पाँवटा साहिब, 1 फ़रवरी (न्यूज़डे नेटवर्क): शिलाई विधानसभा क्षेत्र को स्पोर्ट्स हॉस्टल की अधिसूचना जारी होते ही कांग्रेस और भाजपा के बीच श्रेय लेने की राजनीति तेज हो गई है। दोनों ही दल इस उपलब्धि को अपने-अपने प्रयासों का परिणाम बता रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिलाई को स्पोर्ट्स हॉस्टल मिलना राज्य सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति का हिस्सा है। कांग्रेस के अनुसार उद्योग मंत्री एवं स्थानीय विधायक हर्षवर्धन चौहान के निरंतर प्रयासों से यह योजना साकार हुई है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के दावों को खारिज करते हुए इसे पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की देन बताया है। शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से कहा कि शिलाई विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (GSSS) शिलाई में स्पोर्ट्स हॉस्टल प्रारंभ किए जाने की अधिसूचना क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि इस स्पोर्ट्स हॉस्टल का प्रस्ताव वर्ष 2021 में तत्कालीन भाजपा सरकार के कार्यकाल में तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्तमान में जारी की गई अधिसूचना उसी स्वीकृत प्रस्ताव की प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। भाजपा नेता ने कहा कि यह स्पोर्ट्स हॉस्टल क्षेत्र के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण, अनुशासन और प्रतिभा को निखारने का सशक्त मंच प्रदान करेगा। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
इधर, शिलाई कांग्रेस के नेताओं ने बलदेव तोमर के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस परियोजना को पूर्व विधायक केंद्र सरकार से स्वीकृत बता रहे हैं, वह वास्तव में हिमाचल प्रदेश सरकार की योजना है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि भाजपा वास्तव में इस परियोजना को लेकर गंभीर थी तो अपने कार्यकाल में इसे धरातल पर उतारती। अब केवल श्रेय लेने के उद्देश्य से बयानबाजी की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इस छात्रावास और खेल मैदान की मांग विधायक हर्षवर्धन चौहान द्वारा रखी गई थी, जिस पर राज्य सरकार ने स्वीकृति प्रदान की है। विभाग की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें हॉस्टल खोले जाने के लिए स्थान और भवन उपलब्ध करवाकर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।


