Monday, September 28, 2026
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गिरिपार क्षेत्र के भटनोल गांव के कल्याण ठाकुर को मिली सब इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति..

शिलाई: गिरिपार क्षेत्र शिलाई के भटनोल गांव निवासी कल्याण ठाकुर ने कड़ी मेहनत और लगन से पुलिस विभाग में नया मुकाम हासिल किया है। हाल ही में उन्हें सब-इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति मिली। इस अवसर पर शिमला के एसएसपी संजीव गांधी ने उनके कंधों पर अतिरिक्त स्टार लगाकर सम्मानित किया।

संघर्षों से भरा बचपन

कल्याण ठाकुर का बचपन साधारण परिवेश और काफ़ी संघर्षों में बीता। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा और करियर में कभी समझौता नहीं किया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शिलाई से हुई। पढ़ाई के साथ ही वे शुरू से ही खेलों में अग्रिम थे। वह अनुशासित और मेहनती स्वभाव के रहे, जिसने उन्हें पुलिस विभाग तक पहुँचने की प्रेरणा दी।

पुलिस सेवा की शुरुआत

कल्याण ठाकुर वर्ष 1991-92 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए। शुरुआती दौर में उन्होंने कई क्षेत्रों में सेवाएँ दीं, लेकिन उनकी असली पहचान साइबर क्राइम विभाग में बनी। यहाँ उन्होंने कई जटिल और पेचीदा मामलों को सुलझाया और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। जिसके लिए हिमाचल के डीजीपी द्वारा उन्हें डीजीपी डिस्क अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही वे आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने में भी सक्रिय रहे।

परिवार और क्षेत्र का गौरव

कल्याण चौहान के छोटे भाई जेपी ठाकुर भी पुलिस विभाग में सेवाएँ दे रहे हैं। दोनों भाइयों का पुलिस सेवा में योगदान क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। भटनोल जैसे छोटे से गाँव से निकलकर पुलिस विभाग में यह उपलब्धि हासिल करना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

कल्याण ठाकुर का कहना है कि यह सफलता केवल उनकी नहीं बल्कि पूरे विभाग, परिवार और क्षेत्र की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से जनता की सेवा करते रहेंगे और समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

विकास खंड शिलाई की ग्राम पंचायत मिल्लाह की प्रधान को पद से हटाने के आदेश डीसी सिरमौर ने किए जारी

शिलाई : उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने विकास खंड शिलाई की ग्राम पंचायत मिल्लाह की प्रधान देबो देवी को कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने का दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही उन्हें छह वर्ष की अवधि तक पंचायत पदाधिकारी के रूप में निर्वाचित होने के लिए अयोग्य भी घोषित किया गया है।

उपायुक्त ने आदेश दिए हैं कि प्रधान द्वारा दुरुपयोग की गई ₹4,70,471 की धनराशि तुरंत पंचायत निधि खाते में जमा करवाई जाए। इसके अलावा ग्राम पंचायत मिल्लाह की नकद राशि, अभिलेख, स्टोर/स्टॉक का सामान व प्रधान पद की मोहर भी तत्काल पंचायत सचिव को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

सिरमौर एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी ने किया श्रेष्ठ शिक्षकों व छात्रों का सम्मान

पांवटा साहिब। सिरमौर एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर द स्कॉलर्स होम स्कूल में भव्य समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि एस.डी.एम. पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा रहे, जबकि विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, निदेशक व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद 15 शिक्षकों को श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से नवाजा गया। सम्मानित शिक्षकों में रीता देवी, सुरक्षा, शिखा बंसल, शैलजा कुमारी, मीनाक्षी सैनी, रीना शर्मा, रविंदर कौर रैना, अंकिता शर्मा, स्वाति, अनिरुद्ध पराशर, जितेन्द्र कौर, अनीता नोडियाल, अनीता देवी, शीतल चौधरी और आंचल शामिल रहे।

इसी प्रकार विभिन्न विद्यालयों के 24 मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। अंत में समिति अध्यक्ष नत्थी मल वर्मा ने सभी का धन्यवाद किया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान से हुआ।

पांवटा साहिब अस्पताल में लगेगी नई सीटी स्कैन व फेको मशीन, कांग्रेस नेता मनीष तोमर ने जताया आभार

पांवटा साहिब। स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ी राहत मिलने वाली है। अब सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में भी अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन और फेको मशीन उपलब्ध होंगी। मशीनें स्थापित होने के बाद मरीजों को जांच और उपचार के लिए बड़े अस्पतालों या अन्य जिलों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में हाल ही में उच्च स्तरीय क्रय समिति की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश के 34 स्वास्थ्य संस्थानों के लिए नई सीटी स्कैन मशीनें खरीदने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने बताया कि खरीद प्रक्रिया अगले तीन महीनों में पूरी कर दी जाएगी और दिसंबर तक प्रदेश की जनता को इन सेवाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

सीटी स्कैन मशीनें पांवटा साहिब, राजगढ़, नालागढ़, मंडी, बिलासपुर, कुल्लू, सोलन, ऊना सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख अस्पतालों में लगाई जाएंगी। इनके स्थापित होने से मरीजों को निकटवर्ती स्थानों पर ही आधुनिक और विश्वसनीय जांच सुविधाएं मिल सकेंगी।

इसके साथ ही आंखों की सर्जरी के लिए पांच फेको मशीनें भी खरीदी गई हैं। इनमें से एक मशीन पांवटा साहिब अस्पताल में लगाई जाएगी। यह सुविधा उपलब्ध होने से मोतियाबिंद सहित आंखों के कई रोगों का उपचार अब यहीं स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा।
भेला पंचायत के प्रधान व स्थानीय कांग्रेस नेता मनीष तोमर ने कहा कि पांवटा साहिब अस्पताल को अत्याधुनिक सीटी स्कैन और फेको मशीन मिलने से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस सुविधा के लिए उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री वह उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपदा-प्रभावित प्रदेश की आर्थिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, बावजूद इसके प्रदेश सरकार जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि नई मशीनों के लगने से क्षेत्र के मरीजों को अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नजदीक ही मिलेंगी और उन्हें बाहरी राज्यों या बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

नेशनल हाईवे की गुणवत्ता पर समाजसेवी नाथू राम चौहान का बड़ा बयान

कपिल शर्मा/पांवटा साहिब। समाजसेवी नाथू राम चौहान ने पांवटा साहिब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान नेशनल हाईवे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से यह मुद्दा उठाते आ रहे हैं कि राजमार्ग परियोजनाओं में सलाहकार (कंसल्टेंट) ही सबसे बड़ी कड़ी कमजोरी साबित हो रहे हैं।

नाथू राम चौहान ने कहा, “मैं लगातार कहता आया हूँ कि सलाहकार ही चोर है। सड़क निर्माण की योजनाओं को जमीनी हकीकत को समझे बिना तैयार किया जाता है। इस वजह से करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कें टिकाऊ और सुरक्षित नहीं बन पातीं।”

प्रेस वार्ता के दौरान नाथू राम चौहान ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का एक वीडियो क्लिप भी चलाया। उसमें गडकरी स्वयं यह स्वीकार करते दिखाई दिए कि नेशनल हाईवे की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने वाली कंपनियां और अधिकारी अक्सर घरों में बैठकर नक्शों की मदद से कागज़ी रिपोर्ट बना देते हैं। उन्हें ग्राउंड लेवल पर क्या स्थिति है, इसकी जानकारी ही नहीं होती। मंत्री के अनुसार, यही वजह है कि कई परियोजनाएं नाकाम हो जाती हैं।

नाथू राम चौहान ने कहा कि यह केवल उनका निजी आरोप नहीं है बल्कि अब खुद देश के परिवहन मंत्री ने भी इसे स्वीकार किया है। उन्होंने याद दिलाया कि यह मुद्दा उन्होंने आज पहली बार नहीं उठाया। “मैंने 7 मार्च 2022 को मंडी में भी यही बात सार्वजनिक रूप से कही थी। आज वही बात केंद्रीय मंत्री गडकरी जी भी कह रहे हैं। इससे साफ है कि मेरी आशंका सही थी कि हाईवे निर्माण की असफलता की जड़ में सलाहकार और उनकी कार्यप्रणाली है।”

नाथू राम चौहान बताया कि नेशनल हाईवे जैसी अहम परियोजनाओं में अगर शुरुआत से ही सही सर्वे और जमीनी अध्ययन हो तो न केवल सड़कें मजबूत बन सकती हैं बल्कि जनता का समय, धन और जान—तीनों सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसी लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में जनता की गाढ़ी कमाई व्यर्थ न जाए।

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