पांवटा साहिब, 28 जून (कपिल शर्मा): जिला सिरमौर के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के आंजभोज के डांडा आंज और टोरु गांवों में इन दिनों गंभीर पेयजल संकट ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। पिछले कई दिनों से गांवों में पेयजल की नियमित आपूर्ति ठप रहने के कारण ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि लोगों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। पीने के पानी के साथ-साथ घरेलू कार्यों और पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पानी की समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। उनका आरोप है कि पेयजल आपूर्ति न तो नियमित है और न ही व्यवस्थित, जिसके चलते भीषण गर्मी के बीच लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण नेत्र सिंह, ललित तोमर, सुरेंद्र सिंह, खजान सिंह, कल्याण सिंह, मदन सिंह और राकेश कुमार ने बताया कि कई दिनों से गांव के अधिकांश घरों में नलों से पानी नहीं आ रहा है। मजबूरी में लोगों को दूर-दराज के प्राकृतिक स्रोतों और अन्य स्थानों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जल शक्ति विभाग से तत्काल प्रभाव से नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे जन आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
विभाग ने बताई पानी की कमी वजह
उधर, इस संबंध में जल शक्ति विभाग के जूनियर इंजीनियर विनय धीमान ने बताया कि जल स्रोतों में पानी की कमी आने के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग उपलब्ध जल स्रोतों और संसाधनों के अनुसार पानी की आपूर्ति को संतुलित ढंग से संचालित करने का प्रयास कर रहा है। साथ ही आश्वासन दिया कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही ग्रामीणों को राहत मिलेगी। ग्रामीणों को अब विभाग के आश्वासन के धरातल पर उतरने का इंतजार है। यदि आने वाले दिनों में पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हुई, तो क्षेत्र में आंदोलन की स्थिति बन सकती है।


