Thursday, April 16, 2026
Home Blog Page 3

डांडा व कालाअम्ब में गहराया पेयजल संकट, महिलाओं का जल शक्ति विभाग को अल्टीमेटम

पांवटा साहिब, 17 मार्च (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के आंज-भोज इलाके के गांव डांडा व कालाअम्ब में पेयजल संकट ने एक बार फिर गंभीर रूप धारण कर लिया है। समस्या से परेशान ग्रामीण महिलाओं ने आज जल शक्ति विभाग के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए विभाग को एक महीने का अल्टीमेटम दिया और विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं कविता, मित्रा, सीता, कांता, सुमन, अनीता, पूनम, ममता और गुलाबी देवी ने बताया कि अभी गर्मियों का मौसम पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन गांव में पेयजल की किल्लत ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। महिलाओं ने कहा कि हर वर्ष गर्मियों के आते ही यही समस्या विकराल रूप ले लेती है, जिससे घर-गृहस्थी का कामकाज बुरी तरह प्रभावित होता है और उन्हें दूर-दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ता है। महिलाओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जलापूर्ति के लिए लगाए गए पंप की मोटर बार-बार खराब हो जाती है, लेकिन विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय हर बार पुरानी मोटर को ही अस्थायी रूप से ठीक कर देता है। इससे समस्या का जड़ से समाधान नहीं हो पा रहा और ग्रामीणों को बार-बार उसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगी। उन्होंने विभाग से मांग की कि नई और बेहतर क्षमता वाली मोटर जल्द से जल्द लगाई जाए तथा जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

इस संबंध में जल शक्ति विभाग के एसडीओ परविंदर सिंह ने बताया कि रविवार को पंप खराब होने के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है। उन्होंने कहा कि खराब पंप को मरम्मत के लिए भेज दिया गया है और जल्द ही पानी की सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए नए पंप का एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है, जिसे स्वीकृति मिलते ही स्थापित किया जाएगा, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

माजरा में शरारती तत्वों का कहर, बिजली बोर्ड के एसडीओ से मारपीट

पांवटा साहिब, (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब उपमंडल के अंतर्गत पुलिस थाना माजरा क्षेत्र में कुछ युवकों द्वारा बिजली बोर्ड के एक सहायक अभियंता के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार रणजीत सिंह पुत्र दया राम, निवासी गांव हीरापुर, तहसील झंडूता, जिला बिलासपुर, जो कि गिरीनगर पावर हाउस में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि वह अपनी रात्रि ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें सड़क किनारे तीन व्यक्ति शराब पीते हुए दिखाई दिए। रणजीत सिंह के अनुसार जैसे ही वह उनके पास से गुजरे, आरोपियों ने उनके चेहरे पर टॉर्च की रोशनी डाली। जब उन्होंने इसका विरोध किया और कारण पूछा, तो आरोपियों ने उनके साथ बहस शुरू कर दी, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। आरोप है कि तीनों ने मिलकर उन्हें बुरी तरह पीटा, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एस॰पी॰ सिरमौर एन॰एस॰ नेगी ने पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पांवटा साहिब के वार्ड नंबर-6 शुभखेड़ा में टूटा सीवरेज ढक्कन बना मुसीबत, सड़क पर बह रहा गंदा पानी, लोगों में बीमारी का डर

पांवटा साहिब, (कपिल शर्मा) : पांवटा साहिब के वार्ड नंबर-6 शुभखेड़ा में बांगरन–पांवटा साहिब रोड पर टूटा सीवरेज ढक्कन लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। सीवरेज लाइन का ढक्कन टूटने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में बदबू फैल रही है और राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासी नवीन अग्रवाल, राकेश कुमार, अजीत सिंह और विशाल चौहान ने बताया कि सीवरेज का गंदा पानी सड़क पर बहने से आसपास के घरों और दुकानों तक बदबू फैल रही है। उन्होंने कहा कि अब गर्मियों का मौसम शुरू होने के कारण गंदे पानी में मच्छर भी पनपने लगे हैं, जिससे क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या पिछले कुछ समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया।लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को बदबू और संभावित बीमारियों के खतरे से राहत मिल सके। इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि भारी ट्रालों के आवागमन के कारण सीवरेज लाइन का ढक्कन टूट गया है, जिसके चलते गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जल्द ही ढक्कन को ठीक करवा कर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

कुंडियों गांव में बधाई लेने को लेकर किन्नरों के दो गुटों में मारपीट, क्रॉस केस दर्ज

पांवटा साहिब, 14 मार्च (कपिल शर्मा) : पांवटा साहिब उपमंडल के तहत पुलिस थाना माजरा क्षेत्र के गांव कुंडियों में बधाई लेने को लेकर किन्नरों के दो गुटों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर दोनों पक्षों ने पुलिस में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है ! पुलिस में दर्ज शिकायत में जोया महंत निवासी गुज्जर कॉलोनी बद्रीपुर ने बताया कि वह अपनी साथियों आशा, नैना और शिवानी के साथ गांव कुंडियों में बधाई लेने गई थी। इसी दौरान राजकुमारी उर्फ नर्गिस अपने साथियों समीर खान और खुशी उर्फ जानी के साथ वहां पहुंची और कथित तौर पर गाली-गलौच करते हुए डंडों से हमला कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार इस मारपीट में उसके बाजू, टांग और कमर में चोटें आई हैं।

वहीं दूसरी ओर राजकुमारी निवासी वार्ड नंबर 09 देवीनगर ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उसने बताया कि वह अपने साथी खुशी और चालक समीर के साथ गांव कुंडियों में बधाई लेने गई थी, जहां पहले से जोया, नैना, आशा और शिवानी मौजूद थे। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। राजकुमारी का आरोप है कि जोया ने उसे धक्का देकर गिरा दिया और लात-घूंसों से मारपीट की, जिससे उसे पेट, छाती और टांगों में चोटें आई हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

शिलाई बाजार में अवैध पार्किंग से जाम की समस्या, नागरिक सभा ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

शिलाई, 12 मार्च (न्यूज़डे नेटवर्क): शिलाई बाजार में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-707 पर अवैध पार्किंग के कारण लगने वाले जाम से परेशान स्थानीय लोगों ने प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की है। इस संबंध में शिलाई नागरिक सभा ने उपमंडलाधिकारी (SDM) शिलाई को एक लिखित शिकायत सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की अपील की है। शिकायत में कहा गया है कि शिलाई बाजार से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन निजी वाहन दुकानों के सामने तथा सड़क के बीचों-बीच खड़े कर दिए जाते हैं। इसके कारण बाजार में लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे न केवल स्थानीय व्यापारियों बल्कि आम जनता और राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नागरिक सभा के अनुसार कई बार वाहन मालिक दुकानों के सामने इस तरह वाहन खड़े कर देते हैं कि दुकानों तक आने-जाने के लिए पर्याप्त रास्ता भी नहीं बचता। जब दुकानदार या स्थानीय लोग उनसे वाहन हटाने का अनुरोध करते हैं तो कई बार विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है, जिससे बाजार का माहौल तनावपूर्ण हो जाता है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाजार में तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिसके चलते अवैध पार्किंग की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और लोगों के बीच बहस व विवाद की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। शिलाई नागरिक सभा ने प्रशासन से मांग की है कि NH-707 के किनारे अवैध पार्किंग पर तुरंत रोक लगाई जाए, बाजार क्षेत्र को नो-पार्किंग जोन घोषित कर स्पष्ट संकेतक (साइन बोर्ड) लगाए जाएं, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए नियमित ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान या कानूनी कार्रवाई की जाए तथा बाजार के लिए वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाए।

पुरुवाला में कंपनी मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

पांवटा साहिब, 12 मार्च (न्यूज़डे नेटवर्क) : उपमंडल पांवटा साहिब के अंतर्गत आने वाले थाना पुरुवाला में एक कंपनी मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यमुना बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड नारीवाला के लेखाकार मोहित कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया कि उनकी कंपनी को एम /एस के.म इंजीनियरिंग सॉल्यूशन नामक कंपनी मशीनरी, स्पेयर पार्ट्स और कच्चा माल सप्लाई करती थी। कंपनी को कुल 4 करोड़ 33 लाख 81 हजार 569 रुपये का भुगतान किया गया था, जबकि बदले में 3 करोड़ 66 लाख 93 हजार 114 रुपये की ही सप्लाई दी गई। शिकायत के अनुसार करीब 66 लाख 88 हजार 455 रुपये की राशि शेष थी। परन्तु आरोप है कि 1 मार्च को कंपनी के मालिक कावेश मल्होत्रा निवासी गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) अपने साथी ललित कुमार श्रीवास्तव निवासी बरेली (उत्तर प्रदेश) के साथ दो लाख रुपये नकद, कंपनी के महत्वपूर्ण दस्तावेज और कंपनी की गाड़ी HP17G-1408 लेकर फरार हो गए। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) व 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी सिरमौर एन.एस. नेगी ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।

जंगल में मिला महिला का सड़ा-गला शव, चार-पांच दिन पुराना होने की आशंका

देहरादून: प्रेमनगर क्षेत्र में बाला सुंदरी मंदिर के पास जंगल में एक महिला का सड़ा-गला शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव की हालत को देखते हुए उसके चार से पांच दिन पुराना होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार बुधवार को थाना प्रेमनगर को सूचना मिली कि बाला सुंदरी मंदिर के पास जंगल के अंदर एक शव पड़ा हुआ है। सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान जंगल के अंदर एक महिला का शव सड़ी-गली अवस्था में मिला, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मौत चार से पांच दिन पहले हुई होगी। घटना की सूचना पर फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करते हुए आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन अभी तक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। सूचना मिलने पर एसएसपी देहरादून भी मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। महिला की पहचान और मामले के खुलासे के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच में जुटी हुई है।

सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, मरीजों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी

पांवटा साहिब (कपिल शर्मा ): सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद लंबे समय से रिक्त पड़े होने के कारण क्षेत्र के मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से हड्डी रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोपेडिक) के पद के खाली होने से पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ शिलाई क्षेत्र से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में दूर-दराज से उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को ओपीडी के बाहर लगा नोटिस “डॉक्टर की पदोन्नति हो गई है, ओपीडी बंद है” व डॉक्टर का पद खाली होने से ओपीडी बंद है देखकर मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है।

कई मरीजों को मजबूरन महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। अस्पताल में इलाज कराने आई मरीज सुमित्रा देवी ने बताया कि वह पिछले 15 दिनों में दूसरी बार अस्पताल पहुंची हैं, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ के उपलब्ध न होने के कारण उन्हें उचित इलाज नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि मजबूरी में उन्हें निजी अस्पताल में महंगे इलाज का सहारा लेना पड़ रहा है, जो हर किसी के लिए संभव नहीं है। वहीं एक अन्य मरीज केशव ठाकुर ने बताया कि उनके 65 वर्षीय दादा को कान में दर्द की गंभीर समस्या है। सिविल अस्पताल में नाक-कान-गला (ईएनटी) विशेषज्ञ का पद भी लंबे समय से खाली पड़ा है, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए देहरादून या नाहन जैसे शहरों का रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सिविल अस्पताल पांवटा साहिब क्षेत्र का एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां पांवटा साहिब, शिलाई और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

इस संबंध में सिविल अस्पताल पांवटा साहिब की सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुधी गुप्ता ने बताया कि पहले डॉ. नवनीत कोहली हड्डी रोग विशेषज्ञ के पद पर यहां कार्यरत थे, लेकिन करीब एक माह पहले उनकी पदोन्नति हो गई और उनका तबादला शिमला हो गया। इसके बाद से अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ के अलावा नाक-कान-गला (ईएनटी) विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ तथा चमड़ी रोग विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। इन पदों को भरने के लिए सरकार को लिखित रूप में अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इन पदों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करेगी, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

स्थानीय लोगों ने भी सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में जल्द से जल्द विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और उन्हें बाहर के शहरों में भटकना न पड़े।

पांवटा के होली मेले में दंगल जम्मू के पहलवान फ़ारूख़ ने जीती माली, पंजाब के विवेक को हराया

पांवटा साहिब: जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में एक सप्ताह तक चले होली मेले का मंगलवार को पारंपरिक दंगल के साथ समापन हो गया। फाइनल मुकाबले में जम्मू के पहलवान फारूख ने पंजाब के पहलवान विवेक को रोमांचक मुकाबले में पराजित कर माली अपने नाम कर ली। विजेता पहलवान को 51 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। तथा अप विजेता को 31 हज़ार रुपये का पुरस्कार दिया गया!दंगल में हिमाचल प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब से सैकड़ों पहलवानों ने भाग लिया। पहलवानों ने अपने दमदार दांव-पेंच और शानदार कुश्ती कौशल से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। पूरे दंगल के दौरान मैदान में मौजूद दर्शकों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। इससे पूर्व एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत चीमा मुख्य अतिथि के रूप में दंगल में पहुंचे। उन्होंने खिलाड़ियों की कुशलता और सफलता के लिए की जाने वाली पारंपरिक पूजा की औपचारिकताएं पूरी कीं। इस अवसर पर नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी कंचन बाला भी मौजूद रहीं।

नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी कंचन बाला ने होली मेले के सफल आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन और आम जनता के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से मेला शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

अब DCF और DFO ही दे सकेंगे सूखे पेड़ों को काटने की मंजूरी, हिमाचल सरकार का साहसी कदम

न्यूज़डे नेटवर्क डेस्क:- हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर अब सूखे चीड़ के पेड़ केवल ‘खड़े मलबे’ बनकर नहीं रहेंगे। राज्य सरकार ने एक साहसी कदम उठाते हुए उन जटिल कानूनी बेड़ियों को तोड़ दिया है, जो दशकों से किसानों और वन विभाग के हाथ बांधे हुए थीं। अब लालफीताशाही की जगह ‘ग्रीन सिग्नल’ को प्राथमिकता दी गई है।

क्या है नया फैसला?
हिमाचल सरकार ने दशकों पुराने 10 वर्षीय कटान कार्यक्रम की अनिवार्य शर्त को सूखे चीड़ के पेड़ों के लिए समाप्त कर दिया है। अब इन पेड़ों को काटने की प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत कर दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही निर्णय लिए जा सकेंगे।

DFO और DCF स्तर पर: अब ये अधिकारी अपने स्तर पर साल भर में 500 सूखे पेड़ों को काटने की हरी झंडी दे सकते हैं।

वन संरक्षक (Conservator) का रोल: असाधारण परिस्थितियों में, वन संरक्षक पूरे सर्कल में प्रतिवर्ष अधिकतम 500 अतिरिक्त पेड़ों की सिफारिश कर सकेंगे। मंजूरी से पहले उप वन संरक्षक या मंडल अधिकारी को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करना होगा, ताकि नियमों का दुरुपयोग न हो।

क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत? सरकार का यह कदम केवल लकड़ी काटने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई दूरगामी लक्ष्य हैं। सूखे चीड़ के पेड़ और उनकी पत्तियां जंगलों में आग (Forest Fire) का सबसे बड़ा कारण बनती हैं। इन्हें हटाने से जंगलों को खाक होने से बचाया जा सकेगा। खेतों के किनारे खड़े सूखे पेड़ किसानों के लिए खतरा और बाधा दोनों थे। अब उन्हें शोषण से मुक्ति मिलेगी। जब वैध तरीके आसान होंगे, तो चोरी-छिपे कटान की प्रवृत्ति में कमी आएगी। बीमार और कीटग्रस्त पेड़ों को हटाकर नए और स्वस्थ पौधों के पनपने के लिए जगह बनाई जाएगी।

महत्वपूर्ण तथ्य और दायरा: यह अधिसूचना अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) केके पंत द्वारा जारी की गई है, जो हिमाचल प्रदेश भू-परिरक्षण अधिनियम, 1978 के तहत मिली शक्तियों पर आधारित है।

शिलाई में पेड़ों के कटान पर उठे सवाल, वन विभाग करेगा मौके पर जांच

न्यूज़डे नेटवर्क डेस्क, 5 मार्च (कपिल शर्मा): जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र में हरे चीड़ के पेड़ों के कटान को लेकर मामला गरमा गया है। स्थानीय लोगों द्वारा दिनदहाड़े पेड़ों पर आरी चलने संबंधी वीडियो इंटरनेट पर डाला गया जो वायरल हुई , जिसके बाद वन विभाग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। फिलहाल विभागीय टीम मौके पर जाकर स्थिति का सत्यापन करने की तैयारी में है। डीएफओ रेणुका बलदेव राज ने बताया कि विभाग की ओर से 25 पेड़ों को काटने की ही अनुमति प्रदान की गई थी हो सकता है कि इसकी आड़ में व्यक्ति ने ज़्यादा पेड़ काट दिए हो। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी मौके का निरीक्षण करेंगे और यह देखा जाएगा कि कहीं अनुमति से अधिक पेड़ों का कटान तो नहीं किया गया है उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान अवैध रूप से अधिक पेड़ काटे जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर रेंजर वीएम शर्मा ने बताया कि उस समय वह और फॉरेस्ट गार्ड किसी कार्य से रेणुका कार्यालय गए हुए थे, जबकि बीओ फील्ड में थे। तीनों ही उस वक्त शिलाई क्षेत्र में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि अब वन विभाग की टीम मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच करेगी और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

सभी देशवासियों व प्रदेशवासियो को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ

रंगों के त्यौहार में सभी रंगों की हो भरमार, ढेर सारी खुशियों से भरा हो आपका संसार।

Screenshot
error: Newsday Network Content is protected !! Plz Subscribe Newsday Network Website First