डेस्क, 23 जनवरी (कपिल शर्मा) : गिरीपार क्षेत्र के शिलाई विधानसभा क्षेत्र में काफ़ी वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हुई बर्फ़बारी से पूरे इलाके में उत्साह और खुशी का माहौल है। अचानक बदले मौसम ने जहां पहाड़ी क्षेत्रों को बर्फ़ की सफ़ेद चादर से ढक दिया, वहीं किसानों, बागवानों और स्थानीय लोगों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। इस प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने के लिए पाँवटा साहिब वह विकासनगर से पर्यटकों का भी एकाएक क्षेत्र में आगमन बढ़ गया है।
शिलाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शिलाई, कफोटा, तिलोरधार, टटियाना, नैनीधार सहित ऊँचाई वाले इलाक़ों में काफ़ी वर्षों बाद इस तरह की व्यापक बर्फ़बारी देखने को मिली है। सुबह से शुरू हुई बर्फ़बारी शाम तक जारी रही, जिससे पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया। ऊँचाई वाले गांवों में बर्फ़ की मोटी परत जमने से दृश्य अत्यंत मनोहारी हो गया है।
किसानों और बागवानों का कहना है कि यह बर्फ़बारी रबी फसलों और बाग़वानी के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। बर्फ़ के पिघलने से भूमि में नमी बनी रहेगी, जिससे गेहूं, जौ, मटर सहित अन्य फसलों को लाभ मिलेगा। वहीं सेब, आड़ू, खुबानी और अन्य फलों के लिए भी यह बर्फ़बारी संजीवनी के समान मानी जा रही है।
बर्फ़बारी के बाद क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही में अचानक वृद्धि हुई है। शिलाई, तिलोरधार और नैनीधार जैसे इलाक़ों में पर्यटक बर्फ़बारी का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय होटल व्यवसायियों, ढाबा संचालकों और छोटे व्यापारियों को भी इससे आर्थिक लाभ की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के पर्यटन व्यवसाय को नई गति मिलने की संभावना है। हालांकि, बर्फ़बारी के चलते कुछ ऊँचाई वाले इलाक़ों में यातायात प्रभावित हुआ है। एनएच 707 वह कई ग्रामीण सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है! कुल मिलाकर, वर्षों बाद हुई इस बर्फ़बारी ने शिलाई विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ कृषि, बाग़वानी और पर्यटन के लिए सकारात्मक संदेश दिया है। स्थानीय लोग इसे आने वाले समय के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं।


