पांवटा साहिब, (कपिल शर्मा ): जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के शिलाई में शादी-विवाह में बढ़ती फिजूलखर्ची पर रोक लगाने और पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण के लिए शिलाई खत के 52 गांवों ने सामूहिक रूप से 17 महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। शिलाई गांव में माता ठारी के सांझा प्रांगण में जेलदार दिनेश तोमर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में फ़िज़ूलख़र्ची पर अंकुश लगाने के 17 नियमों पर सर्वसम्मति से सहमति बनी।
शराब के समय को लेकर सबसे अधिक चर्चा
लेकिन जिस नियम पर क्षेत्र में विवाद उत्पन्न हो गया है उस निर्णय में शराब परोसने के समय को लेकर खास चर्चा हो रही है। तय किया गया कि बारात के दौरान शराब नहीं परोसी जाएगी। बीयर और अन्य नशीले पदार्थों पर भी प्रतिबंध रहेगा। इच्छुक लोगों के लिए बारात की वापसी के बाद शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक टेंट में शराब परोसने की व्यवस्था होगी। इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं लोगो का कहना है कि शराब के अलावा सभी पर सख़्त नियम लागू किए गए जबकि शराब पर ढिलाई बरती गई है!
बारातियों की संख्या 100 तक सीमित
नियमों के अनुसार बारात में 100 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। लकड़ी कटाई की रस्म में केवल 20 से 25 बुआरे शामिल होंगे। माश खाने की प्रथा बंद करने का निर्णय लिया गया है। मामा स्वागत की रस्म में भी बदलाव करते हुए बरतवारे यानी सगे मामा-मामी को ही उस दिन शामिल करने का फैसला लिया गया है। नेवदे के लिए 10 रुपये और मामा के ढंग के लिए 501 रुपये निर्धारित किए गए हैं भांजे-भांजी की शादी में कपड़े और जूते देने की परंपरा सीमित करते हुए इसे दूल्हा-दुल्हन और उनकी माता तक रखा गया है। दशूठन और दशराता में गांव से केवल एक-एक सदस्य को बुलाया जाएगा।
दहेज पर रोक, गहनों की संख्या भी तय
दुल्हन के लिए कानों के गहने, नाक का गहना, मंगलसूत्र, पायल और चुटकी सहित पांच प्रकार के गहने निर्धारित किए गए हैं। नाचने पर पैसे देने की प्रथा बंद होगी तथा टेंट और डीजे की व्यवस्था सीमित रहेगी। दहेज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए केवल पारंपरिक रीति के अनुसार सोबो-पाईतो देने का निर्णय लिया गया। ये नियम क्षेत्र से बाहर होने वाली शादियों पर भी लागू होंगे। उल्लंघन करने पर 52 हजार रुपये दंड और पूरे खत के सामूहिक भोज का प्रावधान रखा गया है। साथ ही त्योहारों की तिथियां भी पूरे शिलाई खत में एक समान निर्धारित करने का फैसला लिया गया।


