पांवटा साहिब, 20 जून (कपिल शर्मा): जिला सिरमौर ने इस वर्ष गेहूं खरीद के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए पूरे हिमाचल प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिले में स्थापित दोनों खरीद केंद्रों पांवटा साहिब और धौलाकुआं पर किसानों से कुल 1977 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, जिससे 640 किसान परिवार सीधे लाभान्वित हुए हैं।
यह जानकारी देते हुए कृषि उपज मंडी समिति जिला सिरमौर के सचिव अक्षित शर्मा ने बताया कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने और विपणन की सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से इस वर्ष जिले में पांवटा साहिब तथा धौलाकुआं में दो खरीद केंद्र स्थापित किए गए थे। इन केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए निर्धारित लक्ष्य की तुलना में कहीं अधिक खरीद दर्ज की गई, जो किसानों के बढ़ते विश्वास और सरकारी खरीद व्यवस्था की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि पांवटा साहिब खरीद केंद्र के लिए 700 मीट्रिक टन तथा धौलाकुआं केंद्र के लिए 300 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके विपरीत पांवटा साहिब केंद्र में 484 किसान परिवारों से 1563 मीट्रिक टन गेहूं तथा धौलाकुआं केंद्र में 156 किसान परिवारों से 414 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। इस प्रकार दोनों केंद्रों पर निर्धारित लक्ष्य से काफी अधिक खरीद हुई, जिससे जिले का कुल आंकड़ा 1977 मीट्रिक टन तक पहुंच गया। अक्षित शर्मा ने बताया कि इस वर्ष किसानों से गेहूं की खरीद केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की गई। यह मूल्य पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक रहा, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और किसान हितैषी बनाया गया तथा किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में 24 से 48 घंटे के भीतर कर दिया गया। समयबद्ध भुगतान व्यवस्था के कारण किसानों में सरकारी खरीद प्रणाली के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। यही कारण रहा कि इस बार बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर बेची। सचिव ने कहा कि जिला सिरमौर का प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना किसानों की मेहनत, कृषि विभाग, मंडी समिति तथा संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी किसान इसी प्रकार सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हुए अपनी आय में वृद्धि करेंगे। जिले में रिकॉर्ड गेहूं खरीद से किसान वर्ग में उत्साह का माहौल है और इसे कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर भुगतान, बेहतर खरीद व्यवस्था और बढ़े हुए एमएसपी के कारण किसानों का रुझान सरकारी खरीद केंद्रों की ओर लगातार बढ़ रहा है, जिसका लाभ सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा है।


