Thursday, July 16, 2026
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पांवटा के होली मेले में दंगल जम्मू के पहलवान फ़ारूख़ ने जीती माली, पंजाब के विवेक को हराया

पांवटा साहिब: जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में एक सप्ताह तक चले होली मेले का मंगलवार को पारंपरिक दंगल के साथ समापन हो गया। फाइनल मुकाबले में जम्मू के पहलवान फारूख ने पंजाब के पहलवान विवेक को रोमांचक मुकाबले में पराजित कर माली अपने नाम कर ली। विजेता पहलवान को 51 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। तथा अप विजेता को 31 हज़ार रुपये का पुरस्कार दिया गया!दंगल में हिमाचल प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब से सैकड़ों पहलवानों ने भाग लिया। पहलवानों ने अपने दमदार दांव-पेंच और शानदार कुश्ती कौशल से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। पूरे दंगल के दौरान मैदान में मौजूद दर्शकों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। इससे पूर्व एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत चीमा मुख्य अतिथि के रूप में दंगल में पहुंचे। उन्होंने खिलाड़ियों की कुशलता और सफलता के लिए की जाने वाली पारंपरिक पूजा की औपचारिकताएं पूरी कीं। इस अवसर पर नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी कंचन बाला भी मौजूद रहीं।

नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी कंचन बाला ने होली मेले के सफल आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन और आम जनता के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से मेला शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

अब DCF और DFO ही दे सकेंगे सूखे पेड़ों को काटने की मंजूरी, हिमाचल सरकार का साहसी कदम

न्यूज़डे नेटवर्क डेस्क:- हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर अब सूखे चीड़ के पेड़ केवल ‘खड़े मलबे’ बनकर नहीं रहेंगे। राज्य सरकार ने एक साहसी कदम उठाते हुए उन जटिल कानूनी बेड़ियों को तोड़ दिया है, जो दशकों से किसानों और वन विभाग के हाथ बांधे हुए थीं। अब लालफीताशाही की जगह ‘ग्रीन सिग्नल’ को प्राथमिकता दी गई है।

क्या है नया फैसला?
हिमाचल सरकार ने दशकों पुराने 10 वर्षीय कटान कार्यक्रम की अनिवार्य शर्त को सूखे चीड़ के पेड़ों के लिए समाप्त कर दिया है। अब इन पेड़ों को काटने की प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत कर दिया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही निर्णय लिए जा सकेंगे।

DFO और DCF स्तर पर: अब ये अधिकारी अपने स्तर पर साल भर में 500 सूखे पेड़ों को काटने की हरी झंडी दे सकते हैं।

वन संरक्षक (Conservator) का रोल: असाधारण परिस्थितियों में, वन संरक्षक पूरे सर्कल में प्रतिवर्ष अधिकतम 500 अतिरिक्त पेड़ों की सिफारिश कर सकेंगे। मंजूरी से पहले उप वन संरक्षक या मंडल अधिकारी को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करना होगा, ताकि नियमों का दुरुपयोग न हो।

क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत? सरकार का यह कदम केवल लकड़ी काटने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई दूरगामी लक्ष्य हैं। सूखे चीड़ के पेड़ और उनकी पत्तियां जंगलों में आग (Forest Fire) का सबसे बड़ा कारण बनती हैं। इन्हें हटाने से जंगलों को खाक होने से बचाया जा सकेगा। खेतों के किनारे खड़े सूखे पेड़ किसानों के लिए खतरा और बाधा दोनों थे। अब उन्हें शोषण से मुक्ति मिलेगी। जब वैध तरीके आसान होंगे, तो चोरी-छिपे कटान की प्रवृत्ति में कमी आएगी। बीमार और कीटग्रस्त पेड़ों को हटाकर नए और स्वस्थ पौधों के पनपने के लिए जगह बनाई जाएगी।

महत्वपूर्ण तथ्य और दायरा: यह अधिसूचना अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) केके पंत द्वारा जारी की गई है, जो हिमाचल प्रदेश भू-परिरक्षण अधिनियम, 1978 के तहत मिली शक्तियों पर आधारित है।

शिलाई में पेड़ों के कटान पर उठे सवाल, वन विभाग करेगा मौके पर जांच

न्यूज़डे नेटवर्क डेस्क, 5 मार्च (कपिल शर्मा): जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र में हरे चीड़ के पेड़ों के कटान को लेकर मामला गरमा गया है। स्थानीय लोगों द्वारा दिनदहाड़े पेड़ों पर आरी चलने संबंधी वीडियो इंटरनेट पर डाला गया जो वायरल हुई , जिसके बाद वन विभाग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। फिलहाल विभागीय टीम मौके पर जाकर स्थिति का सत्यापन करने की तैयारी में है। डीएफओ रेणुका बलदेव राज ने बताया कि विभाग की ओर से 25 पेड़ों को काटने की ही अनुमति प्रदान की गई थी हो सकता है कि इसकी आड़ में व्यक्ति ने ज़्यादा पेड़ काट दिए हो। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी मौके का निरीक्षण करेंगे और यह देखा जाएगा कि कहीं अनुमति से अधिक पेड़ों का कटान तो नहीं किया गया है उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान अवैध रूप से अधिक पेड़ काटे जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर रेंजर वीएम शर्मा ने बताया कि उस समय वह और फॉरेस्ट गार्ड किसी कार्य से रेणुका कार्यालय गए हुए थे, जबकि बीओ फील्ड में थे। तीनों ही उस वक्त शिलाई क्षेत्र में मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि अब वन विभाग की टीम मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच करेगी और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

सभी देशवासियों व प्रदेशवासियो को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ

रंगों के त्यौहार में सभी रंगों की हो भरमार, ढेर सारी खुशियों से भरा हो आपका संसार।

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होली मेले की तैयारियां अंतिम चरण में नगर परिषद मैदान में झूले लगने शुरू

पांवटा साहिब, 24 फरवरी (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक होली मेले को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। नगर परिषद मैदान में झूले और अन्य मनोरंजन के साधन पहुंचने शुरू हो गए हैं, जिससे मेले की रौनक अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। इस वर्ष मेले के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं के ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए गए थे। झूलों का ठेका 54 लाख 31 हजार रुपये (18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) में महेश नालागढ़ ने लिया है। दुकानों के प्लॉट का टेंडर 47 लाख 7 हजार रुपये (18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त) में रिजवान सहारनपुर को मिला है। पार्किंग का टेंडर रवि कुमार ने 2 लाख 27 हजार रुपये में हासिल किया, जबकि लाइट व्यवस्था का ठेका 4 लाख 6 हजार रुपये में संजय कुमार, पांवटा साहिब को प्रदान किया गया है! नगर परिषद द्वारा झूलों एवं अन्य मनोरंजन साधनों की अधिकतम दरें भी निर्धारित कर दी गई हैं। निर्धारित दरों के अनुसार छोटा झूला 40 रुपये, बड़ा झूला 60 रुपये, किस्ती 50 रुपये, मौत का कुंआ 60 रुपये, अन्य झूले 30 रुपये तथा रेंजर 60 रुपये तय किए गए हैं। सभी झूलों एवं अन्य आइटमों के सामने रेट लिस्ट बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।

हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में बड़े झूले, बच्चों के लिए आकर्षक राइड्स, खान-पान के स्टॉल तथा विभिन्न व्यापारिक स्टॉल सजेंगे। झूलों के पहुंचते ही स्थानीय लोगों, खासकर बच्चों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। नगर परिषद द्वारा मैदान की साफ-सफाई और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिलेगा। तैयारियों के साथ ही शहर में उत्सव का माहौल बनना शुरू हो गया है।

पांवटा साहिब में ही बनेगे अब हिम बस कार्ड, महिलाओं को बड़ी राहत

पांवटा साहिब: महिलाओं को अब हिम बस कार्ड बनवाने के लिए नाहन के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पांवटा बस स्टैंड में ही बस कार्ड मिलने शुरू हो गए हैं, जिससे क्षेत्र की मातृशक्ति को बड़ी राहत मिली है। कांग्रेस नेता प्रदीप चौहान ने प्रेस बयान जारी कर प्रदेश के परिवहन मंत्री और प्रबंधक निर्देशक परिवहन विभाग निपुण जिंदल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिला सिरमौर की महिलाओं को पहले कार्ड बनवाने के लिए नाहन जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की परेशानी होती थी। मीडिया के माध्यम से परिवहन मंत्री से आग्रह करने के बाद अब इस समस्या का समाधान हो गया है। उन्होंने बताया कि अब महिलाएं लोक मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर अपना हिम बस कार्ड घर पर या पांवटा बस अड्डे से प्राप्त कर सकती हैं। इससे पांवटा और शिलाई विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। प्रदीप चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में कई जनहितकारी कार्य हुए हैं। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया और कहा कि इसके बावजूद प्रदेश सरकार जनता को सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयासरत है। अब पांवटा साहिब की महिलाओं को बस कार्ड के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा सुविधा आपके अपने शहर में उपलब्ध है।

कुल्हाल में अवैध मांस मिलने की सूचना पर हंगामा, दो आरोपी हिरासत में

पांवटा साहिब: पांवटा साहिब से सटे कुल्हाल क्षेत्र में अवैध मांस मिलने की सूचना के बाद शनिवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही काफी संख्या में गौ रक्षक और बजरंग दल के कार्यकर्ता कुल्हाल चौकी पर एकत्रित हो गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विकासनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने पारदर्शिता बरतते हुए पशु चिकित्साधिकारी को मौके पर बुलाया और बरामद मांस के नमूने लेकर सैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी कराई, ताकि जांच वैज्ञानिक तरीके से की जा सके। पूछताछ और प्रारंभिक जांच के दौरान दो व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में लिए गए अभियुक्तों की पहचान आजाद पुत्र वहीद निवासी कुंजा ग्रांट तथा आमिर पुत्र इकबाल निवासी कुंजा ग्रांट के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और सैंपल रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

यमुना विहार कॉलोनी व भाटावाली सीमा का मुख्य मार्ग बदहाल, लोगों ने एसडीएम से लगाई गुहार

पांवटा साहिब, 16 फ़रवरी (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब के वार्ड नंबर 5 तथा ग्राम पंचायत भाटावाली की सीमा क्षेत्र में स्थित आम मार्ग की दयनीय स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। यह सड़क ग्राम पंचायत और नगर परिषद की सीमा से होकर गुजरती है, लेकिन लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार, पूनम, प्रेम रत्तन के अनुसार यह मार्ग यमुना विहार से भूपपुर ग्राम की ओर जाता है और प्रतिदिन सैकड़ों लोग इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग महिला-पुरुष, नौकरीपेशा लोग और मरीज इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी हुई सतह और कीचड़ होने के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों को भी जोखिम उठाकर गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे फिसलने और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभागों ने समस्या के समाधान की ओर गंभीरता नहीं दिखाई।

वार्ड निवासी दीक्षित ने बताया कि इस मार्ग के सुधार को लेकर नगर परिषद और ग्राम पंचायत दोनों को पहले भी लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग मात्र 100 से 150 मीटर तक ही बनना है, फिर भी वर्षों से इसकी अनदेखी की जा रही है। लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही इस छोटे से हिस्से का निर्माण करवा दिया जाएगा, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर इस मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर पक्का किया जाए। अब क्षेत्रवासियों ने उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) पांवटा साहिब से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि प्रशासन स्वयं संज्ञान लेकर यमुना विहार से भूपपुर ग्राम की ओर जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग का निरीक्षण करे और शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू करवाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

क्या बोले एसडीएम पांवटा

एसडीएम पांवटा साहिब गुंजित चीमा ने बताया कि यह सड़क नगर परिषद व पंचायत की सीमा के साथ लगती है और सीमा क्षेत्र होने के कारण जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही थीं इसी कारण काम लटका हुआ है मैंने नगर परिषद के ई०ओ० वह बी०डी०ओ० को बिठा कर इसके जल्द ही समाधान के निर्देश दे दिए हैं और जल्द ही मार्ग को दुरुस्त करवाया दिया जाएगा!

पांवटा साहिब में करंट लगने से मज़दूर की मौत

पांवटा साहिब, 15 फरवरी (न्यूज़डे नेटवर्क): औद्योगिक क्षेत्र मतरालियों में एक दर्दनाक हादसे में 27 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान निखिल कुमार (27), पुत्र सुरेंद्र, निवासी सहारनपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि निखिल पिछले काफी समय से पांवटा साहिब में रहकर सरिया बांधने का काम करता था जानकारी के अनुसार एक निजी मकान की तीसरी मंजिल में सरिया चढ़ाते हुए सरिये की एक लेंथ साथ से गुज़र रही हाई वोल्टेज बिजली लाइन से लग गई जिससे उसे जोरदार बिजली का झटका लगा और वह गिर पड़ा। गिरने की आवाज सुनकर वहां मौजूद उसके साथी तुरंत बचाओ के लिए पहुंचे और उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल पांवटा साहिब ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से प्राप्त सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने हेड कांस्टेबल दयाल सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। एसपी सिरमौर निश्चिंत सिंह नेगी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 125 व 106 के तहत कार्रवाई अमल में लाई है और मामले की गहन जांच की जा रही है।

पांवटा साहिब के उद्योग में गैस रिसाव, 8 कर्मचारी चपेट में

 

पांवटा साहिब: हिमाचल के सिरमौर जिला अंतर्गत पांवटा साहिब के औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार शाम एक फैक्ट्री में गैस रिसाव की घटना से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार एक रासायनिक इकाई में स्टोरेज टैंक से ‘मिथाइल डाइक्लोराइड’ गैस का रिसाव हो गया, जिसकी चपेट में आकर आठ कर्मचारी प्रभावित हो गए। सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि छह का उपचार जारी है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना शाम करीब चार बजे के बाद हुई। संबंधित कंपनी तीरुपति लाइफ साइंसेज के प्लांट में अचानक गैस लीक होने से काम कर रहे कर्मचारियों को चक्कर, घबराहट और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई। फैक्ट्री प्रबंधन ने तुरंत आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू करते हुए प्रभावित कर्मचारियों को बाहर निकाला और अस्पताल भिजवाया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार अधिकांश कर्मचारियों की हालत स्थिर बताई जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि गैस के प्रभाव से आंखों में जलन, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। एहतियात के तौर पर सभी प्रभावितों को निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है।

क्या है ‘मिथाइल डाइक्लोराइड’ गैस?

मिथाइल डाइक्लोराइड एक रंगहीन और अत्यधिक वाष्पशील रासायनिक पदार्थ है, जिसका उपयोग औद्योगिक प्रक्रियाओं में सॉल्वेंट के रूप में किया जाता है। इसकी अधिक मात्रा में सांस के जरिए शरीर में जाने पर तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बंद स्थान में गैस का रिसाव गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है, इसलिए उद्योगों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन आवश्यक है।

पाँवटा साहिब में विजिलेंस की दबिश, अधिकारी के घर पहुंची टीम से मचा हड़कंप

पांवटा साहिब में उस समय हड़कंप मच गया जब एक अधिकारी के आवास पर विजिलेंस टीम ने अचानक दबिश दी। टीम के पहुंचते ही आसपास के क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया और लोग घटना को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाने लगे। हालांकि समाचार लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विजिलेंस टीम किस मामले की जांच के तहत अधिकारी के घर पहुंची थी। न ही यह पुष्टि हो सकी है कि टीम को घर से कोई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं या नहीं। सूत्रों के अनुसार, टीम ने कुछ समय तक घर के अंदर जांच-पड़ताल की। आधिकारिक स्तर पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है। मामले को लेकर अधिकारी के घर के आसपास भी हलचल देखी जा रही है। विजिलेंस विभाग की ओर से औपचारिक जानकारी मिलने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

आख़िरकार किसका था वो नोटो से भरा बैग, घायलो को छोड़ जिसके पीछे पड़ गए थे लोग, सामने आया मालिक का नाम

डेस्क, 4 फरवरी (न्यूज़डे नेटवर्क) : उत्तराखंड के कवाणु क्षेत्र में हुए एच.आर.टी.सी. बस हादसे के बाद दुर्घटनास्थल से बरामद लाखों रुपए की नकदी से भरा बैग घायल यात्री का था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बस से मिला बैग 36 वर्षीय अब्दुल कयूम का था, जो शिमला जिला के नेरवा क्षेत्र में क्रॉकरी की दुकान चलाते हैं और फिलहाल हादसे के बाद विकासनगर के सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। अब्दुल कयूम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले हैं। हादसे के दौरान बस से एक काले रंग का कपड़े का बैग बरामद हुआ, जिसमें 3 लाख 20 हजार रुपए नकद, अब्दुल कयूम का पैन कार्ड और फोटो पहचान पत्र मिला। नोटों की पूरी गिनती और दस्तावेजों के आधार पर पहचान की पुष्टि की गई। इसके बाद एस.डी.एम. चकराता की मौजूदगी में नायब तहसीलदार राजेन्द्र लाल ने यह बैग घायल यात्री के परिजनों को सौंप दिया। पूरी प्रक्रिया की फोटो भी रिकॉर्ड के तौर पर ली गई। हालांकि जांच पूरी होने के बाद यह साफ हो गया कि यह बैग किसका था, लेकिन इससे पहले घटनास्थल पर स्थिति कुछ और ही थी। हादसे के तुरंत बाद जब दुर्घटनाग्रस्त बस के पास नकदी से भरा बैग पड़ा मिला, तो अफरा-तफरी के माहौल में कुछ लोगों के बीच उसे लेकर दावा और खींचतान शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोग बैग को अपना या अपने परिचित का बताने लगे, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। इसी दौरान कुछ स्थानीय जागरूक नागरिकों ने हस्तक्षेप कर विवाद को बढ़ने से रोका और पैसों से भरा बैग पुलिस को सौंपने पर जोर दिया। उनकी पहल पर पुलिस ने बैग को अपने कब्जे में लिया और उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी। उत्तराखंड की कालसी पुलिस ने बस की तलाशी के दौरान मिले नोटों की डिटेल रिपोर्ट तैयार की और बैग के संबंध में पूरी जांच शुरू की। घायल यात्री से फोन पर संपर्क किया गया और परिजनों से आई.डी. के आधार पर शिनाख्त करवाई गई। सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही बैग उसके वास्तविक मालिक के परिजनों को सौंपा गया। कुल मिलाकर हादसे के बाद जहां पैसों को लेकर हुई खींचतान ने इंसानियत पर सवाल खड़े किए, वहीं बाद में पुलिस, प्रशासन और स्थानीय नागरिकों की समझदारी से मामला पूरी तरह साफ हुआ। उधर कालसी पुलिस के थाना प्रभारी दीपक धारीवाल के अनुसार घायल यात्री अब्दुल का बैग में 100 रुपए के 7 नोट, 200 रुपए के 9 नोट, 500 रुपए के 635 नोट थे। जांच के बाद यह बैग इसके असल मालिक की बेटी को सौंप दिया गया।

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