पांवटा साहिब, 19 जून (कपिल शर्मा): सिरमौर जिले से शिक्षा और सामाजिक सौहार्द की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। पांवटा साहिब क्षेत्र के गांव रामपुर बंजारन (डाकघर धौलाकुआं) की निवासी व गोरक्षनाथ राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, नाहन की छात्रा नाज़िया ने शास्त्री (संस्कृत) अंतिम वर्ष की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे कॉलेज में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि की जिलेभर में सराहना हो रही है और लोग इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं। नाज़िया ने यह साबित कर दिया है कि सफलता किसी धर्म, भाषा या सामाजिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। संस्कृत जैसे प्राचीन और समृद्ध विषय में उनकी गहरी रुचि, लगन और निरंतर मेहनत ने उन्हें यह मुकाम दिलाया है। नाज़िया ने शास्त्री अंतिम वर्ष की परीक्षा में कुल 1000 अंकों में से 785 अंक प्राप्त कर कॉलेज में पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस सफलता से न केवल उनके परिवार में खुशी का माहौल है बल्कि पूरे क्षेत्र में गर्व की भावना है। कॉलेज के शिक्षकों के अनुसार नाज़िया शुरू से ही एक मेधावी और अनुशासित छात्रा रही हैं। वह नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लेती थीं और प्रत्येक विषय को गहराई से समझने का प्रयास करती थीं! नाज़िया के पिता सलीम मोहम्मद एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता संजीदा गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उनकी शिक्षा को प्राथमिकता दी और हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया। नाज़िया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया है। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने संस्कृत विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह संदेश दिया है कि ज्ञान और शिक्षा की कोई सीमा नहीं होती। किसी भी विषय में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल मेहनत, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि नाज़िया की सफलता सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी एक सुंदर उदाहरण है। उनकी उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश देगी।


