Sunday, September 27, 2026
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केंद्र से मिली 30 करोड़ रुपये की मदद लौटाने का निर्णय, 1 रुपए में नहीं देंगे उद्योगपतियों को जमीन !

हिमाचल प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने जिला सोलन के नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क अपने संसाधनों से बनाने का निर्णय किया है। राज्य सरकार ने 265 एकड़ भूमि पर 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार से मिले 30 करोड़ रुपये लौटाने निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार यदि इस राशि को वापस नहीं करती तो राज्य को कई आर्थिक नुकसान होंगेे। राज्य सरकार को उद्योगपतियों को भूमि एक रुपए प्रति वर्ग मीटर, बिजली 3 रुपये प्रति यूनिट के अलावा दस वर्षों तक पानी, रखरखाव और गोदाम की सुविधा बिना किसी शुल्क के प्रदान करनी पडे़गी।

मेडिकल डिवाइस पार्क में बनने वाले अधिकांश उपकरण राज्य से बाहर बेचे जाएंगे, लेकिन इससे भी राज्य के खजाने को एनएसजीएसटी के कारण प्रत्यक्ष नुकसान होता। इसलिए राज्य सरकार ने इन शर्तों से मुक्त होने का निर्णय लिया, जिससे जमीन और अन्य संसाधनों की बिक्री से ही राज्य को आने वाले 5-7 वर्षों में 500 करोड़ रुपये का फायदा होने की उम्मीद है। अब राज्य सरकार मेडिकल डिवाइस पार्क में आने वाले उद्योगों को अपनी उद्योग नीति के अनुसार प्रोत्साहन प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के संसाधनों को किसी भी कीमत पर लूटने नहीं देगी। इन संसाधनों पर हिमाचल प्रदेश के लोगों का हक है और प्रदेशवासियों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार हर कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न मोर्चों पर हक की लड़ाई लड़ी जा रही है और इसी दिशा में कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने मेडिकल डिवाइस पार्क भी स्वयं बनाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार की राशि नहीं लौटाते हैं तो उद्योगपतियों को अनिवार्य प्रोत्साहन प्रदान करने पड़ेंगे, जिससे राज्य के खजाने पर बहुत अधिक बोझ पड़ेगा और सरकार को राजस्व को घाटा होगा। इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने अब तक 74.95 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं और प्राथमिकता पर मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण किया जा रहा है। श्री सुक्खू ने कहा कि इससे पहले राज्य सरकार ने जिला ऊना के हरोली में बन रहे बल्क ड्रग पार्क में किसी भी प्राइवेट एजेंसी की मदद नहीं लेने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार बल्क ड्रग पार्क के निर्माण के लिए एक हजार करोड़ रुपये अपने संसाधनों से प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण के लिए राज्य सरकार क्लस्टर विकास योजना के तहत सिडबी से ऋण लेगी। अब परियोजना में फेरबदल करते हुए 25 प्रतिशत भूमि विशेष रूप से चिकित्सा उपकरण उद्योगों के लिए और 75 प्रतिशत अन्य रणनीतिक उद्योगों के लिए आवंटित की जाएगी, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि इस औद्योगिक पार्क को हिमाचल प्रदेश में अत्याधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जो आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास और बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ-साथ राज्य सरकार के लिए आय का नियमित स्रोत बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा दे रही है और उद्योगपतियों को उनके कारोबार में हर संभव सहायता दी जा रही है। आने वाले समय में भी राज्य सरकार उद्योगपतियों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास जारी रखेगी।

सरकार का महत्वपूर्ण विभाग एचआरटीसी दब रहा है कर्मचारियों के वेतन भत्ते व पैंशनभोगियों के बोझ तले, विभाग की ऐसी हालत के लिए कौन ज़िम्मेवार

कपिल शर्मा (पाँवटा साहिब) :- हिमाचल प्रदेश रोड ट्रांस्पॉट कॉरपोरेशन हमेशा से ही आम लोगो को सुविधाएँ प्रदान करने में सरकार का एक प्रमुख स्तंभ रहा है! महिलाओं को बस किराये में 50% की छूट हो चाहे साठ साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए किराये में 30 प्रतिशत की छूट हों! सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को एचआरटीसी के माध्यम से लोगो तक पहुँचाया जा रहा है ! सामाजिक दायित्व का निर्वहन करने के लिए एचआरटीसी उन घाटे वाले रूटों पर भी बसें चला रहा है, जहां बसें चलाने से निजी बस ऑपरेटर इंकार कर देते हैं। चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में निगम की आय करीब 15 करोड़ बढ़ी थी परन्तु फिर भी आज के दौर में यह विभाग अपने कर्मचारियों के वेतन व भत्ते तथा पेंशनभोगियों पर होने वाले व्यय आदि को निकालने में कड़ीं मशक़्क़त कर रहा है! हर महीने एचआरटीसी को अपने कर्मचारियों को वेतन देने और पेंशन देने के लिए सरकार की तरफ देखना पड़ता है। सरकार से पैसा आएगा तभी वेतन व पेंशन की अदायगी हो सकेगी, क्योंकि एचआरटीसी की खुद की माली हालत ठीक नहीं है। घाटे से बाहर निकालने के लिए सरकार व अधिकारियो में मंथन होता रहता है! सरकार अधिकारियो से महत्वपूर्ण सुझाव लेती रहती है की किस तरहा निगम की आय में वृद्धि की जा सके! इन सब के बावजूद भी सरकार वह अधिकारी एचआरटीसी को चपत लगाने वाले लोगो पर कार्रवाई करने से कतरा रही है!

एचआरटीसी दुकानों पर बिना किराया दिये अवेध कब्ज़ा

अभी भी एचआरटीसी की दुकानों पर सालो से कब्ज़ा जमाये लोगों पर निगम का लाखों का किराया पेंडिंग है परन्तु अधिकारी इसमें कोई दिलस्पी नहीं दिखा रहे है! न्यूज़डे नेटवर्क द्वारा पिछलें काफ़ी समय से पाँवटा साहिब का मामला जिसमे एक दुकान दार ने पिछले 15 साल से एचआरटीसी को किराये का भुगतान (लगभग 18 लाख) नहीं किया है लगातार उठाया जा रहा है! एचआरटीसी के एमडी तथा आरएम से समक्ष लगातार इस विषय को उठाया जा रहा है परन्तु अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है!

बस्टैंड पर पूरा दिन खड़े रहते है वाहन

दूसरा बस्टैंड के अंदर प्राइवेट बसें मात्र 70/- की एंट्री पर्ची लेकर पूरा दिन बसें खड़ी करते है जिससे बस्टैंड पर जाम लगा रहता है जबकि देहरादून, चंडीगढ़ आईएसबीटी पर घंटों के हिसाब से पे करना पड़ता है जिससे उनकी इनकम ज़्यादा होती है और बिना मतलब के वाहन बस्टैंड पर खड़े नहीं होते है तो जाम भी कम लगता है!

कमाऊ रूटो पर एचआरटीसी की सीमित बस सेवा

एचआरटीसी येसे रूटो पर बस सेवा चलाने में कर्मचारियों की कमी का रोना रो कर असमर्थता जताती है जो की कमाऊ साबित हो सकता पाँवटा साहिब से अयोध्या, वृंदाबन, खाटू श्याम तथा लोकल रूट देहरादून के लिये एचआरटीसी की कोई स्पेशल बस सेवा नहीं है!

HRTC में दो साल का अनुबंध पूरा करने वाले 1109 कर्मचारी रेगुलर, आदेश जारी

शिमला: एचआरटीसी में अपना 2 साल का अनुबंध पूरा करने वाले कर्मचारियों के लिए सरकार ने ख़ुशख़बरी दी है! सरकार ऐसे 1109 कर्मचारियों को रेगुलर करने जा रही है जिन्होंने आपका 2 साल का अनुबंध पूरा कर लिया है !

प्रदेश सरकार अध्यापकों एवं प्रिंसिपल को समानित करने के उदेश्य से शुरू कर रही है नवीन योजना, दो विभिन्न श्रेणियों के तहत 24 अध्यापक होंगे समानित..

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कहा कि शिक्षकों द्वारा प्रदान की गई बहुमूल्य सेवाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार अध्यापकों एवं हेड ऑफ स्कूल के लिए नवीन योजना ‘हिमाचल प्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा पुरस्कार’ शुरू कर रही है। उन्होंने कहा कि योजना के अन्तर्गत दो विभिन्न श्रेणियों के तहत सामान्य श्रेणी और जनजातीय एवं दुर्गम क्षेत्रों के 24 अध्यापकों को सम्मानित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य चयन प्रक्रिया में विषय आधार के बजाय शिक्षा के क्षेत्र में सीखने के परिणामों, रचनात्मकता और नवोन्मेषी योगदान को बढ़ावा देने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करना है। इस योजना का उद्देश्य अध्यापन क्षेत्र मंे युवाओं की रूचि को बढ़ाना, गुणात्मक शिक्षा को प्रेरित करना और समाज में शिक्षकों को सर्वोच्च स्थान दिलाना है। इससे विद्यालयों में शिक्षा की सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 24 राज्य पुरस्कारों के अतिरिक्त प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिए छः विशेष पुरस्कार भी प्रदान करेगी। विशेष पुरस्कारों के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाईट), राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीइआरटी), सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) और राष्ट्रीय सामुदायिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) मे कार्यरत्त अध्यापक भी पात्र होंगे। राज्य पुरस्कार योजना के अन्तर्गत गठित राज्य स्तरीय समिति के अनुमोदन पर विशेष पुरस्कारों के अध्यापकों को चुना जाएगा। योजना के अन्तर्गत पुरस्कृत अध्यापकों को मोमेंटो, मेडल, हिमाचली टोपी, शॉल, प्रशस्ति पत्र और प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान वर्ष के 31 मार्च तक कार्यरत्त अध्यापक इस योजना के अन्तर्गत पात्र होंगे। अध्यापक 16 जुलाई से 30 जुलाई तक विभाग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम अनुसार ऑफ लाईन माध्यम से नियंत्रकों द्वारा उप-निदेशकों को आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के उपरांत जिला स्तरीय समिति द्वारा आवेदन की जांच की जाएगी। विभाग द्वारा गठित विशेष मूल्यांकन टीम के माध्यम से पूर्ण प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करना अनिवार्य होगा। जिला स्तरीय समिति प्राप्त आवेदनों में से दो आवेदनों को राज्य स्तरीय समिति को भेजा जाएगा। राज्य स्तरीय समिति के समक्ष प्रत्येक आवेदक को एक प्रस्तुति देनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को घर-द्वार के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के शिक्षकों को ज्ञानवर्धन के लिए अन्य देशों में शैक्षणिक यात्राएं करवाई जा रही हैं ताकि शिक्षक प्रदेश में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सके।

ज़िला सिरमौर के नाहन में नशें की बड़ी खेप बरामद, नशें के व्यापार में एक ही परिवार की तीन पीढ़िया थी लिप्त

15 जुलाई 2024 को नाहन डिटेक्शन सेल द्वारा किए गए एक ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम को आरोपियों के कब्जे से महत्वपूर्ण मात्रा में प्रतिबंधित सामान और नकदी बरामद हुई है! यह कार्रवाई आरोपी के आवासीय घर रेड क्रॉस रोड, पेट्रोल पंप के पास, बाल्मीकि बस्ती नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश में की गई। सिरमौर पुलिस ने एक ही परिवार की तीन पीढ़ियो जिसमे आरोपी सागर (44), उसके पिता(71) व पुत्र (21) को गिरफ़्तार कर लिया है !

(1) प्रेम चंद पुत्र लेफ्टिनेंट श्री बच्चन राम, निवासी मकान संख्या 372/11, रेड क्रॉस रोड पेट्रोल पंप के पास, बाल्मीकि बस्ती नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश, उम्र 71 वर्ष, (2) सागर पुत्र श्री प्रेम चंद, निवासी मकान संख्या 372/11, रेड क्रॉस रोड पेट्रोल पंप के पास, बाल्मीकि बस्ती नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश, उम्र 44 वर्ष, और
(3) संग्राम उर्फ ​​अंशुल पुत्र श्री। सागर, निवासी मकान संख्या 372/11, रेड क्रॉस रोड, पेट्रोल पंप के पास, बाल्मीकि बस्ती नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश, उम्र 21 वर्ष। पुलिस ने आरोपियों से 336 स्पासमैक्स ट्रामाडोल कैप्सूल, 159.80 ग्राम चरस, 38.10 ग्राम अफीम, 23.34 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), व 24 लाख 40 हज़ार रुपये केश बरामद किया हैं!

सिरमौर पुलिस के एसएसपी रमन कुमार मीणा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि आरोपीयो के ख़िलाफ़ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडी एंड पीएस) अधिनियम की धारा 18, 20, 21, 22, 29 -61-85 के तहत पीएस सदर नाहन में एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर दी है और मामले में आगे की जांच अभी जारी है।

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