शिमला (न्यूज़डे नेटवर्क): हिमाचल प्रदेश के देहरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने विधायक ऐच्छिक निधि के कथित दुरुपयोग के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्राथमिक जांच में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के पर्याप्त आधार मिलने के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (आपराधिक न्यासभंग) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत 16 जुलाई को धर्मशाला थाने में मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि वर्ष 2023 और 2024 के दौरान विधायक ऐच्छिक निधि से 16 लाभार्थियों के नाम पर 50-50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत कर उनके बैंक खातों में भेजी गई। शिकायत के अनुसार, इनमें से अधिकांश लाभार्थी पूर्व विधायक की निजी फैक्ट्री के कर्मचारी थे। आरोप है कि राशि खाते में आने के बाद कर्मचारियों से नकद निकलवाकर वापस ले ली गई। कुल कथित राशि लगभग 8 लाख रुपये बताई गई है। विजिलेंस की जांच में बैंक अभिलेखों, सरकारी दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों का परीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई लाभार्थियों ने कथित रूप से बताया कि उन्होंने सहायता के लिए आवेदन नहीं किया था और खाते में आई राशि पूर्व विधायक के निर्देश पर नकद निकालकर उन्हें सौंप दी थी। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत किया गया तथा वास्तविक लाभ लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा। गौरतलब है कि होशियार सिंह देहरा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने दोनों बार निर्दलीय चुनाव जीता था। वर्ष 2024 में राज्यसभा चुनाव के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था, लेकिन बाद में हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर से पराजित हो गए थे। फिलहाल विजिलेंस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।


