पांवटा साहिब, 8 अप्रैल (कपिल शर्मा): पांवटा साहिब की एक अदालत ने अवैध दवाओं की खरीद-फरोख्त के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए एक दोषी को सलाखों के पीछे भेज दिया है। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश कपिल शर्मा की अदालत ने आरोपी सुखदास पुत्र हरि सिंह को एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए 4 साल की कैद और 25,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सहायक जिला न्यायावादी जतिन्द्र शर्मा ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 5 जुलाई 2018 को ड्रग इंस्पेक्टर को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने कोलर स्थित ‘अनुभव हेल्थ केयर सेंटर’ नामक दुकान पर दबिश दी। इस दौरान वहां काउंटर पर सुखदास (निवासी सहारनपुर, यू.पी.) मौजूद था दुकान की तलाशी लेने पर वहां भारी मात्रा में अवैध दवाइयां बरामद हुई थीं। जब आरोपी से इन दवाओं से संबंधित परमिट या वैध लाइसेंस मांगा गया, तो वह कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर एन.डी.पी.एस. एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलों को पुख्ता करने के लिए अदालत में 13 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए। सरकारी वकील जतिन्द्र शर्मा की पैरवी और एच.सी. खजान सिंह द्वारा की गई सटीक तफ्तीश के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।


