पाँवटा साहिब:- आईआईएम सिरमौर के 8वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में आज दो सौ सत्तानवे छात्र स्नातक हुए। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर के धौला कुआं स्थित स्थायी परिसर में आयोजित इस दीक्षांत समारोह में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री पुष्प कुमार जोशी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। आईआईएम सिरमौर के निदेशक प्रोफेसर प्रफुल्ल अग्निहोत्री ने कार्यक्रम के दौरान निदेशक नोट प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने पिछले शैक्षणिक वर्ष में संकाय, कर्मचारियों और छात्रों द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों का एक स्नैपशॉट प्रस्तुत किया। उन्होंने आगे बताया कि स्थायी परिसर के निर्माण का 85% काम पूरा हो चुका है। उन्होंने आगे बताया कि संस्थान में वर्तमान में 39 पूर्णकालिक और 2 सहायक संकाय सदस्य हैं, जो सभी आईआईएम, आईआईटी और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से हैं। अपने उद्घाटन भाषण में बीओजी के अध्यक्ष श्री अजय श्रीराम ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह परिसर जल्द ही देश का सबसे मनोरम और टिकाऊ परिसर बन जाएगा। उन्होंने संस्थान में अपना विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान आगामी शैक्षणिक वर्ष में स्थायी परिसर में परिचालन शुरू कर देगा। उन्होंने संस्थान के विकास में निदेशक और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्यों के योगदान की सराहना की। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्री अजय एस. श्रीराम ने स्नातक करने वाले छात्रों को उनके माता-पिता की उपस्थिति में एमबीए की डिग्री प्रदान की। इस दौरान सभी हिमाचल की पारम्परारिक हिमाचली टोपी पहने नज़र आये!
गलत साइड चलने पर रोका तो पुलिस से की बदसलूकी
पांवटा साहिब में होली मेला पर लोगो का हुजूम उमड़ रहा है! स्थानीय लोगो के साथ साथ बाहरी लोग भी रोज हजारो कि तायदाद में पांवटा साहिब में आ रहे है! स्थानीय प्रशासन को वयवस्था बनाये रखने में कड़ी मश्गत करनी पढ़ रही है! एसे में लोगो को चाहिये कि कानून व्यवस्था को बनाये रखने में पुलिस तथा प्रशासन का सहयोग करे परन्तु कुछ लोग यातायात का उलंघन कर रहे है! जिससे कि सडको पर जाम कि स्थिति पैदा हो जाती है! ऐसा ही एक मामला कल पांवटा साहिब के बांगरण चौक पर सामने आया है जहा एक स्कूटी सवार HP16 8044 बांगरण चौक से विश्वकर्मा चौक कि तरफ बिना हेलमेट पहने गलत दिशा में स्कूटी लेकर आ रहा था! वहा मोजूद ट्रैफिक ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों ने जब उसको रुकने के लिए कहा तो वह बिना रुके ही आगे बढ़ गया जिसके बाद पुलिस कर्मी ने स्कूटी कि फोटो ले ली! स्कूटी सवार आगे बीच रोड में स्कूटी खड़ीं कर फोटो लेने वाले पुलिस कर्मी से उलझने लगा तथा स्कूटी कि फोटो लेने पर आपति करने लगा! पुलिस द्वारा उसको समझाया कि आप रॉंग साइड से आ रहे हो और आपने हेलमेट भी नही पहना है और आपको रुकने के लिए भी कहा पर आप रुके नही! स्कूटी सवार से जब कागजाद मांगे गए तो वो कागजाद दिखने से मना करने लगा और अपनी अच्छी राजनैतिक पैंठ बताकर वहा मोजूद सभी पुलिस कर्मियों को ट्रांसफर करवाने कि धमकी देने लगा! तथा स्कूटी वही बीच सड़क पर खड़ी छोड़कर चला गया !

जिससे कि चोक पर लम्बा जाम लग गया ! पुलिस ने स्कूटी को वहा से हटा कर बोंड करके उसका चालान कर दिया! स्कूटी पर पहले भी 15,000/- के पुलिस चालान पेंडिंग है! स्कूटी चालक शराब का कारोबारी बताया जा रहा है!
प्रदेश में चल रही सारी राजनीतिक उथल-पुथल के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू दोषी : जयराम ठाकुर
शिमला: भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा की हिमाचल प्रदेश में सारी राजनीतिक उथल-पुथल के लिए सिर्फ़ और सिर्फ़ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ही दोषी हैं। इसलिए वह बीजेपी को दोष न दें। बहुमत खोने से वह विचलित हैं और बौखला गयें हैं। उनकी राजनीतिक नाकामी और अपने ही पार्टी के लोगों के साथ भेदभाव करने के कारण प्रदेश की यह स्थिति उत्पन हुई है। आम आदमी से लेकर, कांग्रेस के नेता, पदाधिकारी, विधायक मंत्री सब सुक्खू सरकार की कारगुज़ारियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे थे लेकिन मुख्यमंत्री अपने दरबारी राजनीतिक सिपाहियों से घिरे रहते हैं और विधायकों को अपमानित करते हुए विरोध की हर आवाज़ को अनसुना कर रहे थे। आज विधायक खुलेआम कह रहे है कि उनका छोटा से छोटा काम नहीं हो रहा था। उनकी फ़रियादें उनके सामने ही डस्टबिन में डाल दी जाती थी। मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का होता है। इसलिए उसे अपने राजनीतिक विद्वेष से ऊपर उठकर काम करना चाहिए था। जयराम ने प्रदेश के अधिकारियों से निवेदन किया कि वह भी लक्ष्मण रेखा न लांघे। क़ानून के दायरे में अपना काम करें। इस सरकार के भविष्य के साथ अपना भविष्य न जोड़ें।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है पर वर्तमान कांग्रेस सरकार के राज में हिटलर भूमि बन गया है। पूरे प्रदेश में बदले की भावना के साथ कार्य हो रहा है। जब यह राजनीतिक परिस्थितियां मुख्यमंत्री की नाकामी और उनके तानाशाही रवैये के कारण हुई है तो राजनीतिक दबाव के चलते विधायकों और उनके परिवार के साथ ज़्यादती क्यों हो रही हैं? उन्हें प्रताड़ित क्यों किया जा रहा है? कांग्रेस के 6 विधायकों के घर के बाहर दीवार लगा दी जाती है। उनसे जुड़े नगर निगम के पार्षदों को निष्कासित कर दिया जाता है। विधायकों व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाता है। कांग्रेस के छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं को खंड स्तर पर भी सुक्खू का प्रकोप झेलना पड़ रहा है। विधायकों के ख़िलाफ़ सरकार द्वारा सुनियोजित तरीक़े से प्रदर्शन प्रायोजित करवाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि वह क्या साबित करना चाहते हैं।
हिमाचल प्रदेश की पुलिस आज राजनीतिक दबाव में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री अपने झूठ को सत्य में बदलने के लिए काम कर रहे और अपनी नाकामियों का ठीकरा दूसरों के सिर फोड़ना चाहते हैं। प्रदेश में विकास ठप है, मुख्यमंत्री दोनों हाथों से अपनी कुर्सी बचाने में मस्त हैं। हिमाचल में कांग्रेस सरकार बहुमत खो चुकी है। जिसके कारण मुख्यमंत्री विचलित हैं और बौखलाहट में भाजपा को जिम्मेदार ठहरने में लगे हैं। जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से मुख्यमंत्री रोना रोने में व्यस्त हैं। पहले वित्तीय कुप्रबंधन का रोना फिर क़र्ज़ ना मिलने का रोना, आपदा में पैसे ना मिलने का रोना और अब विधायकों के फिसल जाने पर भी बीजेपी कोस रहे हैं। मुख्यमंत्री को आदत है रो कर जनता की सुहानुभूति पाना।
जब से सरकार बनी है कांग्रेस के विधायक, मंत्री, कार्यकर्ता, प्रदेश के पदाधिकारी सब असंतुष्ट ही हैं। अनेकों बार इनकी प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने खुलेआम कहा है कि हमारे कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं है। विक्रमादित्य ने रोते हुए त्यागपत्र दे दिया। मंत्री कैबिनेट की बैठक से रोते हुए बाहर निकल रहे हैं और उप मुख्यमंत्री उन्हें खींचकर अंदर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि अपने क्षेत्र की विकास की आवाज उठाना गलत है। इन छह विधायकों ने अपने क्षेत्र की विकास की आवाज उठाई तो इनको दंडित किया गया। जब घुटन के माहौल में यह लोग रहे तब राज्यसभा चुनाव में इनका रोष सामने आया, उनकी पीड़ा पर मोहर लगी। मुख्यमंत्री को इस बता का जवाब देना चाहिए कि उनके विधायकों ने कांग्रेस के इलेक्शन एजेंट को दिखाकर बीजेपी प्रत्याशी को वोट दिया। यह सहज रूप से स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री और सरकार के प्रति उनके मन में कितना रोष है। उनके नेता लगातार सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर सवाल उठाते रहे। एक बार नहीं अनेकों बार लेकिन मुख्यमंत्री के द्वार उनके लिए हमेशा बंद रहे। मुख्यमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने अपने ही विधायकों की आवाज़ को क्यों अनसुना किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अंतरात्मा में विश्वास नहीं रखते हैं। विधायक कह रहे हैं की अंतरात्मा की आवाज पर उन्होंने हिमाचल के ‘हर्ष’ का साथ दिया तो भी मुख्यमंत्री उन पर अमर्यादित आरोप लगा कर उन्हें सत्ता के दुरुपयोग से परेशान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने एक दिवसीय शिलाई दौरे पर,शिलाई विधानसभा में किये 110 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास..
शिलाई:-मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सिरमौर जिला के शिलाई विधानसभा क्षेत्र में लगभग 110 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए।
मुख्यमंत्री ने कमरऊ तहसील की ग्राम पंचायत कान्डो चियोग में 59.67 लाख रुपए लागत से निर्मित प्रवाह सिंचाई योजना सुइंगा बाग तथा 1.85 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित उठाऊ सिंचाई योजना कान्डो चियोग का लोकार्पण किया।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 15.90 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले सालवाला-सतौन मार्ग की आधारशिला रखी। उन्होंने उप तहसील रोनहाट में 69.60 लाख रुपए लागत से निर्मित होने वाले पशु चिकित्सालय तथा 15.02 लाख रुपए की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टटियाना में बरामदे सहित दो अतिरिक्त कमरों की आधारशिला रखी।
मुख्यमंत्री ने 07 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले शिलाई नाया से कन्डी-सुंदराड़ी सड़क, 17.64 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले द्राबिल नैनीधार से हलां सड़क का शिलान्यास किया। उन्होंने 30.68 करोड़ रुपए से निर्मित होने वाले कफोटा-कोटी-कान्डो-चियोग से टौंस पुल तक सड़क के स्तरोन्यन कार्य की भी आधारशिला रखी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 1.38 करोड़ रुपए की लागत से टिम्बी में निर्मित होने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, नागरिक अस्पताल शिलाई में 19.36 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सुविधा युक्त 100 बिस्तर वाले अस्पताल, ग्राम पंचायत शरली मानपुर में 2.95 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाली उठाऊ सिंचाई योजना गुड्डी तथा ग्राम पंचायत बांदली में 2.25 करोड़ रुपए की लागत से बागना बस्ती के लिए निर्मित होने वाली उठाऊ पेयजल योजना की आधारशिला रखी।
मुख्यमंत्री ने सतौन में 06 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले राजीव गांधी आदर्श डे बोर्डिंग स्कूल तथा कफोटा में 3.79 करोड़ रुपए से लागत से निर्मित होने वाले 33 के.वी विद्युत उप केन्द्र का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने शिलाई में प्रदेश विद्युत बोर्ड का मण्डल कार्यालय खोलने, शिलाई में विद्युत बोर्ड के अधिशाषी अभियंता का कार्यालय खोलने, कमरऊ तहसील में तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय स्थापित करने तथा जाखना में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने की घोषणा की। उन्होंने रोनहाट में खण्ड शिक्षा कार्यालय खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने कोटा-पाब तथा हलां में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और थोटां जाखल, उत्तरी तथा नाया पंजौर में स्वास्थ्य उपकेन्द्र खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने खुबयार में राजकीय माध्यमिक पाठशाला, गंगटोली में राजकीय उच्च पाठशाला, तालो बास में राजकीय प्राथमिक पाठशाला, ग्राम पंचायत कोड़गा के पनवार में राजकीय प्राथमिक पाठशाला, जखांडो में पशु औषधालय की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिलाई अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक भी उपलब्ध करवाएं जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बंबरार खड्ड पर पुल निर्मित करने, शिलाई खण्ड की 10 सड़कों के लिए 25 लाख रुपए प्रत्येक सड़क तथा मानल-कोडगा-सकानली मार्ग के लिए 24 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। इसके अतिरिक्त रेणुका विधानसभा क्षेत्र के संगड़ाह में प्रदेश विद्युत बोर्ड का मण्डल कार्यालय तथा ददाहू में खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय खोलने और हरिपुरधार स्थित नागरिक अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के रूप में स्तरोन्नत करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर उद्योग, संसदीय कार्य तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान, प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार, नाहन के विधायक अजय सोलंकी, पावंटा साहिब के पूर्व विधायक किरणेश जंग, विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की उम्मीदवार रहीं दयाल प्यारी, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष आनन्द परमार, प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव अवनीत लाम्बा, खण्ड कांग्रेस समिति शिलाई के अध्यक्ष सीता राम शर्मा, कांग्रेस पार्टी के अन्य पदाधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, अन्य गणमान्य व्यक्ति, उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा, पुलिस अधीक्षक सिरमौर रमन कुमार मीणा, अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिलाई निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने 4 करोड़ की लागत से निर्मित संकट मोचन वाहन पार्किंग का किया उद्घाटन
इस अवसर पर उन्होंने कच्ची घाटी एवं संकट मोचन मंदिर क्षेत्र के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों की काफी पुरानी मांग को पूरा करते हुए तथा संकट मोचन मंदिर में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही को देखते हुए एक भव्य वाहन पार्किंग की सख्त आवश्यकता थी, इसलिए इस पार्किंग को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत निर्मित किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह ने इस वाहन पार्किंग के निर्माण के लिए 2013 में शिलान्यास किया था लेकिन फॉरेस्ट क्लीयरेंस व अन्य औपचारिकताएं पूर्ण करने में अधिक समय लगने के कारण निर्माण कार्य पूर्ण करने में थोड़ी देरी जरूर हुई है। उन्होंने कहा कि इस वाहन पार्किंग में 200 वाहन खड़ा करने की क्षमता होगी। इससे पर्यटकों के साथ साथ स्थानीय लोगों को भी वाहन पार्किंग की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि शिमला शहर को पर्याप्त पेयजल मिले, इसके लिए प्रथम चरण में सुन्नी स्थित शकरोडी से 1200 करोड़ की लागत से निर्मित की जा रही उठाऊ पेयजल योजना का निर्माण कार्य जारी है और द्वितीय चरण में शिमला शहर के साथ-साथ शहर से सटे क्षेत्रों में भी पर्याप्त पेयजल मिले, इसके लिए कोलडेम से उठाऊ पेयजल योजना बनाई जाएगी जिस पर 800 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे जिसकी सभी औपचारिकताएं पूर्ण की जा चुकी है।
कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर मोनिका सूद ने लघु नाटकों पर आधारित बनी बुक कैबिनेट मंत्री को भेंट की।
इस अवसर पर महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री, एसडीएम शिमला ग्रामीण कविता ठाकुर, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण दीपक राज चौहान, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल शर्मा, कच्चीघाटी वार्ड पार्षद किरण शर्मा सहित नगर निगम के अन्य पार्षद उमंग बंगा, सिमी नंदा, उर्मिला कश्यप, दलीप थापा, शांता ठाकुर, मोनिका भारद्वाज, कुलदीप, जिला परिषद सदस्य संतोष शर्मा, बीडीसी सदस्य सीमा चौहान, स्थानीय ग्राम पंचायत बढई की प्रधान प्रियंका तंवर, उप-प्रधान अरुण, विभिन्न सुधार सभाओं के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, कांट्रेक्टर अनिल गुलेरिया, आसपास की पंचायतों से जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
अनियंत्रित ट्राले ने कुचला पुलिस जवान, मौक़े पर मौत!
पाँवटा साहिब के बातापुल के समीप एक अनियंत्रित ट्राले ने पुलिस लाइन मे तैनात एक पुलिस कर्मी को कुचल दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस जवान थापलपुर का रहने वाला बताया जा रहा है जो कि पुलिस लाइन में तैनात था। आज नाहन की ओर से आ रहे एक अनियंत्रित ट्राले ने बाइक पर सवार पुलिस जवान अनिल कुमार को कुचल दिया जिससे उसकी मौका पर ही मौत हो गयी। आनन फानन में अनिल कुमार को हॉस्पिटल लाया गया किन्तु तब तक देर हो चुकी थी। बताया जा रहा है की अनिल कुमार ड्यूटी के लिये जा रहा था। पुलिस ने मौका— ए— वारदात पर पहुच कर कार्यवाही शुरू कर दी है। वाहन चालक समेत ट्राले को भी ज़ब्त कर लिया है। इस दुखद घटना के बाद शहर के लोग ट्राला चालको की लापरवाही से चिन्ताग्रस्त वह काफ़ी भयभीत हैं! लोगो को पुलिस का बड़े बड़े ट्रालो, बड़े वाहनो की लम्बी कतारो वह बस वालों के प्रति सौहार्दपूर्ण रवैया आम जन मानस के गले नही उतर रहा है जबकि इन ट्रालो पर ओवरलोड व ओवरस्पीड के मामले अक़्सर देखने को मिलते है! यही नहीं बस व रिक्शा वाले भी बीच सड़क पर सवारियो को उतारने व बिठाते है जिससे जाम तो लगता ही है साथ ही साथ बीच रोड पर सवारियो उतारने से दुर्घटना का भय भी बना रहता है!
हिमाचल की 18 से 60 साल तक कि महिलाओं को हर माह 1500 रुपये लेने के लिए फ़ॉर्म भर कर इसके पास करना होगा आवेदन!
हिमाचल प्रदेश के CM सुखविंदर सुक्खू ने हिमाचल सरकार से सियासी संकट टलने के बाद प्रदेश की सभी महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह पेंशन देने की घोषणा कर दी है! लोकसभा चुनाव से कुछ वक्त पहले शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला CM ने यह ऐलान किया! सरकार 18 से 60 साल तक की पांच लाख से अधिक पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 से 1500-1500 रुपये हर माह देने को कैबिनेट में हरी झंडी दे दी है। योजना के तहत पात्र महिलाओं की जानकारी जुटाने के लिए सरकार ने फार्म भी जारी कर दिए हैं। महिलाओं को तहसील कल्याण अधिकारी के पास आवेदन करने होंगे। हिमाचल की मूल निवासी महिलाओं को ही योजना के तहत लाभ मिलेगा। तहसील कल्याण अधिकारी फार्म सत्यापित करेंगे। इसके बाद संबंधित विभाग की ओर से धनराशि जारी की जाएगी। प्रदेश की पात्र महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 से 1500-1500 रुपये हर माह देने का मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एलान किया है। सरकार 18 से 60 साल तक की पांच लाख से अधिक पात्र महिलाओं को योजना के तहत प्रतिमाह 1500-1500 रुपये देगी। 60 से अधिक उम्र की महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा पेंशन को पहले ही बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह किया गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि फार्म के तहत बैंक या डाकघर में खोले गए खाते की जानकारी देने को कहा है। आधार नंबर, राशन कार्ड नंबर, बीपीएल परिवार, जातीय और अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित जानकारी भी देने को कहा गया है। परिवार में केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी, पेंशनर, अनुबंध, आउटसोर्स, दैनिक वेतनभोगी, अंशकालिक वर्ग के कर्मचारी होने पर महिलाओं को योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सेवारत या भूतपूर्व सैनिक व सैनिक विधवा, मानदेय प्राप्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका, आशा वर्कर, मिड डे मील, मल्टी टास्क वर्कर, सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी, पंचायतीराज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारी, केंद्र-राज्य सरकार के तहत विभिन्न सार्वजनिक उपक्रम, बोर्ड, काउंसिल, एजेंसी में कार्यरत, पेंशनभोगी, वस्तु एवं सेवाकर के लिए पंजीकृत व्यक्ति तथा आयकरदाता के परिवार वाली महिलाओं को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
29 करोड़ 45 लाख रुपये में नीलाम हुए सिरमौर ज़िला की 4 टोल इकाईया!
नाहन 22 फरवरी। जिला सिरमौर की चारो टोल इकाईयों की नीलामी 29 करोड़ 45 लाख रुपये में हुई। पिछले साल की तुलना में यह बोली लगभग 23 प्रतिशत अधिक रही। नीलामी की प्रक्रिया आज दोपहर एक बजे आरंभ होकर देर सायं तक चली। कालाअंब तथा मीनस यूनिट जगजीत सिंह को गई जबकि विनोद मलिक को बहराल तथा स्काईलार्क इन्फ्रास्ट्रक्चर ने गोविंद घाट यूनिट काबिज की। जिला दण्डाधिकारी सुमित खिमटा की देख-रेख में यह नीलामी की गई। चारो यूनिट का आरक्षित मूल्य 26 करोड़ 14 लाख 42 हजार 6 सौ 11 रुपये निर्धारित किया गया था।
अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एल.आर. वर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त साउथ जोन विवेक कुमार, उपायुक्त राज्य कर एवं आबकारी मुख्यालय शिमला से अनुपम कुमार सिंह, उपायुक्त राज्य कर एवं आबकारी जिला सिरमौर से हिमांशु आर. पंवर समूची नीलामी प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहे।
सिरमौर पुलिस को नशें के ख़िलाफ़ मिली बड़ी कामयाबी , 22.92 ग्राम हेरोइन के साथ नशा तस्कर गिरफ़्तार !
सिरमौर पुलिस टीम ने ज़िला मुख्यालय नाहन के समीप खजुरना के पास हरियाणा के एक नशा तस्कर को 22.92 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) की खेप के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित क़ीमत लगभग 1 करोड़ रुपये है ! पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस टीम को सूचना मिली की हरियाणा का एक नशा तस्कर काफी समय से सिरमौर में नशे की तस्करी करता है। जिसके बाद एसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा ने पुलिस की एक टीम गठित कर नशा तस्कर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। पुलिस टीम को सूचना मिली की नशा तस्कर हरियाणा से खजुरना के रास्ते गाड़ी से नाहन की तरफ चिट्टे की तस्करी लेकर आ रहा है। पुलिस टीम ने देर रात को खजुरना के पास नाका लगाया। तभी सामने से HR 12Y- 8814 कार आई तो पुलिस ने गाड़ी रोकने का इशारा किया। पुलिस टीम को देखकर नशा तस्कर घबरा कर भागने का प्रयास करने लगा। लेकिन पुलिस टीम के जवान ने गाड़ी के आगे खड़े होकर गाड़ी को रोक लिया तथा नशा तस्कर को पकड़ लिया। पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो गाड़ी के अंधर से 22.92 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) तथा 960 नशीले कैप्सूल बरामद किए। नशा तस्कर ने नाम पूछने पर अपना नाम रोशन लाल उर्फ विक्की (36) पुत्र रत्न लाल निवासी जोरसी खुर्द, पीओ बोडगी, तहसील पेहवा, जिला कुरुक्षेत्र हरियाणा बताया। नशें के ख़िलाफ़ पुलिस के हाथ यह बहुत बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर एसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा ने बताया कि पुलिस टीम ने देर रात को एक नशा तस्कर को हेरोइन (चिट्टे) के साथ पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल के पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह को हर महीने पत्नी को देने होंगे 4 लाख रुपये, जयपुर की फ़ैमिली कोर्ट ने सुनाया फ़ैसला.
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे और वर्तमान में हिमाचल के युवा पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह को अपनी पत्नी को भरण-पोषण के लिए हर महीने 4 लाख रुपए देने होंगे। उदयपुर की फैमिली कोर्ट-3 ने शुक्रवार को ये आदेश जारी किया। मंत्री विक्रमादित्य की पत्नी सुदर्शना सिंह राजसमंद के चूण्डावत आमेट रियासत परिवार से आती है। उन्होंने अक्टूबर 2022 में उदयपुर कोर्ट में घरेलू हिंसा एक्ट के तहत पति विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ मुक़दमा पेश किया था। सीनियर वकील भंवर सिंह देवड़ा ने बताया- विक्रमादित्य सिंह को केस चलने तक अंतरिम भरण-पोषण के रूप में हर महीने अपनी पत्नी को चार लाख रुपए देने होंगे। सुदर्शना सिंह ने अक्टूबर 2022 में उदयपुर कोर्ट में घरेलू हिंसा एक्ट के तहत पति के खिलाफ परिवाद पेश किया था। विक्रमादित्य सिंह और सुदर्शना की मार्च 2019 में शादी हुई थी। परन्तु शादी के 2 साल बाद ही दोनों के रिश्ते में खटास पैदा हो गई और तब से सुदर्शना सिंह विक्रमादित्य सिंह
पाँवटा साहिब में कॉलेज के छात्रों द्वारा सड़क सुरक्षा रैली का किया गया आयोजन..
राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब द्वारा गठित सड़क सुरक्षा क्लब ने आज पाँवटा साहिब में सड़क सुरक्षा रैली का आयोजन किया गया, जिसमे बड़ी संख्या मे महाविद्यालय के छात्रों ने भाग लिया। रैली को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० विभव कुमार शुक्ल द्वारा हरी झंडी दिखाकर महाविद्यालय से रवाना किया गया । यह रैली महाविद्यालय परिसर से निकलकर देवीनगर होते हुए मुख्य बाज़ार से डीएसपी कार्यालय तक गयी। रैली के दौरान छात्रों द्वारा शहर के समस्त लोगों से सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अपील की गयी। डीएसपी कार्यालय में आई० पी० एस० अधिकारी अदिति सिंह ने छात्रों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की । सड़क सुरक्षा मानकों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित इस रैली के पश्चात सड़क सुरक्षा क्लब के संयोजक प्रो० कल्याण राणा ने सभी छात्रों से हमेशा यातायात के नियमों का पालन करने, अपने परिवारजन तथा आस पड़ोस को भी इसके बारे मे जागरूक करने का आवाहन किया। रैली में सड़क सुरक्षा क्लब के सदस्य डॉ० दीपक कुमार, डॉ० पंकज यादव तथा प्रो० सुनील कुमार उपस्थित रहे ।
10 साल से बिना किराया दिये चल रही है पाँवटा साहिब बस स्टैंड पर दुकान
पाँवटा साहिब: एचआरटीसी को बसो से रूटो पर होने वाले घाटे की ख़बरें तो अक्सर हम सब सुनते ही है परंतु अब तो बस अड्डों के अंदर एचआरटीसी की दुकानों में पिछलें कई वर्षों के जमे दुकानदारों ने भी एचआरटीसी को चुना लगाना शुरू कर दिया है ! जानकारी के अनुसार बस अड्डा पाँवटा साहिब में स्थित एक ढाबा संचालक लंबे समय से हिमाचल पथ परिवहन निगम को किराये की अदायगी नहीं कर रहा हैं। बताया जा रहा है कि इस दुकानदार का एग्रीमेंट भी लंबे समय से खत्म हो चुका हैं। एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भी इस दुकानदार से इस मसले को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। वहीं, हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से इस दुकानदार को नियमानुसार नोटिस भी जारी किए। इसके अलावा ऑफिस में बुलाकर भी इस मसले को लेकर चर्चा की। लेकिन इस दुकानदार ने किसी की नहीं सुनीं। बताया जा रहा है कि 2 दुकानो में ढाबा चलाने वाले इस व्यक्ति पर साल 2007 से लेकर आज तक दुकान की लगभग 12 लाख मूल व 4 लाख व्याज़ सहित कुल 16 लाख कि किराया राशि बक़ाया है ! 2 दुकानों का मात्र 10 हज़ार रुपए मासिक किराया होने के बावज़ूद भी ढाबा संचालक ने साल 2007 से अभी तक एचआरटीसी को कोई मासिक किराया नहीं दिया! बावज़ूद इसके एचआरटीसी प्रशासन व सरकार बेसहाये कि तरह हाथ पर हाथ रख कर बैठी है और ढाबा संचालक अब भी एचआरटीसी की दुकान में बैठ कर जम कर चाँदी कूट रहा हैं! अब ये बात समझ से परे है कि इतनी लंबी अवधि से सरकार को कोई किराया नहीं देने के बावज़ूद भी इस व्यक्ति पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है ना ही इसका बिज़ली पानी का कैनेक्शन काटा गया है और ना ही इसको बाहर किया गया! इस पर जब हमने एचआरटीसी कर्मियों से पुष्टि करने की कोशिश की तो उन्होंने बताया की ढाबे वाले पर पैसों की रिकवरी जो लगभग (16 लाख )12 लाख मूल व 4 लाख के आस पास व्याज़ बनता है व दुकान ख़ाली करवाने के लिए PP एक्ट के तहत 2015 से एसडीएम कोर्ट पाँवटा साहिब में बेहद धीमीं गति से केस चल रहा है और वहाँ से डेट पर डेट मिल रही है जिसके बारे में उच्च अधिकारियो को सूचित किया जाता रहा है! यह भी बेहद हैरान करने वाली बात है की एसडीएम पाँवटा साहिब के पास PP एक्ट में यह केस 8 साल से विचाराधीन है और अगली पेशी की अभी तक कोई डेट तक नहीं दी गई है जो कही ना कही अपने आप में सवाल खड़े करता है ! क्योंकी मामला सरकार व जनता के पैसों से जुड़ा है इसलिए इसपर किसी भी अधिकारी व नेता कि दिलचस्पी नहीं दिख रहीं हैं और ढाबा संचालक को एसडीएम कोर्ट से डेट पर डेट मिल रही है !


