार्यों पर भी असर पड़ सकता है। भीषण गर्मी के बीच लंबे बिजली कट से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही विद्युत आपूर्ति बहाल की जाएगी। हालांकि, लोगों का कहना है कि लंबे शटडाउन से पहले से प्रभावित दिनचर्या पर और अधिक असर पड़ेगा।
स्मार्ट मीटर में बिल फुल, बिजली गुल! पांवटा से शिलाई तक बिजली की आंख-मिचौली, गर्मी से लोग बेहाल
पांवटा साहिब, 14 जुलाई। पांवटा साहिब से लेकर शिलाई क्षेत्र तक बीते 24 घंटों के दौरान बार-बार बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रातभर बिजली की आंख-मिचौली के चलते लोगों की नींद हराम रही, जबकि उमस भरी गर्मी ने हालात और अधिक मुश्किल बना दिए। पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद रहने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ी। क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके अनुरूप बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही। लोगों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के बार-बार बिजली कटने से आमजन का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। सोमवार रात बिजली के आने-जाने का सिलसिला पूरी रात जारी रहा, जिससे उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात और गर्मी के इस मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। बार-बार बिजली कटने से घरेलू कार्यों के साथ-साथ छोटे कारोबार और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। लोगों ने बिजली बोर्ड से मांग की है कि तकनीकी खामियों को जल्द दूर कर व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बार-बार की परेशानी से राहत मिल सके ! क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब उपभोक्ताओं से समय पर और बढ़े हुए बिजली बिल वसूले जा रहे हैं, तो उन्हें गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलना भी उनका अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे बिजली बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
सिरमौर में 31 अगस्त तक पहाड़ी कटान पर पूर्ण प्रतिबंध, उपायुक्त प्रियंका वर्मा के आदेश
पांवटा साहिब, 9 जुलाई (कपिल): : मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से जन-धन की सुरक्षा को देखते हुए जिला दण्डाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) सिरमौर की अध्यक्ष प्रियंका वर्मा ने जिले में निजी विकास कार्यों, निर्माण गतिविधियों तथा अन्य गैर-आवश्यक कार्यों के लिए किए जाने वाले सभी प्रकार के पहाड़ी कटान (हिल कटिंग) पर तत्काल प्रभाव से 31 अगस्त 2026 तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जारी आदेशों के अनुसार वर्ष 2023 और 2025 में भारी बारिश, बादल फटने तथा फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं से जिला सिरमौर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ था। वहीं वर्तमान मानसून के दौरान भी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) समय-समय पर रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर रहा है तथा जिले में लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनजीवन, आवासीय क्षेत्रों, महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं और जिले के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 33 एवं 34 के तहत यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, आपदा शमन, आपदा से क्षतिग्रस्त अवसंरचना की बहाली तथा सड़क, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और अन्य आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कार्य इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।जिला प्रशासन ने सभी विभागों और संबंधित अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम जनता से भी मानसून के दौरान सतर्क रहने, सुरक्षा उपाय अपनाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
ऑरेंज अलर्ट के चलते पांवटा साहिब उपमंडल के सभी सरकारी व निजी स्कूल 10 जुलाई को रहेंगे बंद
पांवटा साहिब, 9 जुलाई (कपिल शर्मा): मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जिला सिरमौर सहित हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए पांवटा साहिब उपमंडल प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। उपमंडलाधिकारी (नागरिक) पांवटा साहिब द्विज गोयल (आईएएस) ने आदेश जारी करते हुए 10 जुलाई (शुक्रवार) को उपमंडल के सभी सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। जारी आदेश के अनुसार प्री-प्राइमरी, प्राइमरी, मिडिल, हाई एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र, प्ले स्कूल तथा अन्य सभी शिक्षण संस्थान शुक्रवार को बंद रहेंगे। यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत लिया गया है। हालांकि, विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रशासनिक अथवा आपातकालीन कार्यों के लिए आवश्यक कर्मचारी सक्षम प्राधिकारी के निर्देशानुसार उपलब्ध रहेंगे। एसडीएम द्विज गोयल ने आम नागरिकों से भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान के तहत प्रदेशभर में छापेमारी, 482 मेडिकल स्टोरों की जांच, 13 को नोटिस जारी
शिमला, 2 जुलाई (न्यूज़डे नेटवर्क): नशे के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी “चिट्टा मुक्त हिमाचल” अभियान के दूसरे चरण के तहत हिमाचल प्रदेश पुलिस ने स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन के साथ मिलकर प्रदेशभर में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया। इस दौरान मेडिकल स्टोरों, दवा थोक विक्रेताओं और चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर नशीली एवं मनःप्रभावी दवाओं की अवैध बिक्री और दुरुपयोग पर शिकंजा कसा गया! अभियान के दौरान संयुक्त टीमों ने प्रदेशभर में 482 मेडिकल स्टोर, 22 दवा थोक विक्रेताओं और 7 चिकित्सकों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री अभिलेख, चिकित्सकीय पर्चियां, बिलिंग रिकॉर्ड और एनडीपीएस अधिनियम सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के अनुपालन की गहन जांच की गई! निरीक्षण में अनियमितताएं पाए जाने पर 13 मेडिकल प्रतिष्ठानों को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत नोटिस जारी किए गए, जबकि बिना वैध लाइसेंस संचालित दो क्लीनिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। जिन प्रतिष्ठानों में मामूली कमियां मिलीं, उन्हें नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। पुलिस के अनुसार यह अभियान मुख्यमंत्री द्वारा 15 नवंबर 2025 को शुरू किए गए “एंटी-चिट्टा पीपुल्स मूवमेंट” का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सिंथेटिक नशे के नेटवर्क को समाप्त करना और प्रदेश में निवारक प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत बनाना है। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस नशे के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि रणनीति केवल मुकदमे दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नियंत्रित दवाओं की अवैध आपूर्ति श्रृंखला तोड़ना, नियामकीय कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करना भी शामिल है। उन्होंने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से नशे के कारोबार की किसी भी सूचना को पुलिस के साथ साझा करने की अपील की। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी या नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री की जानकारी मिलने पर तुरंत डायल 112 या अपने नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
पांवटा साहिब नगर परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव 4 जुलाई को
पांवटा साहिब, 2 जुलाई (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए आधिकारिक कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। एसडीओ (सिविल) एवं प्रिसाइडिंग ऑफिसर द्विज गोयल द्वारा गुरुवार को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया। जारी नोटिस के अनुसार नगर परिषद पांवटा साहिब के सभी 13 निर्वाचित पार्षदों को चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सूचित किया गया है। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद का चुनाव 4 जुलाई 2026 (शनिवार) को सुबह 11:00 बजे नगर परिषद सभागार, पांवटा साहिब में संपन्न होगा। यह चुनाव हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1994 तथा हिमाचल प्रदेश म्यूनिसिपल इलेक्शन रूल्स, 2015 के प्रावधानों के तहत कराया जाएगा।

एसडीओ (सिविल) एवं प्रिसाइडिंग ऑफिसर द्विज गोयल ने सभी पार्षदों से निर्धारित समय पर उपस्थित होकर चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया है। चुनाव को लेकर प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं और शांतिपूर्ण व निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रबंध किए जा रहे हैं।
पांवटा साहिब के ज्वालापुर क्रिकेट मैदान में विवाद, युवक पर बैट से हमला सिर में आई चोट
पांवटा साहिब, 30 जून (कपिल): पुलिस थाना पुरुवाला के अंतर्गत ज्वालापुर ग्राउंड में क्रिकेट खेलने के दौरान हुए विवाद में एक युवक पर क्रिकेट बैट से हमला करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में प्रिंस कपूर पुत्र मुन्शी राम, निवासी गांव शमाह पमता, डाकघर शवगा, तहसील कमरऊ, जिला सिरमौर ने बताया कि वह ज्वालापुर ग्राउंड में खेलने गया था, जहां स्थानीय युवक क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान एक कार (नंबर UK07AU-4725) वहां पहुंची, जिससे अशोक कुमार नामक युवक हाथ में क्रिकेट बैट लेकर उतरा और रितिक के साथ बहस करने लगा। शिकायत के अनुसार, बहस के दौरान अशोक कुमार ने क्रिकेट बैट से रितिक के सिर पर 2-3 वार कर दिए, जिससे उसके सिर में चोटें आईं। पुलिस थाना पुरुवाला में आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। एस॰पी सिरमौर एन॰एस नेगी का कहना है कि मामले की जांच जारी है तथा जांच के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
15 साल बाद किसी मुख्यमंत्री को देख चहके ग्रामीण, बड़ा भंगाल में पहली बार रात्रि ठहराव करने का सुखु ने रचा कीर्तिमान
कांगड़ा, 28 जून (न्यूज़डे नेटवर्क): करीब 15 साल के एक लंबे अंतराल के बाद हिमाचल प्रदेश के मुखिया को अपने बीच पाकर सिर्फ कांगड़ा जिला ही नहीं बल्कि प्रदेश के सबसे दुर्गम और कठिन क्षेत्र बड़ा भंगाल के लोग खुशी से चहक उठे। खासकर उन युवाओं की खुशी का ठिकाना नहीं था जिन्होंने बचपन की दहलीज को अभी-अभी लांघा है और पहली बार किसी मुख्यमंत्री को देखने का सपना पूरा हुआ।
लगभग डेढ़ दशक के बाद कोई मुख्यमंत्री न सिर्फ बड़ा भंगाल क्षेत्र के दौरे पर पहुंचा बल्कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूरी रात स्थानीय लोगों के साथ बिताकर एक नया कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया। यह पहली बार नहीं जब श्री सुक्खू ने दुर्गम क्षेत्र में पहंुचकर लोगों का दुःख-दर्द साझा किया है। ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की नई सोच के साथ वह लगातार ऐसे कठिन क्षेत्रों में रात्रि ठहराव करते आए हैं जहां आमतौर पर कोई नेता पहुंचने में रुचि नहीं दिखाता है। इससे पहले उन्होंने शिमला ज़िले के डोडरा-क्वार और कुपवी, कुल्लू ज़िले के बागा सराहन सहित जनजातीय जिलों लाहौल-स्पिति और किन्नौर के दूरस्थ गांवों का दौरा कर वहां के लोगों के बीच रात्रि प्रवास कर उनकी समस्याओं और परेशानियों का समाधान किया है। उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा ‘चोला-डोरा’ धारण कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया तथा स्थानीय लोगों के साथ पारंपरिक लोकनृत्य में भी सहभागिता की।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय किसानों के खेतों का दौरा कर उनकी समस्याओं को नजदीक से समझा। उन्होंने किसानों से राजमाह की खेती, उत्पादन और विपणन से जुड़े मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की तथा भेड़पालकों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऊन का समर्थन मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है, जिससे भेड़पालकों और स्थानीय किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बड़ा भंगाल के लोग भी सरकार की इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने ‘राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना’ लागू की है। इसके तहत प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की का 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम तथा पांगी घाटी में उत्पादित जौ का समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। इसके अतिरिक्त, हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है, जबकि अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
आंजभोज के डांडा आंज और टोरु गांव में गहराया पेयजल संकट, बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी
पांवटा साहिब, 28 जून (कपिल शर्मा): जिला सिरमौर के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के आंजभोज के डांडा आंज और टोरु गांवों में इन दिनों गंभीर पेयजल संकट ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। पिछले कई दिनों से गांवों में पेयजल की नियमित आपूर्ति ठप रहने के कारण ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि लोगों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। पीने के पानी के साथ-साथ घरेलू कार्यों और पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पानी की समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। उनका आरोप है कि पेयजल आपूर्ति न तो नियमित है और न ही व्यवस्थित, जिसके चलते भीषण गर्मी के बीच लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण नेत्र सिंह, ललित तोमर, सुरेंद्र सिंह, खजान सिंह, कल्याण सिंह, मदन सिंह और राकेश कुमार ने बताया कि कई दिनों से गांव के अधिकांश घरों में नलों से पानी नहीं आ रहा है। मजबूरी में लोगों को दूर-दराज के प्राकृतिक स्रोतों और अन्य स्थानों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जल शक्ति विभाग से तत्काल प्रभाव से नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे जन आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
विभाग ने बताई पानी की कमी वजह
उधर, इस संबंध में जल शक्ति विभाग के जूनियर इंजीनियर विनय धीमान ने बताया कि जल स्रोतों में पानी की कमी आने के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग उपलब्ध जल स्रोतों और संसाधनों के अनुसार पानी की आपूर्ति को संतुलित ढंग से संचालित करने का प्रयास कर रहा है। साथ ही आश्वासन दिया कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही ग्रामीणों को राहत मिलेगी। ग्रामीणों को अब विभाग के आश्वासन के धरातल पर उतरने का इंतजार है। यदि आने वाले दिनों में पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हुई, तो क्षेत्र में आंदोलन की स्थिति बन सकती है।
हिमाचल बॉर्डर पर बैरिकेड्स तोड़ देहरादून की तरफ बढ़े निहंग, प्रेमनगर छावनी में तब्दील
पांवटा साहिब (न्यूज़डे नेटवर्क): कर्णप्रयाग और नगरासू गुरुद्वारा विवाद के बाद पंजाब से आए निहंगों का उत्तराखंड कूच बेहद तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। हिमाचल बॉर्डर (कुल्हाल) पर पुलिस प्रशासन के रोकने और लंबी वार्ता के बाद भी स्थिति काबू में नहीं आई। देर रात निहंगों का जत्था बल्लूपुर-दून-पांवटा फोरलेन मार्ग पर पुलिस के अवरोधकों को तोड़ते हुए राजधानी देहरादून की सीमा में प्रवेश कर गया है। इसके बाद देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। प्रेमनगर में भारी तनाव के बीच एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल और जिलाधिकारी आशीष चौहान खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। सभी थानों की पुलिस फ़ोर्स बुलेट प्रूफ जैकेट व असलहों से लैस होकर मौके पर तैनात है। सड़क की एक लेन पर खनन से भरे डंपर खड़े हैं, जबकि दूसरी लेन को पुलिस बल ने पूरी तरह घेर रखा है।
पांवटा साहिब में बातचीत: पंजाब से आए निहंगों का जत्था हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब गुरुद्वारे में रुका था। सूचना मिलते ही एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार, तहसीलदार विवेक राजौरी, नायब तहसीलदार ग्यारुदत्त जोशी और एसपी देहात पंकज गैरोला गुरुद्वारे पहुंचे। अधिकारियों ने मत्था टेकने के बाद निहंगों से वार्ता की, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकल सका। बातचीत के बाद निहंगों का जत्था देहरादून के लिए रवाना हुआ, जिन्हें कुल्हाल बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगाकर रोका गया लेकिन निहंगों ने बेरिगेट तोड़कर उत्तराखंड में घुस गए!
क्यों बढ़ा विवाद? : इस पूरे तनाव के पीछे हाल ही में उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में हुई दो घटनाएं हैं।
16 जून (कर्णप्रयाग विवाद): पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें तलवारों के हमले से चार स्थानीय लोग घायल हो गए थे। इस मामले में चार निहंगों को गिरफ्तार किया गया है।
नगरासू गुरुद्वारा मामला: बीते शनिवार को कुछ निहंगों ने नगरासू स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहिब के ऊपरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था। उनका आरोप था कि कर्णप्रयाग मामले में स्थानीय सेवादारों ने उनकी मदद नहीं की। हालांकि, मंगलवार को स्थानीय प्रशासन और पंजाब के शिष्टमंडल की मध्यस्थता के बाद गुरुद्वारे को मुक्त करा लिया गया था। निहंगों ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार किए गए उनके चार साथियों (सिंहों) को रिहा कर पंजाब भेजा जाए। जब तक उन्हें उनके साथी नहीं मिलेंगे, वे वापस नहीं लौटेंगे।
प्रशासन का आश्वासन
वार्ता के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत अगले दो-चार दिनों के भीतर गिरफ्तार निहंगों की जमानत हो जाएगी। फिलहाल बॉर्डर पर पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स पूरी तरह से अलर्ट मोड में हैं।
नाहन नगर परिषद में टॉस से तय हुई सत्ता, कांग्रेस को मिली चेयरपर्सन की कुर्सी
नाहन (न्यूज़डे नेटवर्क): देश की दूसरी सबसे पुरानी नगर परिषद नाहन में सत्ता गठन को लेकर कई दिनों से बना सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। नगर परिषद के अध्यक्ष पद का फैसला इस बार राजनीतिक जोड़-तोड़ या बहुमत से नहीं, बल्कि टॉस के जरिए हुआ। किस्मत ने कांग्रेस का साथ दिया और पार्टी की उम्मीदवार उपमा धीमान नगर परिषद की नई अध्यक्ष चुनी गईं। नगर परिषद गठन के दौरान भाजपा और कांग्रेस समर्थित खेमों के बीच संख्या बल बराबर रहा। स्थानीय विधायक अजय सोलंकी के समर्थन से कांग्रेस का आंकड़ा सात तक पहुंच गया, जबकि भाजपा के पास भी सात पार्षद थे। दोनों पक्षों के 7-7 के बराबर होने के कारण अध्यक्ष पद का फैसला टॉस से करना पड़ा। भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए सीमा अत्री को उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस की ओर से उपमा धीमान मैदान में थीं। टॉस में बाजी कांग्रेस के पक्ष में गई और उपमा धीमान को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली। वहीं उपाध्यक्ष पद पर भाजपा को सफलता मिली। भाजपा समर्थित प्रदीप सहोत्रा उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इस तरह नगर परिषद की सत्ता में दोनों प्रमुख दलों की भागीदारी सुनिश्चित हुई! अध्यक्ष पद कांग्रेस के खाते में जाने के बाद नगर परिषद की नीतियों और विकास कार्यों की प्राथमिक जिम्मेदारी अब कांग्रेस के नेतृत्व पर रहेगी। वहीं उपाध्यक्ष पद मिलने से भाजपा भी नगर परिषद की सत्ता और निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नाहन नगर परिषद में टॉस से हुआ यह फैसला शहर की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।


