19 जुलाई (न्यूज़डे नेटवर्क): शिलाई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सखोली में पंचायत प्रधान कमलेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सामाजिक समानता और विवाह समारोहों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के उद्देश्य से कई अहम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। बैठक में पंचायत के उपप्रधान सुरेन्द्र शर्मा, पंच, बुद्धिजीवी, महिला एवं पुरुष प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार अब पंचायत क्षेत्र में होने वाले विवाह समारोह सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किए जाएंगे। निर्णय लिया गया कि दुल्हन केवल मंगलसूत्र, नाक की तीली, कानों के झुमके और पायल ही धारण करेगी। अन्य भारी-भरकम आभूषण पहनने की परंपरा समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा विवाह में ‘मामा खर्च’ की प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। केवल वास्तविक (सगे) मामा ही इस रस्म में शामिल होंगे तथा मामा द्वारा बकरा या अन्य उपहार देने-लेने की परंपरा पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पंचायत ने बारात में अधिकतम 10 वाहनों की अनुमति देने का निर्णय लिया है। वहीं रिश्ता तय करते समय होने वाली ‘माशा खान’ की परंपरा भी समाप्त कर दी गई है। बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि कोई व्यक्ति पंचायत के इन सामाजिक नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर ₹51,000 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। साथ ही उसे पूरी पंचायत के लोगों को सामूहिक भोज भी करवाना होगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि इन निर्णयों का उद्देश्य समाज में समानता, सादगी और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना तथा विवाह समारोहों में अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करना है। पंचायत ने सभी ग्रामीणों से इन नियमों का पालन करने की अपील की।
शिलाई में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में पांच युवक गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
शिलाई (सिरमौर): हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक लाइव वीडियो के अनुसार, स्थानीय लोगों ने एक विशेष समुदाय से संबंध रखने वाले पांच युवकों को एक लड़की को बहला-फुसलाकर उत्तराखंड के हरबर्टपुर ले जाते हुए पकड़ा है। पकड़े गए सभी आरोपियों को स्थानीय जनता द्वारा पुलिस के हवाले कर दिया गया है। वायरल वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, ये पांचों युवक (जो कि अन्य राज्य और विशेष समुदाय से बताए जा रहे हैं) शिलाई के ही एक घर में मिस्त्री का काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि जिस घर में यह कार्य चल रहा था, वहां केवल एक बुजुर्ग महिला (दादी) और उनकी 17 वर्षीय पोती रहती थी। आरोप है कि काम करने के दौरान इन युवकों ने नाबालिग को अपने झांसे में लिया और उसे अपने साथ शिलाई से हरबर्टपुर (उत्तराखंड) की तरफ ले जाने लगे।युवकों की संदिग्ध गतिविधियों की भनक जैसे ही स्थानीय लोगों और ग्रामीणों को लगी, उन्होंने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी युवकों को बीच रास्ते में ही धर दबोचा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मुताबिक, गुस्साए लोगों ने इन पांचों युवकों को बाजार में पैदल घुमाया और बाद में तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी।सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निशित सिंह नेगी ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और सभी को हिरासत में ले लिया है। एसपी ने बताया कि पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि ये पांचों युवक काफी समय से लगातार उसका पीछा कर रहे थे और उसे परेशान कर रहे थे। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू पर गहनता से आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पांवटा साहिब के आईएएस निपुण जिंदल केंद्र सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त
पांवटा साहिब: सिरमौर जिले के पांवटा साहिब से ताल्लुक रखने वाले हिमाचल प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी निपुण जिंदल को केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी मिली है। केंद्र सरकार ने 2014 बैच के इस अधिकारी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली स्थित आर्थिक मामलों के विभाग (Department of Economic Affairs) में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने उनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। उनका कार्यकाल चार वर्ष या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, रहेगा। डीओपीटी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को निपुण जिंदल को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार उन्हें नियुक्ति पत्र जारी होने के तीन सप्ताह के भीतर नई दिल्ली में अपना कार्यभार संभालना होगा! आर्थिक मामलों का विभाग केंद्र सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल है, जहां देश की आर्थिक नीतियों, निवेश, वित्तीय मामलों और विकास परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित विभाग में हिमाचल कैडर के अधिकारी की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है ! निपुण जिंदल वर्तमान में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के प्रबंध निदेशक और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं और तीन दिन पहले ही उन्होंने पांवटा साहिब बस स्टैंड का निरीक्षण किया था और न्यूज़डे नेटवर्क के साथ विशेष बातचीत की थी उनके कार्यकाल में एचआरटीसी में हिम बस कार्ड जैसी महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कई सुधार लागू किए गए। वह कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पांवटा साहिब के निवासी निपुण जिंदल ने अपनी बारहवीं तक की शिक्षा भी यहीं से प्राप्त की है। उनकी इस नियुक्ति से पांवटा साहिब और पूरे सिरमौर में खुशी का माहौल है।
जगन्नाथ रथ यात्रा में चार संदिग्ध महिलाएं हिरासत में, गहने काटकर चोरी की आशंका; पुलिस पूछताछ जारी
पांवटा साहिब। जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए चार संदिग्ध महिलाओं को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इन महिलाओं पर भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालु महिलाओं के सोने-चांदी के गहने चोरी करने या काटकर निकालने का प्रयास करने का संदेह है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।जानकारी के मुताबिक, यात्रा के दौरान एक महिला के हाथ में पहने सोने के कड़े को कटर से काटकर निकालने का प्रयास किए जाने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही थाना पांवटा साहिब की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चारों संदिग्ध महिलाओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस उनके कब्जे से मिले सामान की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस लगातार महिलाओं की पहचान और उनके निवास स्थान की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक वे स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इनका संबंध किसी संगठित गिरोह से है। बताया जा रहा है कि जगन्नाथ यात्रा के दौरान स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम पहले से ही जेबकतरों और चोरी की घटनाओं पर नजर बनाए हुए थी। इसी सतर्कता के चलते संभावित बड़ी वारदात को समय रहते टाल दिया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की यात्रा आयोजकों और श्रद्धालुओं ने भी सराहना की है। एसपी सिरमौर निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि थाना प्रभारी पांवटा साहिब कुलवंत सिंह के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने संदिग्ध महिलाओं को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भीड़भाड़ वाले आयोजनों में अपने कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील भी की है।
9 घंटे के शटडाउन के बाद भी नहीं सुधरे हालात अगले ही दिन कई इलाकों में बिजली संकट, बार-बार कटौती से लोग परेशान
पांवटा साहिब: पांवटा साहिब में बुधवार को बिजली विभाग द्वारा करीब 9 घंटे का शटडाउन लेकर रखरखाव कार्य किए जाने के बावजूद बिजली व्यवस्था में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला। वीरवार को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में दिनभर कई बार बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा जानकारी के अनुसार देवीनगर, विश्वकर्मा चौक, बस स्टैंड, कृपाल शिल्ला और बाजार के कुछ हिस्सों में लोड शेडिंग के कारण लगभग 30 मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा बद्रीपुर , हीरपुर, शर्मा ट्रांसपोर्ट, जगदीश आइस फैक्ट्री और शांति कुंज क्षेत्र में भी लोड शेडिंग के चलते करीब 40 मिनट तक बिजली गुल रही! वहीं मुख्य बाजार, सिविल अस्पताल, वाई प्वाइंट, अनाज मंडी, मस्जिद क्षेत्र, बांगरान चौक, एकता कॉलोनी और भाटिया पैलेस के आसपास के इलाकों में केबल बदलने (केबल रिप्लेसमेंट ) के कार्य के चलते करीब एक घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। लगातार बिजली कटौती से लोगों के घरेलू कार्यों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। भीषण गर्मी के बीच बार-बार बिजली गुल होने से लोगों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब विभाग ने बुधवार को पूरे दिन का शटडाउन लेकर रखरखाव कार्य किया था, तो उसके बाद बिजली व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद थी। लेकिन अगले ही दिन अलग-अलग कारणों से लगातार बिजली बाधित रहने से विभाग के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि बार-बार होने वाली कटौती पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए और शहरवासियों को निर्बाध एवं भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। हालाकि बिजली विभाग के अधिकारी कम स्टाफ़ का हवाला दे रहे हैं जिससे बिजली आपूर्ति को सुचारू रूप से चलाने में परेशानी हो रही है!


