पांवटा साहिब, 24 मार्च (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब के पुरुवाला क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर खेल मैदान बनाने के आरोप लग रहे हैं । श्री पांवटा साहिब विकास मंच ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप और जांच की मांग उठाई है। पांवटा साहिब विकास मंच द्वारा वन मंडलाधिकारी को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि तिब्बती सोसाइटी द्वारा करीब 15 बीघा वन भूमि पर बिना किसी अनुमति के खेल मैदान तैयार किया गया है, पत्र में आरोप लगाया गया है की तिब्बती समुदाय के लोगों द्वारा स्थानीय युवाओं को बाहरी बता कर उन्हें खेलने की इजाज़त नहीं दी जाती है जिससे विवाद हो गया है और पूरे मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है।
मंच का कहना है कि यह खेल मैदान क्षेत्र की लगभग 15 से 18 पंचायतों के युवाओं, विशेषकर क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। लेकिन तिब्बती सोसाइटी द्वारा स्थानीय युवाओं को “बाहरी” बताकर मैदान में खेलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे युवाओं में भारी रोष व्याप्त है।
विकास मंच ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका तिब्बती समुदाय से किसी प्रकार का कोई विरोध या मतभेद नहीं है और वे उनके शांतिप्रिय एवं अनुशासित जीवन का सम्मान करते हैं। लेकिन सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर स्थानीय युवाओं को ही उससे वंचित रखना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
विकास मंच के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने वन विभाग से मांग की है कि जमीन की डिमार्केशन करवाई जाए और यह मैदान स्थानीय लोगों के लिए खोला जाए ताकि इस मैदान में स्थानीय युवा भी खेल सकें उन्होंने आगे कहा की इस मैदान का हक लेने के लिए यदि आंदोलन का रास्ता भी अपनाना पड़े तो हम वो भी करेंगे! वही इस मामले पर जब डीएफओ पांवटा साहिब वेद प्रकाश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास शिकायत आई है और आरओ को बोल कर जांच करवाई जाएगी कि मैदान किसकी जमीन पर बना है जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी!


