Monday, September 28, 2026
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पांवटा साहिब के रामलीला मैदान में मनाया गया उपमंडल स्तरीय 79 वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह

पांवटा साहिब 15 अगस्त- स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पांवटा साहिब के रामलीला मैदान में उपमंडल स्तरीय समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बतौर मुख्यातिथि उपमंडल अधिकारी पाँवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा ने ध्वजा-रोहण कर आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी ली।

इससे पूर्व एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने शहीद स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी गुंजीत चीमा ने संबोधित करते हुए सभी लोगो को 79वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि 1947 के इसी दिन हमारे पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले पर तिरंगा फहराकर देश को आज़ादी का अहसास दिलाया था। उन्होंने कहा यह दिन हमें उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना हमें स्वतंत्र भारत का तोहफ़ा दिया। उन्होंने कहा कि हम अपने वीर सैनिकों और उनके परिवारों को भी सलाम करते हैं, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। उनकी हिम्मत और त्याग के कारण ही हम आज़ादी के साथ सांस ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज, जब हम अपनी आज़ादी के 79वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, यह ज़रूरी है कि हम याद रखें कि हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी एकता है। उन्होंने कहा कि भाषा, धर्म, जाति या क्षेत्र कोई भी हो, हम सभी भारत माता की संतान हैं, हमें इस विविधता को कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी सबसे बड़ी शक्ति बनाना है। उन्होंने कहा कि विकास सरकार की योजनाओं के साथ-साथ हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी से संभव होता है। उन्होंने कहा स्वच्छता अभियान में शामिल होना, पौधारोपण करना, ट्रैफिक नियमों का पालन करना ये छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। जब हर घर और हर मोहल्ला जागरूक होगा, तभी हमारा नगर सच में आदर्श नगर बन पाएगा।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद हमने अंतरिक्ष में चंद्रयान भेजा, खेलों में नए कीर्तिमान बनाए, शिक्षा और उद्योग में नई ऊंचाइयों को छुआ। इन उपलब्धियों में हर शहर, हर गांव और हर व्यक्ति का योगदान है। उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब में भी हम सभी की जिम्मेदारी है कि अपने शहर को और बेहतर बनाएं। उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत उपमंडल कार्यालय में एक विशेष रजिस्टर रखा गया है, जिसमें कोई भी नागरिक अपने या अपने परिवार का योगदान दर्ज कर सकता है ताकि मिलकर विकास की एक सकारात्मक कहानी लिखी जा सकें। उन्होंने कहा कुछ चुनौतियां भी हमारे सामने हैं, जैसे पर्यावरण की रक्षा, स्वच्छता बनाए रखना, यातायात और पार्किंग की समस्या का हल करना, और आपसी भाईचारे को मजबूत करना। उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब, गुरु की नगरी है यहां का माहौल हमेशा प्रेम, एकता और समझदारी का उदाहरण रहा है। उन्होंने सभी से मिल-जुल कर रहने तथा इस परंपरा को और मजबूत बनाने की अपील की।

उन्होंने युवाओं से विशेष आग्रह किया कि अपने सपनों को ऊँचा रखें, लेकिन अपने कर्म को धरातल से जोड़े रखें। उन्होंने कहा युवा तकनीक, शिक्षा और नवाचार के माध्यम से केवल अपना नहीं बल्कि पूरे समाज का भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं। खेल, कला और विज्ञान में जोश और मेहनत से पांवटा साहिब का नाम रोशन करें।उन्होंने कुछ पंक्तियों के माध्यम से सभी को मिल जुलकर रहने का संदेश दिया।“त्याग, सेवा और प्रेम से, बढ़े नगर की शान,पांवटा की धरती पे, खिले अमन के फूल महान।”

इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। मुख्यातिथि द्वारा पांवटा साहिब क्षेत्र में धरातल स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, सामाजिक संगठनों सहित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने मार्चपास्ट तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया।
इस अवसर पर डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर, तहसीलदार ऋषभ शर्मा, असगर अली निदेशक जोगिंद्रा बैंक, नगर पालिका परिषद की अध्यक्षा निर्मल कौर, उपाध्यक्ष ओम प्रकाश कटारिया सहित नगर पालिका परिषद के पार्षद तथा कार्यकारी अधिकारी कंचन बाला, राजेन्द्र तिवारी अध्यक्ष हिमोत्कर्ष जिला सिरमौर, प्रधान व्यपार मण्डल अनिंदर सिह नोटी व विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवम् कर्मचारियों सहित स्थानीय गणमान्य व्यक्ति, स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी तथा विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य तथा अध्यापक मौजूद रहे ।

एनएच 707 पर कच्ची डांग के पास सड़क फिर धसना शुरू

न्यूज़डे नेटवर्क :-पाँवटा साहिब शिलाई एनएच-707 की हालत बरसात में जर्जर हो रही है। सड़क चौड़ीकरण के चलते हल्की बारिश में भी जगह-जगह मलबा गिरने से है घंटों मार्ग बंद हो जाता है , जबकि सतोंन के पास कच्ची ढांक में लगातार धंसान का सिलसिला अब भी जारी है। इस कारण यहां सफर करना लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। वर्ष 2019 और 2020 में भी इसी स्थान पर सड़क ध्वस्त हो चुकी थी, लेकिन विभाग और सरकार कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाई। पड़ाही क्षेत्र में पानी जमा होने और रिसाव की वजह से सड़क का धंसना और तेज हो गया है। वाहन चालकों को रोजाना यहां खतरनाक परिस्थितियों में सफर करना पड़ रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द कार्यवाही कर सड़क को दुरुस्त करने की मांग की है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के 6 पद तथा आंगनवाड़ी सहायिकाओं के 15 पदों पर निकली भर्ती

न्यूज़डे नेटवर्क/पांवटा साहिब, 13 अगस्त। बाल विकास परियोजना अधिकारी पांवटा साहिब संतोष गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के 6 पदों तथा आंगनवाड़ी सहायिकाओं के 15 पद भरे जाने है, जिसके लिए पात्र महिला उम्मीदवार सादे कागज पर वांछित सत्यापित दस्तावेजों सहित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय पांवटा साहिब में 01 सितंबर, 2025 सायं 5.00 बजे तक आवेदन कर सकती हैं।

उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए साक्षात्कार 10 सितंबर 2025 को प्रातः 10.00 बजे उप मण्डल अधिकारी (ना०) पांवटा साहिब के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे। जिसके लिए अभ्यार्थी चयन प्रक्रिया से सम्बन्धित प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों की मूल प्रति सहित व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों। इस सम्वन्ध में अलग से व्यक्तिगत बुलावा पत्र नहीं भेजे जाएंगे और न ही किसी प्रकार का यात्रा भत्ता देय होगा।

बाल विकास परियोजना अधिकारी ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के दुगाना पंचायत में दुगाना-02, कमरउ पंचायत में पारलो सुकारा, सालबाला पंचायत में पुरूवाला, भाटांवाली पंचायत में भाटांवाली-01, मिश्रवाला पंचायत में मिश्रवाला-3 तथा भनेत हल्द्ववाडी पंचायत के भनेत डाबरा सहित 6 पद भरे जाने है। जबकि आंगनवाड़ी सहायिकाओं के भाटांवाली पंचायत में किशनपुरा-01, कठवाड पंचायत में कठवाड-01, कठवाड-02 तथा उधोग, अम्बोया पंचायत में अम्बोया-02, बद्रीपुर पंचायत में बद्रीपुर-01, शिल्ला पंचायत में जाजला, कांडो कांसर पंचायत में डबरोग, बहराल पंचायत में बहराल-01,
कलाथा बढाणा पंचायत में कलाथा-01 व बेलघार, माशू पंचायत में माशू-02, नगरपालिका पांवटा साहिब में बार्ड न0 5-1, रामपुर भारापुर पंचायत में रामपुर-1 तथा सखोली पंचायत के लोहागो सहित 16 पद भरे जाएंगे।

उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका हेतु प्रार्थी की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2 रखी गई है, जबकि उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवार को नियमानुसार अतिरिक्त अंक प्रदान किए जाएंगे, प्रार्थी की आयु 18 से 35 वर्ष, परिवार की वार्षिक आय 50 हजार से अधिक नहीं होनी चाहिए, आवेदक हिमाचल की स्थाई निवासी व उसी आंगनवाड़ी संग्रहण क्षेत्र की सामान्य निवासी होनी चाहिए तथा सम्बन्धित आंगनवाड़ी केन्द्र के सर्वेक्षण रजिस्टर में उसका नाम दर्ज होना चाहिए। इस आशय का प्रमाण- पत्र सम्बन्धित कार्यकर्ता द्वारा जारी व संबंधित पर्यवेक्षक से प्रतिहस्ताक्षरित करवाकर आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत करना होगा।

20 जुलाई को पांवटा साहिब वह शिलाई क्षेत्र में दिनभर बिजली रहेगी बाधित

न्यूज़डे नेटवर्क/पाँवटा साहिब:- हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के पांवटा साहिब मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगामी 20 जुलाई 2025 (रविवार) को पांवटा साहिब सहित आसपास के कई क्षेत्रों में दिनभर बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। वरिष्ठ अधिशासी अभियंता श्री अंशुल ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि 220 केवी गिरिनगर विद्युत गृह में आपातकालीन कार्य के लिए शटडाउन प्रस्तावित किया गया है। इस कारण प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी।

इस शटडाउन के चलते 132/11 केवी गोंदपुर (औद्योगिक क्षेत्र, बातामंडी, पालियों क्षेत्र) तथा 33 केवी फीडर बद्रीपुर, पुरुवाला, सतौन, शिल्लाई, रामपुरघाट, पांवटा साहिब लाइन के अतिरिक्त 33 केवी धौलाकुआं, जगतपुर एवं गिरी पांवटा लाइन क्षेत्रों में बिजली बंद रहेगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शटडाउन की यह प्रक्रिया मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी। यदि मौसम प्रतिकूल रहा तो कार्य को स्थगित किया जा सकता है। आमजन से इस असुविधा के लिए सहयोग की अपील की गई है।

काबिलियत को बस एक मौके की जरूरत होती है, फिर वह इतिहास रच देती है” — यह कहावत एचआरटीसी के परिचालक व पांवटा साहिब बस अड्डा प्रभारी प्रेम ठाकुर पर पूरी तरह सटीक बैठती है।

काबिलियत को मौके की ज़रूरत होती है, फिर वह पीछे मुड़कर नहीं देखती” — यह कहावत एचआरटीसी के परिचालक एवं पांवटा साहिब बस अड्डे के प्रभारी प्रेम ठाकुर पर अक्षरशः चरितार्थ होती है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जब उन्हें बस अड्डा प्रभारी की ज़िम्मेदारी सौंपी गई, तब यह जिम्मा सिर्फ एक पदभार नहीं, बल्कि एक चुनौती थी। एक ऐसे परिसर की देखरेख, जिसका कानूनी अस्तित्व ही संदेह में था — यह किसी के लिए भी टालने लायक बात हो सकती थी। लेकिन प्रेम ठाकुर ने इसे अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए इस विषय को गहराई से खंगालने का निश्चय किया।

ज़मीन की पड़ताल से लेकर रजिस्ट्री तक – एक लंबा संघर्ष

उनकी पड़ताल में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पांवटा साहिब बस अड्डा जिस भूमि पर वर्षों से संचालित हो रहा था, वह एचआरटीसी की स्वामित्व में थी ही नहीं। निगम के पास न तो वैध दस्तावेज़ थे और न ही रजिस्ट्री। यह स्थिति भविष्य में निगम के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकती थी। परिचालक के सीमित अधिकारों के बावजूद, प्रेम ठाकुर ने निजी स्तर पर आगे बढ़कर इस मामले की तह तक जाने का निर्णय लिया।

उन्होंने अपने खर्चे पर:
• पटवारी, कानूनगो, और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाए,
• पुराने दस्तावेज़ों की खोजबीन की,
• ज़मीन की निशानदेही (Demarcation) करवाई,
• और अंततः विधिवत रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करवाई।

एक कर्मचारी का दूरदर्शी योगदान

यह न केवल कानूनी प्रक्रिया थी, बल्कि एचआरटीसी की स्थायी संपत्ति को संरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। निगम को मिली यह संपत्ति अब न केवल उनके संचालन के लिए सुरक्षित है, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार के निजी दावों या विवादों से भी मुक्त है।

प्रशासनिक कार्यशैली भी मिसाल

सिर्फ कागज़ी कार्रवाई ही नहीं, प्रेम ठाकुर की कार्यशैली में अनुशासन, समय पालन और कर्मचारियों के साथ समन्वय भी उल्लेखनीय रहा है।

उन्होंने अड्डा संचालन में: • समयबद्ध गाड़ियों की आवाजाही सुनिश्चित की,
• स्वच्छता और यात्री सुविधाओं में सुधार लाया,
• और यात्रियों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया।

एक मिसाल, जो प्रेरित करती है

प्रेम ठाकुर जैसे कर्मचारी यह सिद्ध करते हैं कि सरकारी तंत्र में भी ईमानदारी, मेहनत और दूरदर्शिता से बदलाव संभव है। वे न केवल एचआरटीसी के लिए एक पूंजी हैं, बल्कि हर उस युवा के लिए प्रेरणा हैं जो सिर्फ नौकरी नहीं, योगदान देना चाहता है।

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