पांवटा साहिब, 13 जनवरी (न्यूज़डे नेटवर्क): नगर परिषद पांवटा साहिब की अध्यक्षा निर्मल कौर सहित आधा दर्जन से अधिक पार्षदों ने नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी (ईओ) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने ईओ पर बिना सूचना दिए छुट्टी पर चले जाने और नगर परिषद के कार्यों को बाधित करने के आरोप लगाते हुए एसडीएम पांवटा साहिब को ज्ञापन सौंपा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर परिषद अध्यक्षा निर्मल कौर ने कहा कि ईओ बिना बताए छुट्टी पर चली जाती हैं, जिससे विकास कार्यों के साथ-साथ नगर परिषद की मासिक बैठकों पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकारी अधिकारी के पदभार संभालने के बाद से नियमानुसार आयोजित होने वाली मंथली मीटिंग्स नहीं हो पा रही हैं, जिससे पांवटा साहिब के विकास कार्य ठप हो गए हैं। उन्होंने कहा कि ईओ का कार्य-व्यवहार नियमों के विरुद्ध है। इस मौके पर उपाध्यक्ष ओपी कटारिया, पार्षद दीपक मल्हंस, दीपा शर्मा, मीनू गुप्ता, ममता सैनी, राजेंद्र सिंह, मधुकर डोगरी सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे। सभी ने एसडीएम गुंजीत चीमा को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने तथा नगर परिषद की बैठकों के आयोजन के लिए समाधान निकालने की मांग की।
वहीं, नगर परिषद पांवटा साहिब की ईओ मनचल बाला ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सरकारी नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए ही अवकाश पर गई थीं और छुट्टी के लिए पार्षदों से अनुमति लेने का कोई प्रावधान नहीं है। पार्षदों द्वारा कार्य न होने के आरोपों पर ईओ ने कहा कि नगर परिषद पर लगभग 5 करोड़ रुपये की देनदारी है, जो पूर्व में विभिन्न वार्डों में कराए गए कार्यों की है, जबकि भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद का मासिक नियमित खर्च करीब 80 लाख रुपये है, जबकि परिषद के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं है। ऐसे में नए कार्य करवाना संभव नहीं है। ईओ ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पार्षदों द्वारा लगभग 80 लाख रुपये के कार्य बिना टेंडर प्रक्रिया के करवाए गए हैं और वे आगे भी इसी तरह नियमों को दरकिनार कर काम करवाना चाहते हैं, जिसे वह स्वीकार नहीं कर सकतीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विकास कार्य नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होंगे।
उधर, वार्ड नंबर-8 के पार्षद रोहताश नागिया ने कहा कि जिन लोगों का “हुक्का-पानी बंद” हो गया है, वही अधिक परेशानी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईओ गलत तरीके से काम नहीं होने दे रही हैं, इसी कारण कुछ पार्षद विरोध कर रहे हैं। रोहताश नागिया ने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। फिलहाल, मामला प्रशासन के संज्ञान में है और एसडीएम स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।


