शिमला (न्यूज़डे नेटवर्क): प्रदेश और पंजाब के बीच एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल सुझझने की दिशा में जाता हुआ नजर आ रहा है. पंजाब सरकार के कड़े एतराज और सीमावर्ती इलाकों में विरोध प्रदर्शनों के बाद हिमाचल सरकार सोमवार को बैकफुट पर नजर आई. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के आदेशों पर आबकारी एवं कराधान विभाग नई दरों में कटौती के कार्य में जुट गया है.सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बातचीत कर इस मुद्दे को सुलझाने की पहल की है. कैबिनेट बैठक में भी इस पूरे मसले पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद सरकार ने एंट्री टैक्स के फैसले पर पुनर्विचार की बात में कही है. मुख्यमंत्री ने ही आबकारी और कराधान विभाग को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की दोबारा समीक्षा कर रिपोर्ट पेश की जाए. ऐसे में अब पंजाब से हिमाचल में एंट्री टैक्स की दरें कम की जाएंगी.
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू कह चुके हैं कि पंजाब के साथ लगते क्षेत्रों और वहां के लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार समाधान निकाल रही है, कुछ वाहनों की दरों पर भी पुनर्विचार होगा. नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा है.दरअसल, सबसे ज्यादा विरोध छोटे वाहनों का टैक्स 70 रुपये से बढ़ाकर 170 किए जाने का विरोध है. व्यावसायिक वाहनों पर भी भारी भरकम बढ़ोतरी की गई है, नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होनी हैं. सुक्खू सरकार प्रवेश द्वारों पर वाहनों की एंट्री के लिए अब फास्टैग से वसूली का निर्णय लिया है, इसके लिए एनएचएआई के नियमों की पालना की जाएगी.
सरकार ने व्यावसायिक वाहनों की बात करें तो अब 6 से 12 सीट वाले यात्री वाहनों को 130 रुपये और 12 से अधिक वाले वाहनों को 200 रुपये देने होंगे. बड़े मालवाहक वाहनों का 720 की जगह 900 रुपये, निर्माण कार्य की मशीनरी ले जाने वाले वाहनों का 570 की जगह 800 रुपये शुल्क देना पड़ेगा. दूसरे राज्यों के नंबर वाले भारी मालवाहक गाड़ियों के साथ हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत इन वाहनों से भी यह शुल्क वसूला जाएगा. प्रदेश के मालवाहक वाहनों को प्रवेश शुल्क में छूट नहीं दी गई है. व्यावसायिक वाहनों से 320 की जगह 600 रुपये, 32 सीटर मिनी बस के 180 की जगह 320, डबल एक्सेल बस और ट्रक के 570 रुपये, ट्रैक्टर के 100 रुपये और रिक्शा के प्रवेश के 30 रुपये लगेंगे. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय किए प्रवेश शुल्क के आधार पर ही त्रैमासिक और सालाना पास बनाए जाएंगे.


