पांवटा साहिब: हिमाचल के सिरमौर जिला अंतर्गत पांवटा साहिब के औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार शाम एक फैक्ट्री में गैस रिसाव की घटना से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार एक रासायनिक इकाई में स्टोरेज टैंक से ‘मिथाइल डाइक्लोराइड’ गैस का रिसाव हो गया, जिसकी चपेट में आकर आठ कर्मचारी प्रभावित हो गए। सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि छह का उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटना शाम करीब चार बजे के बाद हुई। संबंधित कंपनी तीरुपति लाइफ साइंसेज के प्लांट में अचानक गैस लीक होने से काम कर रहे कर्मचारियों को चक्कर, घबराहट और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई। फैक्ट्री प्रबंधन ने तुरंत आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू करते हुए प्रभावित कर्मचारियों को बाहर निकाला और अस्पताल भिजवाया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार अधिकांश कर्मचारियों की हालत स्थिर बताई जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि गैस के प्रभाव से आंखों में जलन, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। एहतियात के तौर पर सभी प्रभावितों को निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है।
क्या है ‘मिथाइल डाइक्लोराइड’ गैस?
मिथाइल डाइक्लोराइड एक रंगहीन और अत्यधिक वाष्पशील रासायनिक पदार्थ है, जिसका उपयोग औद्योगिक प्रक्रियाओं में सॉल्वेंट के रूप में किया जाता है। इसकी अधिक मात्रा में सांस के जरिए शरीर में जाने पर तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बंद स्थान में गैस का रिसाव गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है, इसलिए उद्योगों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन आवश्यक है।


