नाहन (न्यूज़डे नेटवर्क): देश की दूसरी सबसे पुरानी नगर परिषद नाहन में सत्ता गठन को लेकर कई दिनों से बना सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। नगर परिषद के अध्यक्ष पद का फैसला इस बार राजनीतिक जोड़-तोड़ या बहुमत से नहीं, बल्कि टॉस के जरिए हुआ। किस्मत ने कांग्रेस का साथ दिया और पार्टी की उम्मीदवार उपमा धीमान नगर परिषद की नई अध्यक्ष चुनी गईं। नगर परिषद गठन के दौरान भाजपा और कांग्रेस समर्थित खेमों के बीच संख्या बल बराबर रहा। स्थानीय विधायक अजय सोलंकी के समर्थन से कांग्रेस का आंकड़ा सात तक पहुंच गया, जबकि भाजपा के पास भी सात पार्षद थे। दोनों पक्षों के 7-7 के बराबर होने के कारण अध्यक्ष पद का फैसला टॉस से करना पड़ा। भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए सीमा अत्री को उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस की ओर से उपमा धीमान मैदान में थीं। टॉस में बाजी कांग्रेस के पक्ष में गई और उपमा धीमान को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली। वहीं उपाध्यक्ष पद पर भाजपा को सफलता मिली। भाजपा समर्थित प्रदीप सहोत्रा उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इस तरह नगर परिषद की सत्ता में दोनों प्रमुख दलों की भागीदारी सुनिश्चित हुई! अध्यक्ष पद कांग्रेस के खाते में जाने के बाद नगर परिषद की नीतियों और विकास कार्यों की प्राथमिक जिम्मेदारी अब कांग्रेस के नेतृत्व पर रहेगी। वहीं उपाध्यक्ष पद मिलने से भाजपा भी नगर परिषद की सत्ता और निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नाहन नगर परिषद में टॉस से हुआ यह फैसला शहर की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।


