पांवटा साहिब, 8 जनवरी (न्यूज़डे नेटवर्क): प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश की महिलाओं को एचआरटीसी बसों में यात्रा के दौरान दी जा रही 50 प्रतिशत किराया छूट की सुविधा अब 31 जनवरी के बाद सीमित कर दी जाएगी। सरकार के नए निर्देशों के अनुसार अब यह छूट केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगी, जिनके पास हिम कार्ड होगा। जिन महिलाओं ने अभी तक हिम कार्ड नहीं बनवाया है, उन्हें एचआरटीसी बसों में पूरा किराया अदा करना पड़ेगा। इस निर्णय के बाद पांवटा साहिब और शिलाई विधानसभा क्षेत्रों सहित ग्रामीण इलाकों की महिलाओं में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि हिम कार्ड बनवाने की प्रक्रिया जमीनी स्तर पर आसान नहीं है। महिलाओं सुनीता देवी, हेमलता, आशा देवी, गुमानी देवी, प्रियंका, मोनिका सहित अन्य ने बताया कि हिम कार्ड के लिए पहले ऑनलाइन पंजीकरण करना अनिवार्य है, जबकि कई महिलाएं आज भी डिजिटल प्रक्रिया से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। कई बार नेटवर्क की समस्या और तकनीकी दिक्कतों के कारण पंजीकरण नहीं हो पाता। महिलाओं ने यह भी बताया कि ऑनलाइन आवेदन के बाद हिम कार्ड प्राप्त करने के लिए नाहन जाना पड़ता है, जो पांवटा साहिब और शिलाई जैसे दूरदराज क्षेत्रों से आने-जाने में समय और अतिरिक्त खर्च बढ़ा देता है। बस किराया, भोजन और पूरे दिन का समय लगने से कई महिलाओं के लिए यह प्रक्रिया बोझिल हो जाती है, खासकर उन महिलाओं के लिए जो दिहाड़ी मजदूरी या घरेलू कार्यों पर निर्भर हैं।
महिलाओं का कहना है कि सरकार की मंशा भले ही महिलाओं को सुविधा देने की हो, लेकिन यदि प्रक्रिया सरल नहीं बनाई गई तो कई जरूरतमंद महिलाएं इस योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगी। उन्होंने एचआरटीसी प्रशासन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि हिम कार्ड बनवाने और वितरण की सुविधा सभी बस स्टैंडों, उप-मंडल स्तर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपलब्ध करवाई जाए। इसके अलावा मोबाइल कैंप लगाकर हिम कार्ड बनाए जाने की व्यवस्था करने की भी मांग उठाई गई है। महिलाओं ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी समस्याओं को समझते हुए जल्द ही इस प्रक्रिया को सरल बनाएगी, ताकि प्रदेश की हर महिला बिना किसी परेशानी के एचआरटीसी बसों में मिलने वाली किराया छूट का लाभ उठा सके।


