Monday, June 1, 2026
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पांवटा साहिब के उद्योग में गैस रिसाव, 8 कर्मचारी चपेट में

 

पांवटा साहिब: हिमाचल के सिरमौर जिला अंतर्गत पांवटा साहिब के औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार शाम एक फैक्ट्री में गैस रिसाव की घटना से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार एक रासायनिक इकाई में स्टोरेज टैंक से ‘मिथाइल डाइक्लोराइड’ गैस का रिसाव हो गया, जिसकी चपेट में आकर आठ कर्मचारी प्रभावित हो गए। सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि छह का उपचार जारी है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना शाम करीब चार बजे के बाद हुई। संबंधित कंपनी तीरुपति लाइफ साइंसेज के प्लांट में अचानक गैस लीक होने से काम कर रहे कर्मचारियों को चक्कर, घबराहट और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई। फैक्ट्री प्रबंधन ने तुरंत आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू करते हुए प्रभावित कर्मचारियों को बाहर निकाला और अस्पताल भिजवाया।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार अधिकांश कर्मचारियों की हालत स्थिर बताई जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि गैस के प्रभाव से आंखों में जलन, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। एहतियात के तौर पर सभी प्रभावितों को निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है।

क्या है ‘मिथाइल डाइक्लोराइड’ गैस?

मिथाइल डाइक्लोराइड एक रंगहीन और अत्यधिक वाष्पशील रासायनिक पदार्थ है, जिसका उपयोग औद्योगिक प्रक्रियाओं में सॉल्वेंट के रूप में किया जाता है। इसकी अधिक मात्रा में सांस के जरिए शरीर में जाने पर तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बंद स्थान में गैस का रिसाव गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है, इसलिए उद्योगों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन आवश्यक है।

पाँवटा साहिब में विजिलेंस की दबिश, अधिकारी के घर पहुंची टीम से मचा हड़कंप

पांवटा साहिब में उस समय हड़कंप मच गया जब एक अधिकारी के आवास पर विजिलेंस टीम ने अचानक दबिश दी। टीम के पहुंचते ही आसपास के क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया और लोग घटना को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाने लगे। हालांकि समाचार लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विजिलेंस टीम किस मामले की जांच के तहत अधिकारी के घर पहुंची थी। न ही यह पुष्टि हो सकी है कि टीम को घर से कोई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं या नहीं। सूत्रों के अनुसार, टीम ने कुछ समय तक घर के अंदर जांच-पड़ताल की। आधिकारिक स्तर पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है। मामले को लेकर अधिकारी के घर के आसपास भी हलचल देखी जा रही है। विजिलेंस विभाग की ओर से औपचारिक जानकारी मिलने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

आख़िरकार किसका था वो नोटो से भरा बैग, घायलो को छोड़ जिसके पीछे पड़ गए थे लोग, सामने आया मालिक का नाम

डेस्क, 4 फरवरी (न्यूज़डे नेटवर्क) : उत्तराखंड के कवाणु क्षेत्र में हुए एच.आर.टी.सी. बस हादसे के बाद दुर्घटनास्थल से बरामद लाखों रुपए की नकदी से भरा बैग घायल यात्री का था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बस से मिला बैग 36 वर्षीय अब्दुल कयूम का था, जो शिमला जिला के नेरवा क्षेत्र में क्रॉकरी की दुकान चलाते हैं और फिलहाल हादसे के बाद विकासनगर के सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। अब्दुल कयूम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले हैं। हादसे के दौरान बस से एक काले रंग का कपड़े का बैग बरामद हुआ, जिसमें 3 लाख 20 हजार रुपए नकद, अब्दुल कयूम का पैन कार्ड और फोटो पहचान पत्र मिला। नोटों की पूरी गिनती और दस्तावेजों के आधार पर पहचान की पुष्टि की गई। इसके बाद एस.डी.एम. चकराता की मौजूदगी में नायब तहसीलदार राजेन्द्र लाल ने यह बैग घायल यात्री के परिजनों को सौंप दिया। पूरी प्रक्रिया की फोटो भी रिकॉर्ड के तौर पर ली गई। हालांकि जांच पूरी होने के बाद यह साफ हो गया कि यह बैग किसका था, लेकिन इससे पहले घटनास्थल पर स्थिति कुछ और ही थी। हादसे के तुरंत बाद जब दुर्घटनाग्रस्त बस के पास नकदी से भरा बैग पड़ा मिला, तो अफरा-तफरी के माहौल में कुछ लोगों के बीच उसे लेकर दावा और खींचतान शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोग बैग को अपना या अपने परिचित का बताने लगे, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। इसी दौरान कुछ स्थानीय जागरूक नागरिकों ने हस्तक्षेप कर विवाद को बढ़ने से रोका और पैसों से भरा बैग पुलिस को सौंपने पर जोर दिया। उनकी पहल पर पुलिस ने बैग को अपने कब्जे में लिया और उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी। उत्तराखंड की कालसी पुलिस ने बस की तलाशी के दौरान मिले नोटों की डिटेल रिपोर्ट तैयार की और बैग के संबंध में पूरी जांच शुरू की। घायल यात्री से फोन पर संपर्क किया गया और परिजनों से आई.डी. के आधार पर शिनाख्त करवाई गई। सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही बैग उसके वास्तविक मालिक के परिजनों को सौंपा गया। कुल मिलाकर हादसे के बाद जहां पैसों को लेकर हुई खींचतान ने इंसानियत पर सवाल खड़े किए, वहीं बाद में पुलिस, प्रशासन और स्थानीय नागरिकों की समझदारी से मामला पूरी तरह साफ हुआ। उधर कालसी पुलिस के थाना प्रभारी दीपक धारीवाल के अनुसार घायल यात्री अब्दुल का बैग में 100 रुपए के 7 नोट, 200 रुपए के 9 नोट, 500 रुपए के 635 नोट थे। जांच के बाद यह बैग इसके असल मालिक की बेटी को सौंप दिया गया।

पांवटा साहिब अस्पताल से रेफर गर्भवती को नहीं मिली 108 एंबुलेंस, परिजनों ने निजी वाहन से पहुंचाया नाहन

पांवटा साहिब, (न्यूज़डे नेटवर्क): पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस सेवा की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब 9 बजे शिलाई विधानसभा क्षेत्र के कमराऊ निवासी एक महिला को प्रसव पीड़ा के चलते पांवटा साहिब अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने महिला के प्रसव को गंभीर बताते हुए उसे मेडिकल कॉलेज नाहन के लिए तुरंत रेफर कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद 108 एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल की गई, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बावजूद कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाई गई। जबकि इस दौरान अस्पताल परिसर के बाहर दो एंबुलेंस खड़ी थीं।

परंतु फिर भी 108 एंबुलेंस सेवा केंद्र से उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई जबकि वहाँ खड़ी एंबुलेंस के कर्मचारियों ने यह कहकर मना कर दिया कि “ऊपर से कॉल आने के बाद ही वे जा सकते हैं।” स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजन आनन-फानन में महिला को निजी वाहन से नाहन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। गनीमत रही कि समय रहते महिला को उपचार मिल गया। इस घटना ने 108 एंबुलेंस जैसी महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि यदि आपात स्थिति में भी एंबुलेंस सेवा समय पर उपलब्ध न हो, तो ऐसी सरकारी सुविधा का आम जनता को क्या लाभ मिल पा रहा है। परिजनों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी दर्ज करवाई है!

शिलाई को स्पोर्ट्स हॉस्टल की सौग़ात, कांग्रेस और भाजपा में श्रेय लेने की होड़

पाँवटा साहिब, 1 फ़रवरी (न्यूज़डे नेटवर्क): शिलाई विधानसभा क्षेत्र को स्पोर्ट्स हॉस्टल की अधिसूचना जारी होते ही कांग्रेस और भाजपा के बीच श्रेय लेने की राजनीति तेज हो गई है। दोनों ही दल इस उपलब्धि को अपने-अपने प्रयासों का परिणाम बता रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिलाई को स्पोर्ट्स हॉस्टल मिलना राज्य सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति का हिस्सा है। कांग्रेस के अनुसार उद्योग मंत्री एवं स्थानीय विधायक हर्षवर्धन चौहान के निरंतर प्रयासों से यह योजना साकार हुई है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

वहीं भाजपा ने कांग्रेस के दावों को खारिज करते हुए इसे पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की देन बताया है। शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से कहा कि शिलाई विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (GSSS) शिलाई में स्पोर्ट्स हॉस्टल प्रारंभ किए जाने की अधिसूचना क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि इस स्पोर्ट्स हॉस्टल का प्रस्ताव वर्ष 2021 में तत्कालीन भाजपा सरकार के कार्यकाल में तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्तमान में जारी की गई अधिसूचना उसी स्वीकृत प्रस्ताव की प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। भाजपा नेता ने कहा कि यह स्पोर्ट्स हॉस्टल क्षेत्र के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण, अनुशासन और प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच प्रदान करेगा। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।

इधर, शिलाई कांग्रेस के नेताओं ने बलदेव तोमर के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस परियोजना को पूर्व विधायक केंद्र सरकार से स्वीकृत बता रहे हैं, वह वास्तव में हिमाचल प्रदेश सरकार की योजना है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि भाजपा वास्तव में इस परियोजना को लेकर गंभीर थी तो अपने कार्यकाल में इसे धरातल पर उतारती। अब केवल श्रेय लेने के उद्देश्य से बयानबाजी की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इस छात्रावास और खेल मैदान की मांग विधायक हर्षवर्धन चौहान द्वारा रखी गई थी, जिस पर राज्य सरकार ने स्वीकृति प्रदान की है। विभाग की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें हॉस्टल खोले जाने के लिए स्थान और भवन उपलब्ध करवाकर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिलाई के पशमी गाँव में किए छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन

पाँवटा साहिब, 1 फ़रवरी (न्यूज़डे नेटवर्क): लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज अपनी पत्नी के साथ शिलाई विधानसभा क्षेत्र के पशमी गाँव में विराजमान छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन किए। उनके आगमन पर मंदिर समिति और स्थानीय लोगों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। दर्शन के उपरांत मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि महासू महाराज में उनकी गहरी आस्था है और जनकल्याण व प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए उन्होंने आशीर्वाद लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दौरा धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है, लेकिन आने वाले समय में वे स्थानीय विधायक एवं प्रदेश सरकार में मंत्री हर्षवर्धन चौहान के साथ शिलाई क्षेत्र का विस्तृत दौरा करेंगे, जिसमें विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा। इस अवसर पर मंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद किया और सड़क, शिक्षा, खेल तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। विक्रमादित्य ने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह का इस क्षेत्र के साथ जुड़ाव रहा है और वह भी हमेंशा शिलाई के लोगो के साथ खड़े हैं तथा प्रदेश सरकार दूरदराज़ और पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और शिलाई क्षेत्र की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
स्थानीय लोगों ने मंत्री के समक्ष अपनी अपेक्षाएं रखते हुए ग्रामीण क्षेत्र में सड़क नेटवर्क और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की मांग की।

उप मंडल पांवटा साहिब में पुलिस की सख्त कार्रवाई, नशा व अवैध गतिविधियों पर कसा शिकंजा

पांवटा साहिब (न्यूज़डे नेटवर्क ): जिला सिरमौर में पुलिस ने नशा, अवैध शराब और जुए के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूती मिली है। पुलिस थाना पांवटा साहिब की टीम ने बातामंडी क्षेत्र में एक व्यक्ति को भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान फिरोज आलम निवासी गांव करोंदी, डाकघर मुसैल, तहसील बेहट, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 1396 नशीले कैप्सूल बरामद किए। इस संबंध में दिनांक 29 जनवरी 2026 को पुलिस थाना पांवटा साहिब में धारा 22-61-85 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है तथा आरोपी का माननीय अदालत से पुलिस हिरासत रिमांड प्राप्त किया जा रहा है।

वहीं पुलिस थाना माजरा की टीम ने गश्त के दौरान अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10 लीटर नाजायज शराब बरामद की। आरोपी की पहचान दलीप सिंह निवासी गांव रामपुर माजरी, डाकघर धौलाकुआ, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना माजरा में मुकदमा दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।

इसके अतिरिक्त पुलिस चौकी सिंघपुरा की टीम ने जुए के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दड़ा-सट्टा लगाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी राजू निवासी गांव किलौड, डाकघर बढाणा, तहसील पांवटा साहिब के कब्जे से 1060 रुपये नकद और सट्टा पर्ची बरामद की गई। इस संबंध में दिनांक 29 जनवरी 2026 को पुलिस थाना पुरूवाला में धारा 13A-3-67 पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा, अवैध शराब और जुए के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।

रोनहाट के पास दर्दनाक सड़क हादसा, एक की मौत, तीन घायल

25 जनवरी (न्यूज़डे नेटवर्क): सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में रोनहाट के समीप तालों खड्ड के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार कार में चार लोग सवार थे। वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा, जिससे यह दुर्घटना हुई। हादसे में कुलदीप सिंह (18) पुत्र जीत सिंह निवासी गांव शरोग, डा. कांडो भटनोल, तहसील शिलाई की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं संतराम पुत्र तुलसी राम, निवासी गांव झकांडों, तहसील शिलाई को हल्की चोटें आईं हैं और रघुबीर सिंह (21) पुत्र संतराम, निवासी गांव झकांडों, तहसील शिलाई व प्रकाश सिंह (17) पुत्र सायबू राम निवासी गांव मुंडियाड, तहसील शिलाई गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत शिलाई अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सैंटर रैफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

शिलाई: पश्मी में छत्रधारी श्री चालदा महासू महाराज के श्रीचरणों में हुआ “देश दिनेश मीडिया” के वार्षिक कैलेंडर-2026 का अनावरण

शिलाई, 24 जनवरी (न्यूज़डे नेटवर्क): उपमंडल के पश्मी में स्थित छत्रधारी श्री चालदा महासू महाराज के पावन श्रीचरणों में “देश दिनेश मीडिया” के वार्षिक कैलेंडर-2026 का विधिवत अनावरण किया गया। कैलेंडर का विमोचन मंदिर प्रांगण में महाराज के पुजारी हरिचंद जी के कर-कमलों द्वारा किया गया।इस अवसर पर पुजारी हरिचंद जी ने “देश दिनेश मीडिया” द्वारा प्रकाशित पंचम वार्षिक कैलेंडर की सराहना करते हुए संस्थान को शुभकामनाएँ दीं तथा अपने आशीर्वाद से नवाज़ा। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करता है और ऐसे प्रयास निरंतर होते रहने चाहिए।

“देश दिनेश मीडिया” के संस्थापक संपादक दिनेश पुंडीर ने कैलेंडर प्रकाशन एवं अनावरण कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी गणमान्य व्यक्तियों, मंदिर समिति तथा सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि संस्था के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पंचम संस्करण का यह कैलेंडर विशेष रूप से पश्मी स्थित छत्रधारी श्री चालदा महासू महाराज के नवनिर्मित मंदिर की छायाचित्र के साथ प्रकाशित किया गया है, जो सभी के लिए निःशुल्क उपलब्ध रहेगा।

कैलेंडर अनावरण समारोह में एसडीएम शिलाई जसपाल कपूर, महाराज मंदिर पश्मी के बजीर दिनेश चौहान, महासू महाराज मंदिर समिति पश्मी के अध्यक्ष प्रकाश चौहान, समिति सदस्य बंशी चौहान, श्री सत्यानंद गोधाम के संचालक सचिन ओबरॉय, वरिष्ठ पत्रकार जगत सिंह तोमर, बारू राम चौहान तथा शिलाई-कफोटा क्षेत्र से देश दिनेश मीडिया के पत्रकार राहुल पुंडीर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

गिरीपार के शिलाई विधानसभा क्षेत्र में वर्षों बाद बर्फ़बारी, किसानों-बागवानों में खुशी, पर्यटन को मिला बढ़ावा

डेस्क, 23 जनवरी (कपिल शर्मा) : गिरीपार क्षेत्र के शिलाई विधानसभा क्षेत्र में काफ़ी वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हुई बर्फ़बारी से पूरे इलाके में उत्साह और खुशी का माहौल है। अचानक बदले मौसम ने जहां पहाड़ी क्षेत्रों को बर्फ़ की सफ़ेद चादर से ढक दिया, वहीं किसानों, बागवानों और स्थानीय लोगों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। इस प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने के लिए पाँवटा साहिब वह विकासनगर से पर्यटकों का भी एकाएक क्षेत्र में आगमन बढ़ गया है।

शिलाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शिलाई, कफोटा, तिलोरधार, टटियाना, नैनीधार सहित ऊँचाई वाले इलाक़ों में काफ़ी वर्षों बाद इस तरह की व्यापक बर्फ़बारी देखने को मिली है। सुबह से शुरू हुई बर्फ़बारी शाम तक जारी रही, जिससे पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया। ऊँचाई वाले गांवों में बर्फ़ की मोटी परत जमने से दृश्य अत्यंत मनोहारी हो गया है।

किसानों और बागवानों का कहना है कि यह बर्फ़बारी रबी फसलों और बाग़वानी के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। बर्फ़ के पिघलने से भूमि में नमी बनी रहेगी, जिससे गेहूं, जौ, मटर सहित अन्य फसलों को लाभ मिलेगा। वहीं सेब, आड़ू, खुबानी और अन्य फलों के लिए भी यह बर्फ़बारी संजीवनी के समान मानी जा रही है।

बर्फ़बारी के बाद क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही में अचानक वृद्धि हुई है। शिलाई, तिलोरधार और नैनीधार जैसे इलाक़ों में पर्यटक बर्फ़बारी का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय होटल व्यवसायियों, ढाबा संचालकों और छोटे व्यापारियों को भी इससे आर्थिक लाभ की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के पर्यटन व्यवसाय को नई गति मिलने की संभावना है। हालांकि, बर्फ़बारी के चलते कुछ ऊँचाई वाले इलाक़ों में यातायात प्रभावित हुआ है। एनएच 707 वह कई ग्रामीण सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है! कुल मिलाकर, वर्षों बाद हुई इस बर्फ़बारी ने शिलाई विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ कृषि, बाग़वानी और पर्यटन के लिए सकारात्मक संदेश दिया है। स्थानीय लोग इसे आने वाले समय के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं।

टोंरु गांव बना सामाजिक सुधार की मिसाल, कुरीतियों पर लगाई सख्त रोक

पाँवटा साहिब, 13 जनवरी (न्यूज़डे नेटवर्क): पाँवटा साहिब के आंजभोज क्षेत्र का टोंरु गांव सामाजिक सुधारों की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है। गांव के बुजुर्गों, युवाओं और मातृशक्ति ने एकजुट होकर गांवहित में कई ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लिए हैं, जिनका लिखित प्रारूप भी तैयार किया गया है। इन फैसलों का उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना, अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाना तथा गांव में समानता, सादगी और भाईचारे को बढ़ावा देना है।ग्राम सभा में लिए गए निर्णयों के अनुसार अब शादी के बाद गांव में आयोजित होने वाली ‘पलटोज पार्टी’ को सीमित किया जाएगा, जिसमें केवल अपने बेड़े और गांव के प्रमुख लोगों को ही आमंत्रित किया जाएगा। वहीं ‘दस उठन’ की परंपरा अब केवल बड़े पुत्र के जन्म पर ही आयोजित होगी। इसके बाद जन्म लेने वाले पुत्र या पुत्री के अवसर पर केवल चार-पांच निकटतम परिवारों को ही आमंत्रण दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, गांव में शादी-विवाह के दौरान शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है तथा शराब की बिक्री पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। महिलाओं को दिए जाने वाले घी, शक्कर, चीनी, सिक्के, कपड़े, बर्तन अथवा किसी भी प्रकार के उपहार देने की प्रथा को समाप्त कर दिया गया है। साथ ही महिलाओं और पुरुषों को दिए जाने वाले दिन के ‘टोलूआ’ में बकरा देने की परंपरा भी अब नहीं रहेगी।

विवाह समारोह में डीजे कार्यक्रम केवल एक दिन, वह भी विवाह के मुख्य दिन सीमित और नियंत्रित रूप में आयोजित किया जाएगा। शोक एवं बरसी से जुड़े कार्यक्रम भी अब केवल अपने बेड़े तक सीमित रहेंगे। 13 दिन का शोक रखने वाले परिवार के अतिरिक्त बेड़े से केवल दो-तीन लोगों को ही आमंत्रित किया जाएगा। पंचायत प्रधान कमला देवी, सूरत सिंह, mitrगांव के बुद्धिजीवी वर्ग द्वारा लिए गए ये निर्णय न केवल आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे, बल्कि आंजभोज क्षेत्र के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगे। यह पहल समाज कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

नगर परिषद पांवटा साहिब में सियासी तकरार, एसडीएम के पास पहुचा मामला! विकास कार्यों पर असर

पांवटा साहिब, 13 जनवरी (न्यूज़डे नेटवर्क): नगर परिषद पांवटा साहिब की अध्यक्षा निर्मल कौर सहित आधा दर्जन से अधिक पार्षदों ने नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी (ईओ) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने ईओ पर बिना सूचना दिए छुट्टी पर चले जाने और नगर परिषद के कार्यों को बाधित करने के आरोप लगाते हुए एसडीएम पांवटा साहिब को ज्ञापन सौंपा है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर परिषद अध्यक्षा निर्मल कौर ने कहा कि ईओ बिना बताए छुट्टी पर चली जाती हैं, जिससे विकास कार्यों के साथ-साथ नगर परिषद की मासिक बैठकों पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकारी अधिकारी के पदभार संभालने के बाद से नियमानुसार आयोजित होने वाली मंथली मीटिंग्स नहीं हो पा रही हैं, जिससे पांवटा साहिब के विकास कार्य ठप हो गए हैं। उन्होंने कहा कि ईओ का कार्य-व्यवहार नियमों के विरुद्ध है। इस मौके पर उपाध्यक्ष ओपी कटारिया, पार्षद दीपक मल्हंस, दीपा शर्मा, मीनू गुप्ता, ममता सैनी, राजेंद्र सिंह, मधुकर डोगरी सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे। सभी ने एसडीएम गुंजीत चीमा को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने तथा नगर परिषद की बैठकों के आयोजन के लिए समाधान निकालने की मांग की।

वहीं, नगर परिषद पांवटा साहिब की ईओ मनचल बाला ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सरकारी नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए ही अवकाश पर गई थीं और छुट्टी के लिए पार्षदों से अनुमति लेने का कोई प्रावधान नहीं है। पार्षदों द्वारा कार्य न होने के आरोपों पर ईओ ने कहा कि नगर परिषद पर लगभग 5 करोड़ रुपये की देनदारी है, जो पूर्व में विभिन्न वार्डों में कराए गए कार्यों की है, जबकि भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद का मासिक नियमित खर्च करीब 80 लाख रुपये है, जबकि परिषद के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं है। ऐसे में नए कार्य करवाना संभव नहीं है। ईओ ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पार्षदों द्वारा लगभग 80 लाख रुपये के कार्य बिना टेंडर प्रक्रिया के करवाए गए हैं और वे आगे भी इसी तरह नियमों को दरकिनार कर काम करवाना चाहते हैं, जिसे वह स्वीकार नहीं कर सकतीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विकास कार्य नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होंगे।

उधर, वार्ड नंबर-8 के पार्षद रोहताश नागिया ने कहा कि जिन लोगों का “हुक्का-पानी बंद” हो गया है, वही अधिक परेशानी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईओ गलत तरीके से काम नहीं होने दे रही हैं, इसी कारण कुछ पार्षद विरोध कर रहे हैं। रोहताश नागिया ने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। फिलहाल, मामला प्रशासन के संज्ञान में है और एसडीएम स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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