श्री चालदा महासू मंदिर समिति खत समाल्टा ने श्री महासू देवता मन्दिर समिति हनोल को 11 लाख रुपए का चेक दान स्वरूप भेंट किया। इस अवसर पर मंदिर समिति हनोल के पदाधिकारियों ने समस्त समाल्टा खतवासियों का आभार व्यक्त किया।
लगभग 18 माह पहले समाल्टा मन्दिर में प्रवास के दौरान छत्रधारी चालदा महाराज की व्यवस्थाओं एवं भंडारे के लिए सैकड़ो श्रद्धालुओं द्वारा दान स्वरूप जो धनराशि भेंट की गई थीं उससे समस्त कार्यो को पूर्ण करने के पश्चात जो शेष धनराशि बची है उसमे से 11 लाख रुपये की धनराशि का चेक हनोल मन्दिर समिति को भेंट किया गया है। खत समाल्टा के सदर स्याणा अर्जुन सिंह तोमर ने कहा कि समाल्टा से चालदा महाराज के दसऊ प्रस्थान के बाद खतवासियों ने निर्णय लिया की देवता की व्यवस्था से सम्बन्धित सामग्री एवं धनराशि जो शेष बच गई है वह हनोल स्थित महासू मन्दिर को भेंट की जाए। उन्होंने इस निर्णय के लिए समस्त खतवासियों का आभार व्यक्त किया। मन्दिर समिति के अध्यक्ष सरदार सिंह तोमर ने समाल्टा मन्दिर के ऐसे सभी सहयोगियों को याद करते हुए उन सभी को धन्यवाद ज्ञापित जिन्होंने सफलतापूर्वक भंडारे एवं अन्य व्यवस्थाओं मे सहयोग किया है। इस मौके पर हनोल मंदिर समिति के सचिव मोहन लाल सेमवाल ने समस्त समाल्टा खत वासियों एवं मन्दिर समिति समाल्टा का आभार व्यक्त किया और कहा कि जो धनराशि एवं सामग्री हनोल मंदिर समिति को दान दी गई यह धनराशि एवं सामग्री मंदिर के कार्यों में खर्च व उपयोग की जाएगी। मन्दिर समिति के बजीर दीवान सिंह ने कहा है कि यह एक नई परंपरा प्रारंभ हुई है जो देवता के प्रति सच्ची श्रद्धा वह आस्था को प्रकट करती है। मोहना से छत्रधारी चालदा महाराज 23 नवम्बर, 2021 को समाल्टा मे प्रवास पर आये थे और 30 अप्रैल, 2023 को समाल्टा से दसऊ के लिए महाराज ने प्रस्थान किया। कुल 523 दिनों तक खत समाल्टा मे चालदा महासू महाराज प्रवास पर रहे। इस दौरान 15 सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने भंडारा देने मे अपना सहयोग किया है, भंडारे एवं अन्य व्यवस्थाओं के बाद की पूर्ति के बाद जो शेष सामग्री एवं धनराशि बची है उसमें से 11 लाख रुपए की धनराशि व सामग्री हनोल मंदिर समिति को भेंट की गई है।
महासू मंदिर समिति हनोल को मंदिर समिति खत समालटा ने भेंट किया 11 लाख रुपए का चेक
पाँवटा साहिब के गौंदपुर में शिलाई जा रही बस और बाइक की ज़ोरदार टक्कर,एक युवक की मौत तो दूसरे की हालत गंभीर!
पांवटा साहिब के गोंदपुर में एक बड़ा सड़क हादसा पेश आया है। हादसे में एक निजी बस के साथ बाइक की जोरदार टक्कर हुई है। टक्कर में एक युवक की मौके पर ही मौत हुई है जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है । जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर गोंदपुर में पांवटा से शिलाई जा रही न्यू फ्रेंड्स बस और बाइक की जोरदार टक्कर हुई है ।
टक्कर इतनी भयानक हुई है कि एक बाइक सवार अजय पुत्र अमर सिंह गाँव जज़रमा तहसील शिलाई उम्र 21 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई है! जबकि दूसरा नवीन पुत्र इंद्र सिंह गाँव काण्डीं सुन्दराडी तहसील शिलाई गंभीर रूप से घायल है । घायल को उपचार के लिए 108 की सहायता से पांवटा साहिब अस्पताल ले जा गया है । जहाँ उसकी हालत गंभीर बतायी जा रही है उसे पीजीआई चंडीगड़ रेफर कर दिया है ! खबर लिखे जाने तक पुलिस मौके पर पहुंच गई है ।
16 अप्रैल को होंगे लोकसभा के चुनाओ ? क्या है वायरल लैटर की हक़ीक़त जानिए
लोकसभा चुनाव की तारीख को लेकर अटकलें लगाई जा रही है. सोशल मीडिया पर लोकसभा चुनाव की तारीख वाला एक लेटर खूब वायरल हो रहा है अब चुनाओ आयोग ने खुद स्पष्ट किया कि लेटर में दी गई तारीख बस एक सुझाव है और यह जरूरी नहीं कि इसी तारीख से चुनाव होंगे. विभिन्न संबंधित अधिकारियों को संबोधित करते हुए लेटर में ऐसा संकेत दिया गया है कि 2024 का लोकसभा चुनाव 16 अप्रैल से शुरू होगा. अब चुनाव आयोग ने भी इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है.

19 जनवरी को जारी किया गया लेटर अधिकारियों के लिए
वायरल लेटर पर चुनाव आयोग ने एक प्रेस रिलीज जारी कर साफ किया कि लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव संबंधी गतिविधियों की योजना बनाने और उसे समय पर पूरा करने की जरूरत है. वायरल नोटिफिकेशन में संबंधित अधिकरियों को इसी तारीख को ध्यान में रखकर बाकी चीजें प्लान करने का सुझाव दिया गया है. भारत में लोकसभा के चुनाओ कब होंगे चुनाव आयोग के योजनाकार इस संबंध में योजनाएं बना रहे हैं.
पांवटा साहिब व शिलाई के ये इलाके 20 जनवरी को पूरे दिन विद्युत आपूर्ति से रहेंगे प्रभावित!
पाँवटा साहिब व शिलाई विद्युत उपमंडल के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों में विद्युत परीक्षण और रखरखाव का कार्य किया जाना है। जिस कारण इन क्षेत्रों के बहुत से इलाके पूरे दिन विद्युत आपूर्ति से प्रभावित रहेंगे। यह शटडाउन पांवटा साहिब व शिलाई के तहत 132/33/11 केवी सब स्टेशन गोंदपुर के तहत 20 जनवरी शनिवार को होगा। अधिक जानकारी देते हुए सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल पांवटा साहिब व शिलाई ने बताया कि इस दौरान सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक सम्पूर्ण पॉवरकट रहेगा। पावर कट के तहत 33 केवी बद्रीपुर के भूपपुर, केदारपुर, रैनबैक्सी चौक, भाटांवाली, बद्रीपुर, कुमार मोहल्ला, गुज्जर कॉलोनी, परशुराम कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, हरिओम कॉलोनी, तारूवाला घाटी, जग्गा वाली गली, संत तेजा सिंह गली, महताब गली, अमर कॉलोनी, धर्मकोट, नया कोट, गंगूवाला, बातापुल, बहराल, सतीवाला, घुतनपुर, बातामंडी, चुंगी नंबर-6, नव विहार कॉलोनी, डिग्री कॉलेज, सूर्या कॉलोनी, शुभखेड़ा, महादेव, शिव शक्ति कॉलोनी, जामनीवाला, टोका, खारा, कुंडियो, हिमुडा कॉलोनी, पहाड़ी कॉलोनी, कुंजा मतरालिय आयेंगे, जहां विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके इलावा 11 केवी तारुवाला के तारुवाला, जट्टमोहल्ला, ए ब्लॉक, बी ब्लॉक, सी ब्लॉक, हिमालयन कॉलोनी और 33 केवी मालवा फीडर के साथ साथ 33 केवी एफ रामपुरघाट के बरोटीवाला, रामपुरघाट, सीमेंट पैंट और क्रशर, डेंटल कॉलेज, पट्टी नत्था सिंह और 33 केवी गिरी: मैनलिंड 1 और 2, फ्रंटियर एलॉय में पावर कट रहेगा। इसके अलावा 33/11 केवी सब स्टेशन शिलाई के दुगाना, कफोटा, जामना, टिम्बी, बकरास, टटीयाना, शिलाई , बालिकोटी, नैनिधार, कांडो-भट्नोल, द्राविल में पावर कट रहेगा!

नजदीकी थाने में अपना पंजीकरण करवाएं बाहरी कामगार डीसी ने उद्यमियों, ठेकेदारों और मकान मालिकों को भी दिए बाहरी कामगारों के पंजीकरण के निर्देश
हमीरपुर:- जिला में किसी भी तरह की वारदात या अप्रिय घटना को रोकने तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला दंडाधिकारी हेमराज बैरवा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अस्थायी तौर पर रह रहे प्रवासी श्रमिकों, रेहड़ी-फड़ी एवं फेरी वालों और अन्य बाहरी कामगारों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। सीआरपीसी की धारा 144 के तहत आदेश जारी करते हुए जिला दंडाधिकारी ने बाहरी कामगारों को काम पर रखने वाले उद्यमियों, कारोबारियों, ठेकेदारों, किसानों और अन्य लोगों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने कामगारों का फोटो सहित पूरा विवरण देकर नजदीकी पुलिस थाने में पंजीकरण सुनिश्चित करें।
जिला दंडाधिकारी ने बाहरी श्रमिकों, रेहड़ी-फड़ी एवं फेरी वालों तथा अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे बाहरी लोगों के लिए भी नजदीकी पुलिस थाने में अपना पंजीकरण करवाने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों को भी हिदायत दी है कि वे अपना मकान बाहरी लोगों को किराये पर देने से पहले किरायेदारों की पहचान एवं पंजीकरण सुनिश्चित कर लें। जिला दंडाधिकारी के इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले बाहरी कामगारों, उनके नियोक्ताओं और मकान मालिकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई हो सकती है। ये आदेश 10 मार्च तक लागू रहेंगे।
जिला दंडाधिकारी ने बताया कि जिला हमीरपुर में बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से श्रमिक, रेहड़ी-फड़ी एवं फेरी वाले और अन्य लोग काम करने आते हैं। ये लोग किराये के मकानों में या विभिन्न निर्माण स्थलों पर अस्थायी रूप से रहते हैं। उन्होंने कहा कि जिला में कोई भी वारदात या अन्य कोई अप्रिय घटना की स्थिति में तथा इनमें बाहरी लोगों की संलिप्तता होने पर पुलिस को अक्सर जांच करने में काफी दिक्कत होती है। इसको देखते हुए जिला में अस्थायी तौर पर रह रहे बाहरी लोगों का नजदीकी पुलिस थाने में पंजीकरण बहुत जरूरी है। उन्होंने सभी जिलावासियों और जिला में अस्थायी तौर पर रह रहे बाहरी कामगारों से सहयोग की अपील की है।
लंबे समय से मौसम की बेरुखी के बाद हिमाचल के ऊपरी इलाकों में हल्की वर्फबारी
हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से मौसम की बेरुखी के बाद कल दोपहर बाद मौसम बदला और हिमाचल के शिमला जिले के चांशल, नारकंडा, हाटू पीक,खड़ा पत्थर, सिरमौर के चूड़धार में हल्की वर्फबारी दर्ज की गई, वहीं कुछ अन्य स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। हिमाचल के निचले इलाको में आसमान में हल्के बादल छा गए है। मौसम की करवट और अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्का हिमपात होने के बाद तापमान में गिरावट आई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की माने तो आज रात को भी शिमला, किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा और कुल्लू के अधिक ऊंचाई वाले कुछेक क्षेत्रों पर हल्का हिमपात हो सकता है। कल से प्रदेशभर में मौसम साफ़ रहने का पूर्वानुमान है। वहीं, मौसम विभाग ने कल व परसों के लिए प्रदेश के मैदानी इलाकों में घने कोहरे का यल्लो अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर, कांगड़ा, ऊना और सोलन जिले के निचले इलाकों को दिया गया है।
शिलाई में बेला-बशवा रोड पर गिरी बोलेरो कैम्पर 17 घायल 2 की मौत!
ज़िला सिरमौर के शिलाई से एक दुःखद ख़बर सामने आयी है जहां शिलाई-बोबरी-बश्वा रोड पर एक बोलेरो कैम्पर गाडी नंबर एचपी 85 – 1377 दुर्घटनाग्रस्त हो गई! कहा जा रहा है कि गाडी मे कुल 19 व्यक्ति सवार थे। जिनमे तकरीबन 17 व्यक्ति घायल हुए है व दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई है! शिलाई क्षेत्र में पिछले 5 दिनों में ये वाहन दुर्घटना की दूसरी ख़बर है इससे पहले भी शिलाई- अछोटी रोड पर एक ऑल्टो कार दुर्घटना का शिकार हुई थी जिसमे माँ-बेटे की मृत्यु हुई थी और दो अन्य महिला घायल हुई थीं! आपको बता दे कि क्षेत्र में माघीं का त्यौहार सिर पर है और त्योहार के दिनों में इस तरह की घटनाएँ होना बहुत ही दुखद है ! घटना स्थल से कुल 19 लोगों को घायलावस्था में इलाज के लिए शिलाई अस्पताल लाया गया था। जिनके नाम निम्नलिखित है।
घायलो के नाम:-
01. दलीप पुत्र श्री पुनिया राम निवासी गांव बशवा उमर 35 वर्ष
02. काजल पुत्री श्री सुधीर कुमार निवासी गांव क्वानू बउम्र 17 साल
03. अर्जुन पुत्र श्री चमेल सिंह निवासी गांव बोबरी उमर 25 साल ड्राईवर
04 रीतिका पुत्री श्री बहादुर सिंह निवासी गांव बश्वा उम्र 17 वर्ष
05 रौनक पुत्र श्री बंसी राम गांव बश्वा 18 वर्ष
06 युवराज पुत्र सन्तराम गांव बश्वा 18 वर्ष
07 नरायणी देवी पत्नी श्री बंसी गांव बश्वा 48 वर्ष
08 उत्तम पुत्र प्रताप सिंह गांव बश्वा 25 वर्ष
09 प्रतिभा पुत्री श्री मनसा राम गांव बश्वा 24 वर्ष
10 विजय ऊर्फ बीजा राम पुत्र कालू राम गांव बश्वा 35 वर्ष
11 निर्मला पुत्री श्री सुन्दर सिंह गांव बश्वा 20 वर्ष
12 विक्रम पुत्र शुप्पा राम गांव बश्वा 34 वर्ष
13 अभिषेक पुत्र जोगी राम गांव बश्वा 17 वर्ष
14 सुन्दर सिंह पुत्र शोभा राम गांव बश्वा 40 वर्ष
15 अभिषेक पुत्र स्वरूप गांव बश्वा 18 वर्ष
16 विनोद पुत्र विजय गांव बश्वा 45 वर्ष
17 नेहा पुत्री बंसी राम गांव बश्वा 17 वर्ष
मृतक
1. करीना पुत्री श्री फकीर चन्द निवासी गांव हंडाड़ी वउम्र 19 वर्ष
2. मोहन सिंह पुत्र श्री प्रीतम सिंह गांव बश्वा उम्र 62 वर्ष
मुख्यमंत्री ने सिरमौर जिला के 1388 आपदा प्रभावित परिवारों के ‘पुनर्वास’ को 9.88 करोड़ रुपए की धनराशि नाहन में आवंटित की
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बरसात के दौरान आई आपदा से जिला सिरमौर के 1388 प्रभावित परिवारों के ‘पुनर्वास’ के लिए 9.88 करोड़ रुपए की प्रथम किस्त आज नाहन में वितरित की। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त 66 घरों के लिए 3-3 लाख रुपए की राशि के रूप में 1.98 करोड़ रुपए की पहली किस्त, 718 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 6.37 करोड़, 292 गौशालाओं को नुकसान पर 1.15 करोड़ रुपए तथा अन्य प्रभावित परिवारों को 38 लाख रुपए की धनाराशि जारी की गई। इस अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान प्रदेश ने लगभग 500 लोगों को खोया और 16 हजार घरों को नुकसान हुआ। राज्य सरकार ने दृढ़ता से चुनौतियों का सामना किया और नियमों को परिवर्तित कर 4500 करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज जारी किया। अपने खर्च कम कर राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों की मदद का संकल्प लिया है तथा गरीब व्यक्ति की मदद के लिए नियम भी बदले गए हैं। पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर पर प्रदत्त 1.30 लाख रुपये के मुआवजे को साढ़े पांच गुणा बढ़ाकर सात लाख रुपये किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नियमों के अनुसार लगभग 10 हजार करोड़ रुपए के दावे केंद्र को भेजे हैं। हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री से भेंट कर राज्य को यह राशि शीघ्र जारी करने का आग्रह भी किया है। वहीं भाजपा प्रभावितों को मुआवजे पर केवल राजनीति ही करती आ रही है। पहले वे आपदा के दौरान ही विधानसभा सत्र बुलाने की मांग करते रहे, लेकिन जब सत्र बुलाया तो तीन दिनों तक चर्चा के दौरान भाजपा विधायक प्रभावित परिवारों के साथ खड़े नहीं हुए और राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के संकल्प का भी समर्थन नहीं किया। भाजपा का एक भी नेता आपदा प्रभावितों की मदद के लिए आगे नहीं आया और किसी भी नेता ने केंद्र सरकार से हिमाचल को आर्थिक मदद नहीं मांगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद प्रदेश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रेणुका डैम का कार्य जल्द ही शुरू होगा, जिस पर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार से बात हुई है। इसके साथ ही किशाऊ जल विद्युत परियोजना में वाटर कम्पोनेंट आधार पर पावर कम्पोनेंट में 90ः10 केन्द्र तथा राज्य सरकार को फंड करने अथवा राज्य के हिस्से में सभी पावर कम्पोंनेट में 50 वर्ष तक ब्याज मुक्त ऋण सुविधा प्रदान करने का अनुरोध भी केन्द्र से किया गया है।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि धौलासिद्ध, लुहरी तथा सुन्नी जल विद्युत परियोजनाओं में बिजली की रॉयल्टी बढ़ाने पर पर भी उन्होंने केंद्र सरकार से बात की है ताकि प्रदेश के लिए अधिक से अधिक राजस्व जुटाया जा सके। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से हाटी समुदाय के बारे में जारी अधिसूचना स्पष्ट नहीं थी तथा इस बारे में स्पष्टीकरण आने के 12 घंटे के भीतर राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति दर्जा प्रदान करने की अधिसूचना जारी कर दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 20 हजार रोजगार सरकारी क्षेत्र में प्रदान करने जा रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, जल शक्ति विभाग, बिजली बोर्ड में ये नियुक्यिां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार में पुलिस भर्ती पेपर लीक हुआ। कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में पेपर बेचे जाते रहे। वर्तमान सरकार ने इस आयोग को भंग किया ताकि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने एक वर्ष के कार्यकाल में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक तंगहाली के बावजूद पहली ही कैबिनेट में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल की। केंद्र सरकार के पास एनपीएस के लगभग 9 हजार करोड़ रुपए फंसे हैं और इस मसले पर भी केंद्र से बात की गई है। अनाथ बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना को शुरू कर प्रदेश के 4 हजार अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा प्रदान करने के लिए कानून बनाया। इस योजना के तहत अनाथ बच्चों की उच्च शिक्षा से लेकर उनके रहन-सहन तथा घर बनाने के लिए आर्थिक मदद प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार उस वर्ग की आवाज बनी, जो अपने हक की आवाज नहीं उठा सकते। उन्होंने कहा कि राज्य तंगहाली के दौर से गुजर रहा है क्योंकि पिछले कई वर्षों से सरकारों ने आर्थिक संसाधन जुटाने पर ध्यान ही नहीं दिया। वर्ष 2022-23 में भाजपा सरकार ने 14 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया। चुनौतियां स्वीकार करते हुए हमने हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया और पहले ही बजट में प्रदेश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने की नींव रखी। आने वाले चार वर्षों में हिमाचल आत्मनिर्भर और दस वर्ष में देश का सबसे खुशहाल राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार जन सेवा को ध्यान पर रखकर नीतियां बना रही है ताकि अधिक से अधिक लोगों का कल्याण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत 20 लाख रुपए तक एक प्रतिशत ब्याज पर ऋण प्रदान किया जा रहा है। युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट अप योजना के पहले चरण की शुरूआत कर दी है। जिसके तहत ई-टैक्सी की खरीद के लिए उपदान दिया जा रहा है। ई-टैक्सी के लिए एक हजार से अधिक युवाओं ने आवेदन किया है। सौर विद्युत परियोजनाएं स्थापित करने के लिए इसके द्वितीय चरण को भी मंत्रिमण्डल ने स्वीकृति प्रदान की है जिसके तहत राज्य सरकार 100, 200, 500 किलोवाट के पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए सहायता देगी जिससे युवाओं को निश्चित आय मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले बजट में किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजना लाने जा रहे हैं। शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई शुरू की जाएगी। वर्दी का फैसला भी स्कूल का प्रबंधन करेंगे और गेस्ट लेक्चरर भर्ती किए जाएंगे तथा कोई भी स्कूल बिना शिक्षक नहीं रहेगा। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय विधायक की मांग पर मुख्य सड़क बुरमपापरी, पालियां भोगपुर सिम्बलवाला से गुम्ती से बस स्टैंड गुम्ती तक सभी चार बस्तियों के लिए सड़क निर्माण तथा भोगपुर सिम्बलवाला सड़क पर रून नदी पर डबल लेन पुल के निर्माण की भी घोषणा की। इस सड़क से क्षेत्र की तीन पंचायतों की लगभग 9000 लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने खाजूरना बिक्रम बाग सुकेती कालाअंब सड़क पर पथराला का खाला पर डबल लेन पुल निर्मित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की चार पंचायतों के लगभग 13000 लोगों को सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने बनोग धार क्यारी से सब्जी मंडी कांशीवाला सड़क बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे सड़क से नाहन शहर, नाहन पंचायत, सेन की सेर तथा अंबवाला सैनवाना क्षेत्र के लगभग 86000 लोग लाभान्वित होंगे। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का सिरमौर जिला में पधारने पर स्वागत करते हुए कहा कि एक वर्ष के कार्यकाल में ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। आपदा प्रभावितों के लिए मुआवजा राशि में ऐतिहासिक बढ़ौतरी की गई है। यही नहीं, मुख्यमंत्री ने अपनी जमा पूंजी से 51 लाख रुपए की धनराशि आपदा राहत कोष में दान दी और पूरे देश के सामने मिसाल पेश की। उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जिला सिरमौर की हर मांग पूरी कर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जिला सिरमौर को 250 करोड़ रुपए तथा जल शक्ति विभाग के तहत 150 करोड़ उपलब्ध करवाए गए हैं।
विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए केंद्र सरकार से कोई भी आर्थिक सहायता नहीं मिली, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से 4500 करोड़ का पैकेज आपदा प्रभावितों के लिए जारी किया। आपदा के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सशक्त नेतृत्व का परिचय देते हुए आवश्यक सेवाओं को शीघ्रता से बहाल करवाया। विधायक अजय सोलंकी ने नाहन विधानसभा क्षेत्र के लिए 219 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास व उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पिछले एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान ऐतिहासिक कार्य किए और कर्मचारियों, किसानों, महिलाओं सहित सभी वर्गों के लिए अनेक जन कल्याणकारी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं को लोगों के बीच ले जाने का आग्रह भी किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक कुंवर अजय बहादुर व किरनेश जंग, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आनंद परमार, उपायुक्त सुमित किमटा, एसपी रमन कुमार मीणा, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी तथा पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति के हमीरपुर दौरे के लिए सरकार की ओर से मिनिस्टर इन वेटिंग’ के रूप में कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी नामित
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने वीरवार शाम को जिला के पुलिस, प्रशासनिक और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करके 6 जनवरी को होने वाले उपराष्ट्रपति के हमीरपुर जिले के दौरे की तैयारियों की समीक्षा की। उपायुक्त ने कहा कि उपराष्ट्रपति के हैलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए प्रस्तावित हैलीपैड और जिला के अन्य वैकल्पिक हैलीपैडों की मरम्मत कर दी गई है और वीरवार को इन हैलीपैडों पर ट्रायल लैंडिंग भी सफलतापूर्वक हो गई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हैलीपैड के आस-पास और उपराष्ट्रपति के काफिले के रूट पर किसी भी तरह की व्यवस्था में अगर कोई कमी नजर आती है तो उसे तुरंत दूर करें। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। दोनों आयोजन स्थलों पर भी उपराष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के अनुसार तथा उनके सचिवालय की ओर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार पुख्ता प्रबंध होने चाहिए। उपायुक्त ने बताया कि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और कई अन्य गणमान्य अतिथि भी 5 एवं 6 जनवरी को हमीरपुर में रहेंगे। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति के दौरे के लिए प्रदेश सरकार की ओर से ‘मिनिस्टर इन वेटिंग’ के रूप में कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी को नामित किया गया है। वह इस दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति के साथ रहेंगे। बैठक में एसपी डॉ. आकृति शर्मा ने हमीरपुर शहर और इसके आस-पास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था तथा 6 जनवरी के लिए प्रस्तावित टैªफिक प्लान की जानकारी दी। इस दौरान अन्य प्रबंधों को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। इस अवसर पर एडीसी मनेश यादव, एसडीएम हमीरपुर मनीष सोनी, एसडीएम सुजानपुर राकेश शर्मा, एसडीएम भोरंज संजय कुमार, एसडीएम बड़सर डॉ. रोहित शर्मा, सहायक आयुक्त पवन शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी जसपाल सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके अग्निहोत्री और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
सतवंत अटवाल को हिमाचल के डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार, संजय कुंडू को बनाया गया आयुष विभाग का प्रधान सचिव
तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी सतवंत अटवाल को हिमाचल के डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौपा गया है! सतवंत अटवाल अभी विजिलेंस की एडीजीपी हैं। उनके पास सीआईडी के ADGP का भी अतिरिक्त कार्यभार है! गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के आदेशों के बाद आज डीजीपी संजय कुंडू को उनके अहम पद से हटाकर प्रधान सचिव आयुष विभाग तैनात किया है।

कौन हैं सतवंत अटवाल?
1996 बैच की आईपीएस अधिकारी, सुश्री सतवंत अटवाल त्रिवेदी को हिमाचल प्रदेश राज्य की पहली महिला आईपीएस के साथ-साथ एनआईए और बीएसएफ की पहली महिला अधिकारी होने का गौरव प्राप्त है। सुश्री त्रिवेदी ने हिमाचल प्रदेश के अपने कैडर के साथ-साथ अन्य प्रतिष्ठित पुलिस संगठनों के विभिन्न पदों पर एक पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी सराहनीय सेवाओं की समृद्ध गाथा का श्रेय अपने नाम किया है। इसके अलावा, उन्होंने सीमा सुरक्षा बल में भारत के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यान्वयन की सफलतापूर्वक शुरुआत की है। वह क्लिनिकल साइकोलॉजी में स्वर्ण पदक विजेता हैं और जर्मन में, उन्होंने एफबीआई नेशनल एकेडमी, न्याय विभाग, यूएसए से जांच और नेतृत्व में डिप्लोमा का सराहनीय गौरव प्राप्त किया है।
हिमाचल हाईकोर्ट ने दिए थे संजय कुंडू को पद से हटाने के आदेश
बता दें कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 26 दिसंबर, 2023 को संजय कुंडू को डीजीपी पद से हटाने के आदेश दिए थे ! कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि संजय कुंडू को बतौर डीजीपी और शालिनी अग्निहोत्री को बतौर एसपी कांगड़ा वर्तमान पोस्टिंग से हटाया जाना चाहिए! इसके बाद 2 जनवरी की सुबह संजय कुंडू को डीजीपी के पद से हटकर आयुष विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया! शाम होते-होते मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने सतवंत अटवाल त्रिवेदी को हिमाचल प्रदेश का नया पुलिस महानिदेशक बना दिया है!
सरकार से बातचीत के बाद खत्म हुई ड्राइवर की हड़ताल, फिलहाल लागू नहीं होगा कानून
केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में “हिट एंड रन” को लेकर लाए गए नए कानून के खिलाफ बस-ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर हैं, जिसकी वजह से देश का ट्रांसपोर्ट सिस्टम पूरी तरह से ठप पड़ गया है. ईंधन नहीं पहुंचने की वजह से पेट्रोल पंप पर लंबी-लंबी लाइनें लग गई हैं केंद्र सरकार द्वारा लाए गए हिंट एंड रन कानून के विरोध में पूरे देश में ट्रक और डंपर चालकों ने चक्का चाम कर दिया. उनका कहना है कि ये कानून गलत है और इसे वापस लेना चाहिए. इसी मांग को लेकर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ बैठक की. इस बैठक के बाद उन्होंने कहा कि नया कानून अभी लागू नहीं हुआ है. भारतीय न्याय संहिता की धारा 106/2 को लागू करने से पहले हम ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के लोगों से बात करेंगे, उसके बाद ही फैसला किया जाएगा.
क्या है हिंट एंड रन कानून?
दरअसल केंद्र सरकार ने अपराध को लेकर नए और कड़े कानून बनाए हैं, जिसके तहत अगर कोई ट्रक या डंपर चालक किसी को कुचलकर भागता है तो उसे 10 साल की जेल होगी. इसके अलावा 7 लाख रुपये जुर्माना भी देना होगा. हालांकि यदि वह घायल को हस्पताल पहुँचाता है तो सज़ा में रिहायत दी गई है. पहले इस मामले में कुछ ही दिनों में आरोपी ड्राइवर को जमानत मिल जाती थी और वो पुलिस थाने से ही बाहर आ जाता था. पहले भी इस कानून के तहत दो साल की सजा का प्रावधान था.
निज़ी कंटेनर में पैट्रोल- डीज़ल ले जाने पर प्रतिबंध, एक वाहन में सिर्फ़ 10 लीटर ही मिलेगा पेट्रोल! डीसी सिरमौर ने जारी किए आदेश.
जिला दंडाधिकारी सिरमौर सुमित खिमटा ने ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण गत दो दिनों से पेट्रोलयम पदार्थों की आपूर्ति में आ रही बाधा के कारण वांछित मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता न होने के दृष्टिगत जिला सिरमौर में सभी पेट्रोल पंपों में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमित मात्रा में विक्रय करने व वांछित मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ आरक्षित (रिजर्व) रखने के आदेश जारी किये हैं। जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 25 हजार से अधिक की स्टोरेज टैंक क्षमता वाले पेट्रोल पंप में कम से कम 3 हजार लिटर डिजल तथा दो हजार लिटर पेट्रोल रिजर्व रखने के आदेश दिए गए हैं। इसी प्रकार 25 हजार से कम की क्षमता के स्टोरेज टैंक में कम से कम दो हजार लिटर डिजल तथा एक हजार लिटर पेट्रोल रिजर्व रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेशों के अनुरूप किसी भी डीलर को किसी भी वाहन में एक समय में दस लिटर से अधिक पेट्रोल न भरने के निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकार कोई भी व्यक्ति केवल अपने वाहन के फयूल टैंक में पेट्रोल/डीजल डलवाने के लिए अधिकृत होगा और किसी भी प्रकार के कंटेनर में पेट्रोलियम पदार्थ ले जाने की स्वीकृति नहीं होगी। आपातकालीन वाहन जैसे एंबुलेंस, फायर, जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन व पब्लिक ट्रांसपोट वाहनों को पेट्रोलिय पदार्थों के आवंटन में प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यदि कोई भी डीलर पेट्रोलियम पदार्थों की जमाखोरी और ब्लैकमार्किटिंग में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ विधि के अनुरूप कार्यवाई अमल में लाई जायेगी।


