पांवटा साहिब के तहसीलदार ऋषभ शर्मा पर अंतरराष्ट्रीय पहलवान द ग्रेट खली द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। इस मामले में वरिष्ठ नेता प्रदीप चौहान खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने ग्रेट खली के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया है।
प्रदीप चौहान ने कहा कि ग्रेट खली देशभर में पहचाना जाने वाला एक बड़ा नाम हैं और सिरमौरवासी उनका सम्मान भी करते हैं, लेकिन उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने आज तक सिरमौर जिला या शिलाई विधानसभा क्षेत्र के लिए कौन-सा ठोस और जनहित से जुड़ा कार्य किया है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि ग्रेट खली एक भी ऐसा विकास कार्य या सुविधा बताएं, जो उनके प्रयासों से क्षेत्र को प्राप्त हुई हो! उन्होंने केवल जो कुछ किया है वह सिर्फ अपने आप और अपने परिवार के लिए ही किया है!
ऋषभ शर्मा की ईमानदारी पर सवाल अनुचित
वरिष्ठ नेता प्रदीप चौहान ने तहसीलदार ऋषभ शर्मा का मजबूती से बचाव करते हुए कहा कि वे एक संस्कारी, खानदानी और ईमानदार परिवार से संबंध रखते हैं। उन्होंने कहा कि ऋषभ शर्मा सदैव गरीबों और जरूरतमंदों के हित में खड़े रहे हैं और पांवटा साहिब क्षेत्र में प्रशासनिक स्तर पर हजारों लोगों को जो सुविधाएं मिली हैं, उनमें उनकी भूमिका बेहद सराहनीय रही है।
आपदा के समय चट्टान की तरह खड़े रहे
प्रदीप चौहान ने कहा कि आपदा के कठिन समय में, जब हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे, तब तहसीलदार ऋषभ शर्मा जनता के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे। उन्होंने राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं समय पर लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। बिना किसी ठोस प्रमाण के ऐसे अधिकारी पर आरोप लगाना न केवल गलत है, बल्कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास भी होता है।
दस्तावेज हैं तो प्रशासन को सौंपें
ग्रेट खली को सीधी सलाह देते हुए प्रदीप चौहान ने कहा कि यदि उनके पास अपने आरोपों से जुड़े कोई ठोस दस्तावेज या प्रमाण हैं, तो उन्हें मीडिया में बयानबाज़ी करने के बजाय एसडीएम पांवटा साहिब या उपायुक्त सिरमौर को सौंपना चाहिए था जो इस पूरे मामले की जाँच कर रहे हैं! उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रशासन निश्चित रूप से कार्रवाई करेगा, लेकिन बिना सबूत लगाए गए आरोप स्वीकार्य नहीं हैं।
भाईचारे की अपील, असंयमित भाषा पर आपत्ति
प्रदीप चौहान ने दोनों पक्षों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सिरमौर की संस्कृति में असंयमित और अपमानजनक भाषा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने ग्रेट खली की हालिया प्रेस वार्ता में प्रयुक्त शब्दों वह भाषा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सम्मान अपनी जगह है, लेकिन अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रेट खली एक लोकप्रिय चेहरा हैं, लेकिन इस पहचान का नाजायज लाभ उठाकर किसी ईमानदार अधिकारी की छवि धूमिल करना न तो उचित है और न ही स्वीकार किया जाएगा। आपको यह भी बता दे की इस मामले पर डीसी सिरमौर द्वारा गठित कमेटी जाँच कर रही है लेकिन अभी तक 3 नोटिस जारी होने के बाद भी खली ने उनके सामने पेश होकर अपने वेध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं वह केवल मीडिया में ही एक अधिकारी की छवि को धूमिल करने में लगे हुए हैं और डीसी सिरमौर द्वारा गठित कमेटी पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं!


