पांवटा साहिब, 25 मार्च (कपिल शर्मा): उपमंडल पांवटा साहिब में इन दिनों दो परिवार ऐसे सामने आए हैं, जो अपनों की जिंदगी बचाने के लिए हर दिन संघर्ष कर रहे हैं। एक ओर 42 वर्षीय जितेंद्र कुमार कैंसर से जूझ रहे हैं, तो दूसरी ओर घोरखुवाला की 21 वर्षीय पायल गंभीर बीमारी से जिंदगी की जंग लड़ रही है। दोनों ही मामलों में आर्थिक तंगी सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। बातामंडी निवासी जितेंद्र कुमार, जो कभी एक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में अपने परिवार का सहारा थे, आज मुँह के कैंसर से जूझ रहे हैं। उनके परिवार में बूढ़े माता-पिता और 15 महीने का एक मासूम बच्चा है। घर की पूरी जिम्मेदारी जितेंद्र पर ही थी, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि पूरा परिवार अनिश्चितता और डर के साये में जी रहा है।
इस कठिन समय में पांवटा साहिब की सामाजिक संस्था जिंदगी रिटर्न्स जितेंद्र के साथ मजबूती से खड़ी है। संस्था के अध्यक्ष संजीव ने प्रेस वार्ता में बताया कि स्थानीय लोगों के सहयोग से अब तक करीब 1.5 लाख रुपये की सहायता जुटाई जा चुकी है और इलाज के बाद जितेंद्र की हालत में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन अंतिम कीमोथेरेपी और संभावित सर्जरी अभी बाकी है। डॉक्टरों के अनुसार कुल इलाज में 4 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है। वहीं, घोरखुवाला की रहने वाली 21 वर्षीय पायल भी जिंदगी की कठिन परीक्षा से गुजर रही है। पायल फेफड़ों और किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित है और उसे प्रतिदिन 6 ऑक्सीजन सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ रही है। अब तक परिवार लगभग 10 लाख रुपये इलाज पर खर्च कर चुका है। पायल के पिता गोपाल सिंह, जो पेशे से ट्रैक्टर चालक हैं, पिछले दो महीनों से काम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है। घर में दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी भी है, जिससे हालात और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। इस मामले में समाजसेवी और मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने भी आगे आकर सभी सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता से आर्थिक सहायता की अपील की है।


