Friday, October 16, 2026
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डिग्री कॉलेज शिलाई में स्वच्छता अभियान, 45 विद्यार्थियों ने किया श्रमदान

न्यूज़डे नेटवर्क/शिलाई (कपिल शर्मा)

स्वच्छता के प्रति जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालय शिलाई में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस ) एवं ईको क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अभियान के दौरान प्राचार्य एवं कर्मचारियों के आवासीय परिसर की विशेष रूप से साफ-सफाई की गई। अभियान का आयोजन कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. गोपाल भारद्वाज के मार्गदर्शन में NSS कार्यक्रम अधिकारी प्रो. रंजना चौहान एवं ईको क्लब संयोजक प्रो. यशपाल शर्मा के नेतृत्व में किया गया। इसमें महाविद्यालय के 45 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए श्रमदान किया।

स्वच्छता अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने आवासीय परिसर में वर्षा ऋतु के दौरान उगी झाड़ियों, घास-फूस एवं खरपतवार को हटाया। इसके अलावा परिसर के विभिन्न हिस्सों में जमा कचरे और अवांछित सामग्री को एकत्रित कर साफ-सफाई की गई। विद्यार्थियों ने परिसर के आसपास के क्षेत्रों को भी व्यवस्थित करने में सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वच्छता को महज एक अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे निरंतर सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का संदेश दिया। विद्यार्थियों को कचरे के उचित निस्तारण, आसपास के सार्वजनिक व आवासीय क्षेत्रों को स्वच्छ रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

यमुना पुल से 54 वर्षीय व्यक्ति ने नदी में लगाई छलांग, दूसरे दिन भी नहीं मिला सुराग तलाश जारी

पांवटा साहिब, 28 सितंबर (कपिल शर्मा ): हिमाचल-उत्तराखंड सीमा के साथ लगते यमुना पुल से एक व्यक्ति द्वारा यमुना नदी में छलांग लगाने का मामला सामने आया है। घटना रविवार देर शाम की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पांवटा पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। रविवार देर रात तक भी व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।लापता व्यक्ति की पहचान नितिन गुप्ता (54) पुत्र सुरेंद्र गुप्ता, निवासी डिग्री कॉलेज के समीप, पांवटा साहिब के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार नितिन पिछले कुछ दिनों से किसी बात को लेकर मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। बताया जा रहा है कि रविवार शाम नितिन घर से निकले थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। बाद में यमुना पुल पर मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें नदी में छलांग लगाते देखा। लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाश अभियान शुरू किया। रविवार देर रात तक सर्च अभियान चला लेकिन कोई सुराग नहीं मिला सोमवार को फिर से पुलिस द्वारा यमुना नदी में गोताखोरों की मदद से तलाशी ली गई है लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा मंगलवार को फिर से तलाशी अभियान चलाया जाएगा और संभवता एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया जाए । इसके साथ ही पुलिस पुल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर भी घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नदी में तलाश अभियान जारी है।

जोगिंद्रनगर के लाल सावन बरवाल ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, मैराथन में भारत 44 साल बाद जीता रजत

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न्यूज़डे नेटवर्क : जापान के एची-नगोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में हिमाचल के लाल सावन बरवाल ने अपनी रफ्तार का लोहा मनवाते हुए इतिहास रच दिया। मंडी जिला के जोगिंद्रनगर के इस प्रतिभाशाली धावक ने पुरुष मैराथन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। सावन ने 42.195 किलोमीटर की मैराथन दौड़ को 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकेंड में पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। सावन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल हिमाचल, बल्कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी इस शानदार दौड़ के साथ ही एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में भारत का 44 वर्षों का लंबा पदक इंतजार भी समाप्त हो गया। इससे पहले भारत ने वर्ष 1982 में दिल्ली में आयोजित एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में पदक हासिल किया था। सावन की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता की खबर मिलते ही उनके गृह क्षेत्र जोगिंद्रनगर में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इसे हिमाचल के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण बताया। जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा, पूर्व मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र पाल ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जीवन ठाकुर, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पंकज जम्वाल और सावन के एथलेटिक्स कोच गोपाल ठाकुर ने उन्हें इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी। जोगिंद्रनगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष भास्कर गुप्ता ने भी सावन बरवाल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर हासिल की गई यह सफलता क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद और प्रेरणा लेकर आई है। सावन ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगातार संघर्ष के दम पर यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों और पहाड़ी क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी विश्वस्तरीय मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

कबड्डी के अखाड़े में फिर गूंजा भारत का जयघोष, शिलाई की बेटी पुष्पा राणा की कप्तानी में ईरान को हराकर लगातार दूसरी बार जीता सोना

न्यूज़डे नेटवर्क। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। रोमांच से भरपूर खिताबी मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने ईरान की मजबूत टीम को 37-34 से शिकस्त देकर सोने पर कब्जा जमाया। पूरे मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला, लेकिन निर्णायक क्षणों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम और रणनीति का परिचय देते हुए बाजी अपने नाम कर ली। इस ऐतिहासिक जीत की अगुवाई हिमाचल प्रदेश की बेटी पुष्पा राणा ने की। कप्तान के तौर पर पुष्पा ने टीम का शानदार नेतृत्व करते हुए खिलाड़ियों का मनोबल बनाए रखा। जीत के बाद उन्होंने कहा कि पिछली बार भी भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया था और इस बार मैदान में उतरने से पहले ही टीम ने तय कर लिया था कि लक्ष्य केवल सोना होगा। खिलाड़ियों ने इसी संकल्प के साथ मुकाबला खेला और उसे हासिल करने में कामयाब रहीं।

हिमाचल की चार बेटियों का शानदार योगदान

भारतीय महिला कबड्डी टीम की इस उपलब्धि में हिमाचल प्रदेश की भूमिका भी खास रही। टीम की कप्तान पुष्पा राणा के अलावा प्रदेश की तीन अन्य खिलाड़ियों ने भी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। इनमें सिरमौर की रितु नेगी, मंडी की भावना देवी ठाकुर और सोलन की ज्योति ठाकुर शामिल हैं चारों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने खेल का दम दिखाते हुए हिमाचल के साथ-साथ पूरे देश का गौरव बढ़ाया। भारतीय टीम के लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में चैंपियन बनने से प्रदेश के खेल जगत में भी खुशी की लहर है। हिमाचल की बेटियों ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा, मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम लहरा सकती हैं।

एक रंग की पारंपरिक वेशभूषा में पशमी की 500 भांजियां पहुंचीं चालदा महासू के दरबार

न्यूज़डे नेटवर्क, 25 सितंबर (कपिल शर्मा ): सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र शिलाई में धार्मिक आस्था के साथ समृद्ध लोक परंपराओं का अद्भुत नजारा उस समय देखने को मिला, जब पशमी गांव की करीब 500 भांजियां एक जैसी पारंपरिक वेशभूषा में सजकर चालदा महासू महाराज के दरबार में पहुंचीं। विवाहित और अविवाहित महिलाओं (भांजियों) की इस सामूहिक धार्मिक यात्रा ने शिलाई से लेकर पशमी तक माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। सुबह शिलाई बाजार में बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं। इसके बाद पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं की शोभायात्रा पशमी के लिए रवाना हुई। हाथों में पूजा सामग्री और जुबां पर महासू महाराज के जयकारों के बीच महिलाओं ने भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा पूरी की। एक जैसी वेशभूषा में सैकड़ों महिलाओं की कतार राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। पशमी स्थित चालदा महासू महाराज मंदिर पहुंचने के बाद महिलाओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान पशमी गांव की भांजियों की ओर से महाराज को चांदी के दो डोरिया और बकरा भेंट किया गया। महिलाओं ने परिवारों की खुशहाली, क्षेत्र की सुख-समृद्धि और समाज में आपसी भाईचारे एवं दाईचारे की भावना मजबूत बनाए रखने की कामना की।

धार्मिक कार्यक्रम के बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं देर रात तक चले जागरण में महासू महाराज का गुणगान किया गया। लोकगीतों और पारंपरिक धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गिरिपार की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली।
यहां आयोजन में शामिल महिलाओं ने कहा कि इस तरह के सामूहिक धार्मिक आयोजन केवल आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से क्षेत्र की परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक एकता को भी मजबूती मिलती है। सैकड़ों महिलाओं की एक साथ भागीदारी ने नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश दिया। देर रात तक मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से गुलजार रहा और पूरा गांव महासू महाराज के जयकारों से गूंजता रहा।

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