शिमला, 20 सितंबर (न्यूज़डे नेटवर्क) : विकास खंड छौहारा के थाना (जांगला) क्षेत्र की कविता शर्मा ने मेहनत, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता के बल पर ग्रामीण क्षेत्र में सफल दुग्ध प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अक्टूबर 2025 में महज 20 लीटर प्रतिदिन दूध के प्रसंस्करण से शुरू हुआ उनका उद्यम आज करीब 800 लीटर प्रतिदिन दूध का प्रसंस्करण कर रहा है। इकाई में घी, पनीर, दही और मक्खन सहित विभिन्न दुग्ध उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
कविता शर्मा वर्ष 2020 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। सरस मेले, दिल्ली हाट, अंतर्राष्ट्रीय शिमला समर फेस्टिवल और स्थानीय मेलों में उत्पादों के स्टॉल लगाने के दौरान उन्हें ग्राहकों से सीधे संवाद करने और बाजार की मांग, गुणवत्ता, पैकेजिंग व विपणन की समझ हासिल करने का अवसर मिला। इसी अनुभव ने उन्हें अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित किया। अक्टूबर 2025 में एसएचजी नंदला के माध्यम से उन्होंने दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद प्रसंस्करण इकाई शुरू की। सीमित संसाधनों के कारण शुरुआत छोटी थी, लेकिन प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) के तहत मिली 7 लाख रुपये की वित्तीय सहायता से उन्होंने आधुनिक मशीनरी और उपकरण स्थापित किए। इससे इकाई की प्रसंस्करण क्षमता और उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हुआ।कविता शर्मा ने उत्पादों का बाजार तैयार करने के लिए स्वयं दुकान-दुकान जाकर संपर्क किया। निरंतर प्रयासों से उनके उत्पादों की पहुंच रोहड़ू, चिड़गांव और जुब्बल सहित आसपास के बाजारों तक बनी है। वर्तमान में उद्यम का अनुमानित वार्षिक कारोबार करीब 70 लाख रुपये है।
इस उद्यम से क्षेत्र की 100 से अधिक महिला दुग्ध उत्पादकों को नियमित बाजार मिला है। इन महिलाओं से खरीदे जाने वाले दूध के एवज में करीब 7 लाख रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है। वहीं, दो स्थानीय महिलाओं को प्रत्यक्ष रोजगार भी मिला है। कविता शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और PMFME योजना से मिले सहयोग ने उनके उद्यम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की मांग अधिक है और आने वाले समय में उत्पादन क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।


