पांवटा साहिब, 19 मई (कपिल शर्मा) : नगर परिषद पांवटा साहिब का इस बार का चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक बन गया है। यदि इस नई परिषद को “महिलाओं की परिषद” कहा जाए तो यह बिल्कुल गलत नहीं होगा, क्योंकि 13 वार्डों में से 8 वार्डों में महिला प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। खास बात यह भी है कि इस बार नगर परिषद चेयरमैन का पद भी महिला के लिए आरक्षित है, जिससे अब परिषद की कमान भी महिला नेतृत्व के हाथों में जाने तय मानी जा रही है। चुनावी नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि शहर की जनता ने महिला नेतृत्व पर भरोसा जताया है। भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय खेमे से कई महिला उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज कर राजनीति में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। वार्ड नंबर 1 से निर्मल कौर, वार्ड 2 से आशा देवी, वार्ड 3 से राजरानी, वार्ड 4 से कविता शर्मा, वार्ड 5 से सर्वशक्ति भटनागर, वार्ड 6 से इंद्रप्रीत कौर, वार्ड 11 से रीना कुमारी और वार्ड 12 से ममता सैनी ने जीत हासिल कर महिला शक्ति का परचम लहराया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर परिषद में महिलाओं की यह बड़ी भागीदारी आने वाले समय में शहर की राजनीति और विकास कार्यों की दिशा बदल सकती है। महिला प्रतिनिधियों से लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं, खासकर स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अब अधिक संवेदनशील और सक्रिय कार्यशैली देखने की उम्मीद जताई जा रही है। इस चुनाव ने यह भी साबित किया है कि अब स्थानीय राजनीति में महिलाएं केवल औपचारिक भागीदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व की मुख्य धारा में मजबूती से अपनी जगह बना रही हैं। पांवटा साहिब नगर परिषद का यह नया स्वरूप महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।


