पांवटा साहिब, 17 मार्च (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के आंज-भोज इलाके के गांव डांडा व कालाअम्ब में पेयजल संकट ने एक बार फिर गंभीर रूप धारण कर लिया है। समस्या से परेशान ग्रामीण महिलाओं ने आज जल शक्ति विभाग के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए विभाग को एक महीने का अल्टीमेटम दिया और विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं कविता, मित्रा, सीता, कांता, सुमन, अनीता, पूनम, ममता और गुलाबी देवी ने बताया कि अभी गर्मियों का मौसम पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन गांव में पेयजल की किल्लत ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। महिलाओं ने कहा कि हर वर्ष गर्मियों के आते ही यही समस्या विकराल रूप ले लेती है, जिससे घर-गृहस्थी का कामकाज बुरी तरह प्रभावित होता है और उन्हें दूर-दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ता है। महिलाओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जलापूर्ति के लिए लगाए गए पंप की मोटर बार-बार खराब हो जाती है, लेकिन विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय हर बार पुरानी मोटर को ही अस्थायी रूप से ठीक कर देता है। इससे समस्या का जड़ से समाधान नहीं हो पा रहा और ग्रामीणों को बार-बार उसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगी। उन्होंने विभाग से मांग की कि नई और बेहतर क्षमता वाली मोटर जल्द से जल्द लगाई जाए तथा जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
इस संबंध में जल शक्ति विभाग के एसडीओ परविंदर सिंह ने बताया कि रविवार को पंप खराब होने के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है। उन्होंने कहा कि खराब पंप को मरम्मत के लिए भेज दिया गया है और जल्द ही पानी की सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए नए पंप का एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है, जिसे स्वीकृति मिलते ही स्थापित किया जाएगा, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


