पांवटा साहिब, 14 जून (कपिल शर्मा): शहर में निर्धारित समय से पहले प्रवेश कर रहे भारी ट्रालों के खिलाफ स्थानीय युवाओं का गुस्सा शनिवार देर रात विश्वकर्मा चौक पर फूट पड़ा। ट्रालों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था को लेकर नाराज युवाओं ने करीब दो घंटे तक चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने सड़क अवरुद्ध कर यातायात बाधित करने के आरोप में संयम गुप्ता सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार स्थानीय युवाओं का आरोप था कि भारी वाहन तय नो-एंट्री समय से पहले शहर में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे शहर में जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई ट्राले बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनकी पहचान करना मुश्किल होता है।
देवीनगर निवासी संयम गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि रात करीब 9:58 बजे विश्वकर्मा चौक के पास एक ट्राला निर्धारित समय से पहले शहर में प्रवेश कर गया। जब उसे रोकने का प्रयास किया गया तो चालक ने वाहन की गति कम करने के बजाय और बढ़ा दी तथा लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसे कुचलने का प्रयास किया। हालांकि वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद युवाओं में भारी रोष फैल गया और उन्होंने ट्रालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विरोध प्रदर्शन के चलते भूपपुर से विश्वकर्मा चौक तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और नाहन-पांवटा मार्ग, विश्वकर्मा चौक-रामपुरघाट मार्ग तथा विश्वकर्मा-कुल्हाल मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देर रात डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने मौके पर कई ट्रालों के चालान भी किए। इसके बाद रात करीब एक बजे जाम समाप्त हुआ और यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी।
उधर, पुलिस ने इस मामले में सड़क जाम कर सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में संयम गुप्ता, हिमांशु और 15 से 20 अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि अधिकारियों द्वारा कई बार समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। एसपी सिरमौर एन.एस. नेगी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शहर में भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से निगरानी रखने और नो-एंट्री नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।


