पांवटा साहिब, (न्यूज़डे नेटवर्क): पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस सेवा की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब 9 बजे शिलाई विधानसभा क्षेत्र के कमराऊ निवासी एक महिला को प्रसव पीड़ा के चलते पांवटा साहिब अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने महिला के प्रसव को गंभीर बताते हुए उसे मेडिकल कॉलेज नाहन के लिए तुरंत रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद 108 एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल की गई, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बावजूद कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाई गई। जबकि इस दौरान अस्पताल परिसर के बाहर दो एंबुलेंस खड़ी थीं।

परंतु फिर भी 108 एंबुलेंस सेवा केंद्र से उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई जबकि वहाँ खड़ी एंबुलेंस के कर्मचारियों ने यह कहकर मना कर दिया कि “ऊपर से कॉल आने के बाद ही वे जा सकते हैं।” स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजन आनन-फानन में महिला को निजी वाहन से नाहन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। गनीमत रही कि समय रहते महिला को उपचार मिल गया। इस घटना ने 108 एंबुलेंस जैसी महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि यदि आपात स्थिति में भी एंबुलेंस सेवा समय पर उपलब्ध न हो, तो ऐसी सरकारी सुविधा का आम जनता को क्या लाभ मिल पा रहा है। परिजनों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी दर्ज करवाई है!


